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  • मेहमान

    मेहमान

    घर आये थे मेहमान बनकर  मेरे दिल मे बस गये अरमान बनकर  पूजती रही मैं  उनको एक  देवता समझकर  हमे क्या पता कि दे देगें धोखा ये अजनबी बनकर  वही हुआ जिसका डर था नही जिसको...

  • तरबूज

    तरबूज

    गर्मी के दिनों  मे ये फल  बच्चे के मन को भाता है पापा के घर आने से पहले अपनी फरमाईस सुना देते है ले आना आज पापा मेरे वो प्यारा प्यारा तरबूज  पापा भी बच्चो की...



  • जिंदगी

    जिंदगी

    हॅसो खुलकर  करो  मस्ती मिलकर  दो  दिन  की है जिंदगी  जी लो खुशीपूर्वक कभी न करो गिला शिकवा न  ही किसी से बैर  करो  भाई  चारे का सबंध बनाकर एक साथ मिलकर रहो बाँटो खुशियाँ  जितना...

  • जिंदगी

    जिंदगी

    हॅसो खुलकर करो  मस्ती मिलकर दो  दिन  की है जिंदगी जी लो खुशीपूर्वक कभी न करो गिला शिकवा न  ही किसी से बैर  करो भाई  चारे का सबंध बनाकर एक साथ मिलकर रहो बाँटो खुशियाँ जितना...

  • हाइकू – बसंत ऋतु

    हाइकू – बसंत ऋतु

    बसंत ऋतु मौसम अलबेला लगे सुहाना बसंती हवा मचलता है मन हो मदमस्त| — निवेदिता चतुर्वेदी ‘निव्या’ परिचय - निवेदिता चतुर्वेदीबी.एसी. शौक ---- लेखन पता --चेनारी ,सासाराम ,रोहतास ,बिहार , ८२११०४Mail | More Posts (185)


  • हमारा देश

    हमारा देश

    सबसे प्यारा देश हमारा नहीं कोई दूजा है कल-कल करती नदियां यहां रंग बिरंग के फूल से सजे प्यारे-प्यारे उपवन है मिट्टी यहां की उपजाऊ रहते सभी धन-धान्य से परिपूर्ण हर बच्चे में देखने को मिलता...

  • वादा

    वादा

    करो वादा साथ रहने का साथ देने का साथ चलने का साथ निभाने का दूर कभी न हो हरदम पास-पास हो मेरे चारो ओर सिर्फ तु ही तु हो सुख में भी साथ दुख में भी...