लघुकथा

घर एक मंदिर है

घर एक मंदिर है टि्रन-टि्रन….. फोन की घंटी बजती है। ‘हैलो…अरे! बहुत देर से फोन कर रही थी। कहां थी? कैसी है? काफी दिनों से फोन नहीं आया? क्या कारण है?” सीमा लगातार बोलती जा रही थी.. “झाड़ू लगा रही थी।” रीमा ठंडी सांस भरते हुए… “बाई नहीं लगाई? भ‌ई देखो! हमने तो लगा ली […]

भाषा-साहित्य लेख

भारत में हिंदी भाषा की वर्तमान स्थिति और आगे इसका भविष्य

हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है, यह तो हर व्यक्ति जानता ही होगा! मध्यांतर में इसने अपना अस्तित्व ही खो दिया था। आज फिर से कुछ लोगों के अथक परिश्रम से इसको सर उठाकर चलने का मौक़ा मिला है। हिंदी अगर आगे बढ़ी है और बढ़ रही है तो वो साहित्य व लेखन के माध्यम से। इसको […]

कविता पद्य साहित्य

सदी का सबसे बड़ा अनुष्ठान

सदी का सबसे बड़ा अनुष्ठान,जय श्री राम…जय श्री राम, सदियों बाद यह शुभ घड़ी है आई,कूर्म शिला के ठीक ऊपर रामलला विराजे,अयोध्या में बना इतिहास आज़,करोड़ों रामभक्त हुए गवाह। नवरत्नों से सजे रामलला आज़,पांच शताब्दियों के बाद आया यह शुभ दिन,रामलला के सामने हुए नतमस्तक सब,गौरव का अहसास हुआ जाग्रत आज़। खत्म हुआ अब इंतजार […]

अन्य लेख

कोरोना योद्धाओं के नाम पत्र

कोरोना योद्धाओं के नाम मेरा यह पत्र आदरणीय कोरोना योद्धाओंआपको मेरा सादर नमन हमारा पूरा परिवार व राष्ट्र आप सभी के अदम्य साहस व लगन से कुशलता पूर्वक अपने को सुरक्षित एवं सहज़ महसूस कर रहा है। हम सब आपकी स्वास्थ्य की कामना के लिए निरंतर भगवान से प्रार्थना भी कर रहे हैं ताकि आप […]

कविता

देशप्रेम

हिंद के नौजवानों उठो शान से,अपनी हस्ती मिटा दो वतन के वास्ते…. देशप्रेम का दावा है तुमको अगर, ख़ून देना पड़ेगा चमन के वास्ते,ना मुड़कर कभी देखना पीछे, बस बढ़ते ही जाना वतन के वास्ते।। जहाँ अर्जुन, भगतसिंह जैसे वीर पैदा हुए,वहाँ मरना है तुम्हें नाम के वास्ते,न गँवाओ यूँ व्यर्थ बैठ इस सुनहरे पल […]

लघुकथा

ज़िम्मेदार कौन?

कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही थी। यह देख रमेश की माता जी बहुत घबराई हुई थीं। सारे एहतियात बरत रहीं थीं। घर में ६ सदस्य थे। सभी पूरे साल अपने-अपने काम में व्यस्त रहते थे। अब इस बीमारी के चलते सब उनके पास घर से ही काम कर रहे […]

लघुकथा

एक और बली

बाप अभी जिंदा है सड़क किनारे गुब्बारे बेचने वाला एक परिवार महामारी के चलते अपने घर की ओर पलायन कर जाता है। पैसे न होने की वज़ह से उन्होंने पैदल ही चलने की सोची।अभी थोड़ी दूर ही पहुंचे थे कि बच्चों की मां शांति की तबीयत बिगड़ जाती है और वह भगवान को प्यारी हो […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म लेख

सांई बाबा

सांई बाबा के बारे में तो सभी जानते हैं फिर भी मैं इनको याद करते हुए आज़ साईं बाबा के कुछ पहलुओं को लेकर आपके सामने प्रस्तुत हुई हूं। आशा करती हूं शायद आपको पसंद आए। साईंबाबा जिन्हें शिरडी साईंबाबा भी कहा जाता है। एक भारतीय गुरु, संत एवं फ़क़ीर के रूप में बहुमान्य हैं। […]

कविता

आज़ का मजबूर मजदूर

खाने को अन्न नहीं! मजदूर क्या करें,पीने को पानी नहीं! मजदूर क्या करें,पहनने को कपड़े नहीं! मजदूर क्या करें,आज का मजबूर मजदूर बताओ क्या करें? रहने को घर नहीं! मजदूर क्या करें,काम करने को काम नहीं! मजदूर क्या करें,बच्चों को रोता-बिलखता देख! मज़दूर क्या करें,आज़ का मजबूर मजदूर बताओ क्या करें? जेब बिल्कुल ख़ाली! मज़दूर […]

लघुकथा

समय-समय का खेल

एक दिन साधारण वायरस को रास्ते में मिल गयी कोरोना। उसने पूछा “क्या हाल है बड़ी बी? काफी दिन हो गए तुम्हें अब भारत में। अब आगे क्या विचार है? कितने दिन और रहोगी यहां पर? कुछ हमारा भी सोचो। अगर तुम ही अपने पैर पसार कर बैठी रहोगी तो हमारे जैसी छोटी बहन का […]