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  • चुप रहते हैं

    चुप रहते हैं

    चलो अब चुप रहते है कुछ नही बोलते हैं सुनते हुये भी अनसुना करते हैं आखिर यही एक रास्ता बचा हुआ है क्योकि नफरत के बाजार में प्यार की भाषा कोई समझता नही छूपे हुये अल्फाज...

  • यादों की चादर

    यादों की चादर

    सुनो ओढ़ ली हूँ तेरी यादों की चादर ये जो सुबह सुबह हल्की हल्की ठंढी हवायें मुझे छुकर गुजरती है तो उन हवाओ मे तुम्हे महसूस करती हूँ मन करता है उन हवाओ को रोककर कुछ...


  • दीप जलायें

    दीप जलायें

    चलो एक दीप जलायें मन के किसी कोने मे तिमिर को भगाकर उजाला लाये उस कोने मे राग द्वेष से भरे पड़े है दिल और दिमाग जो कूंठित हुये है सब को निकाल बाहर फेके ज्योति...

  • खत

    खत

    एक एक करके मिटते जा रहे है मेरे डायरी मे लिखा हुआ तुम्हारे नाम के खत का आखर उन तितलियों के भॉति जो किसी फूल के मकरंद का रसपान कर उड़ जाती हैं और फूल जहॉ...


  • जीना चाहती हूँ

    जीना चाहती हूँ

    हॉ मै जीना चाहती हूँ लेकिन तुम्हारे अधीन रहकर नही स्वतंत्रत होकर सभी बंधन से मुक्त होकर आखिर मेरे लिये ही सभी बंधन बने है तुम्हारे लिये कुछ नही तो आज सुन लो अब से मै...