Author :

  • लघुकथा – वर्जित

    लघुकथा – वर्जित

    युगों बाद युगल धरती की ओर आया था। स्त्री- ये कीड़े मकोड़े से क्या दिख रहे? एक दूसरे को मारते-काटते। पुरुष- हमारी संतान। स्त्री- नहीं ऐसा नहीं हो सकता।हमारी सन्तान में इतना काम, क्रोध, नफरत? पुरुष-...


  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    यार बनके जो भूल जाते हैं। बाख़ुदा याद रोज आते हैं। कोई वादा नहीं हुआ फिर भी। राह में फूल हम बिछाते हैं। आख़िरी ख़्वाब आख़िरी चाहत। दफ़्न सीने में गुनगुनाते हैं। वो नदी की तरह...

  • दीक्षांत समारोह

    दीक्षांत समारोह

    28 जनवरी, आबूरोड, शांतिवन में अन्नामलाई विश्वविद्यालय द्वारा दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें देश के सभी राज्यों के विद्यर्थियों को डिग्री देकर सम्मानित किया गया। लखनऊ की निवेदिता श्रीवास्तव को परास्नातक (मूल्य व...


  • काव्यगोष्ठी

    काव्यगोष्ठी

    12 जनवरी,2017 दिन गुरुवार, अपराह्न 2 बजे से विश्वपुस्तक मेला प्रांगण, प्रगति मैदान के लेखक मंच से “काव्या सतत साहित्य यात्रा” समूह की काव्यगोष्ठी में मंचासीन अध्यक्ष अहिन्दी भाषी लेखक संघ के अध्यक्ष, लेखक, गीतकार सुरजीत...

  • हिंदी

    हिंदी

    पहली बार जो बोला,वो हिंदी का आखर है। हिंदी मेरी मातृभाषा,हिंदी में सिद्धस्त हैं।। पढ़ लिख बाबू बने,अंग्रेजी भाषा सीखी। मातृभाषा भूल गयी,गुलामी से ग्रस्त हैं।। घर में तो हिंदी बोलूं,बाहर विदेशी भाषा। दो दो चेहरे...

  • काव्यगोष्ठी

    काव्यगोष्ठी

    5 सितम्बर,शिक्षक दिवस के पुनीत अवसर पर “काव्या” सतत साहित्य यात्रा समूह ने अपनी द्वितीय वर्षगांठ के उपलक्ष्य में काव्यगोष्ठी आयोजित की।जिसके अध्यक्ष आदरणीय ओम नीरव जी ,मुख्य अतिथि डॉ उषा सिन्हा जी,विशिष्ट अतिथि ईश्वरीय विश्वविद्यालय...


  • काव्यगोष्ठी

    काव्यगोष्ठी

    70 वें भारतीय स्वतंत्रता दिवस दिनांक १५ अगस्त २०१६ दिन सोमवार को काव्या साहित्यिक समूह की ओर से एक स्वाधीनता काव्य गोष्ठी का आयोजन सायं ५ बजे स्थान,काव्या कार्यालय, ५/२३४ विपुल खंड गोमती नगर ,लखनऊ में...