लघुकथा

एक और बली

बाप अभी जिंदा है सड़क किनारे गुब्बारे बेचने वाला एक परिवार महामारी के चलते अपने घर की ओर पलायन कर जाता है। पैसे न होने की वज़ह से उन्होंने पैदल ही चलने की सोची।अभी थोड़ी दूर ही पहुंचे थे कि बच्चों की मां शांति की तबीयत बिगड़ जाती है और वह भगवान को प्यारी हो […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म लेख

सांई बाबा

सांई बाबा के बारे में तो सभी जानते हैं फिर भी मैं इनको याद करते हुए आज़ साईं बाबा के कुछ पहलुओं को लेकर आपके सामने प्रस्तुत हुई हूं। आशा करती हूं शायद आपको पसंद आए। साईंबाबा जिन्हें शिरडी साईंबाबा भी कहा जाता है। एक भारतीय गुरु, संत एवं फ़क़ीर के रूप में बहुमान्य हैं। […]

कविता

आज़ का मजबूर मजदूर

खाने को अन्न नहीं! मजदूर क्या करें,पीने को पानी नहीं! मजदूर क्या करें,पहनने को कपड़े नहीं! मजदूर क्या करें,आज का मजबूर मजदूर बताओ क्या करें? रहने को घर नहीं! मजदूर क्या करें,काम करने को काम नहीं! मजदूर क्या करें,बच्चों को रोता-बिलखता देख! मज़दूर क्या करें,आज़ का मजबूर मजदूर बताओ क्या करें? जेब बिल्कुल ख़ाली! मज़दूर […]

लघुकथा

समय-समय का खेल

एक दिन साधारण वायरस को रास्ते में मिल गयी कोरोना। उसने पूछा “क्या हाल है बड़ी बी? काफी दिन हो गए तुम्हें अब भारत में। अब आगे क्या विचार है? कितने दिन और रहोगी यहां पर? कुछ हमारा भी सोचो। अगर तुम ही अपने पैर पसार कर बैठी रहोगी तो हमारे जैसी छोटी बहन का […]

कविता

कोरोना तुम क्यों आए?

मैंने चीन में लिया है जन्म, मानव को सद्बुद्धि देने आया हूँ मैं,डरो नहीं मुझसे! बस रखो थोड़ा ध्यान,स्वच्छता और सफ़ाई का। ज़रूरी हो तभी निकलो घर से,मुँह पर लगाकर मास्क,और हाथों में पहनकर दस्ताने,जेब में रखो साबुन या सेनिटाईजर। करलो ध्यान उस परम पूज्य भगवान का,जिसने यह दुनिया है बनाई,और घर में रहकर करलो […]

पद्य साहित्य

दहकती आग

वह क्या है जिसने संसार को बर्बाद किया है?वह एक वायरस कोरोना है जिसने महामारी को जन्म दिया है।कैसे लगी यह धधकती आग?बुझ गए कई चिराग़ घरों के,धुएँ की तरह उड़ गए सारे अरमान,क्या मानवता का आधार खो गया है?किस आग से दहक रहा यह संसार सारा,अवश्य कोई तो है! जिसकी वजह से यह दुनिया […]

पद्य साहित्य

जलाओ एक दिया

न झुकें हैं, न झुकेंगे, न झुकने देंगें कभी,अपने प्यारे भारतवर्ष को,देश के उन वीरों को मेरा नमन,जिनके हौंसलों तले हम, आज बैठे अपने घरों में सुरक्षित,जिनके उत्साहवरर्धन के लिए,कर रहे आज हम वंदना,देशवासियों की महाशक्ति को,है आज जाग्रत करना,उठो धरा के सपूतों,जलाओ एक दिया,अपने गौरवशाली भारतवर्ष के लिए,दिखा दो दुनिया को सब आज मिल,हम […]

कविता

कोरोना तुम कहाँ से आए हो और क्यों?

कोरोना तुम कहाँ से आए हो और क्यों? मैंने चीन में लिया है जन्म, मानव को सद्बुद्धि देने आया हूँ मैं, डरो नहीं मुझसे! बस रखो थोड़ा ध्यान, स्वच्छता और सफ़ाई का। ज़रूरी हो तभी निकलो घर से, मुँह पर लगाकर मास्क, और हाथों में पहनकर दस्ताने, जेब में रखो साबुन या सेनिटाईजर। करलो ध्यान […]

सामाजिक

जनता कर्फ्यू

प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा २२ मार्च रविवार के दिन जनता कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया गया है। जिसे हम सभी भारतवासियों को अमल में लाना चाहिए। जनता कर्फ्यू यानी जनता द्वारा खुद पर लगाई ग‌ई लगाम। इसमें सुबह ७ बजे से रात्रि ९ बजे तक आप सब भारत वासी अपने घरों से न निकलें। न […]

स्वास्थ्य

कोरोना वायरस

घबराएँ नहीं समझदारी से काम लें, अफ़वाहों पर न जाएँ। सबसे पहले समझें कि कोरोना वायरस क्या है? यह एक प्रकार की वायरस बीमारी है। जो माँस-मछली और गंदगी से फैलती है। यह बीमारी वायरस से संक्रमित लोंगों से हाथ मिलाने से, उनका कपड़ा इस्तेमाल करने से, उनकी छींक के सामने बैठने से भी फैल […]