राजनीति लेख

आदरणीय प्रधानमंत्री जी से भारतीय नारी का कृतज्ञता भरा अभिवादन

सेवा में, आदरणीय प्रधानमंत्री मोदी जी,प्रधानमंत्री कार्यालय,भारत सरकार, भारत। विषय- एक भारतीय नारी का कृतज्ञता भरा अभिवादन पत्र। महोदय,सादर चरण वंदन।आज जिस परिस्थिति से हमारा देश या यूँ कहूँ कि पूरा विश्व कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से गुजर रहा है। वह कोई साधारण परिस्थिति नहीं है। हमारे देश भारत ने इस वैश्विक महामारी से आपके […]

कविता पद्य साहित्य

नये साल में नया संकल्प

यूँ हीं नहीं बदलता साल अपनी ओढ़नी,छिपे होते कई पैग़ाम उसमें हमारे लिए,धीरे से आकर कान में है वह बुदबुदाता,लो एक साल और कम हो लिया तुम्हारे जीवन का। उठ मानव! न व्यर्थ गँवा अपना जीवन,कुछ अनूठा काम कर दिखा जीवन में ऐसा,ताकि मरने के बाद भी लोंगों के मस्तक पटल पर,विराजमान हों तुम्हारी मधुर […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म लेख

धर्म को मार्गदर्शन ही रहने दो

धार्मिक निष्ठा और धार्मिक कट्टरता सबसे पहले तो हमें यह समझना होगा कि धर्म क्या है? साधारण शब्दों में धर्म के बहुत से अर्थ हैं जैसे- कर्तव्य, अहिंसा, न्याय, सदाचरण, सद्-गुण आदि। धर्म का शाब्दिक अर्थ होता है धारण करने योग्य। हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन या बौद्ध आदि धर्म न होकर सम्प्रदाय या समुदाय […]

गीत/नवगीत पद्य साहित्य

माँ के चरणों में भक्त का विनम्र निवेदन

होंठों पे बस तेरा ही नाम है माँ,तुझे इक पल तो आना पड़ेगा,ग़म किसको सुनाऊँ मैं मइया,अब तुझको तो सुनना पड़ेगा।होंठों पे बस तेरा ही नाम है माँ… मेरा तेरे सिवा कौन है माँ,तेरी दासी ने तुझको पुकारा,रूठ जाना न मुझसे तू मइया,नहीं तो तुझको मनाना पड़ेगा।होंठों पे बस तेरा ही नाम है माँ………. मेरी […]

लेख

उत्सव के रंग त्योहारों के संग

भारत के हर प्रांत में त्योहारों का अपना ही महत्व होता है। सब त्योहार ऐसे मनाए जाते हैं मानों कोई उत्सव चल रहा हो। सभी अपने–अपने तरीक़े से इन त्योहारों को मनाते हैं। अच्छा है! कुछ परंम्पराएँ अभी भी जीवित हैं हमारे बुज़ुर्गों के माध्यम से। जिन्हें हमारी पीढ़ी बख़ूबी निभा रही है। परन्तु आगे […]

लघुकथा

घर एक मंदिर है

टि्रन-टि्रन….. फोन की घंटी बजती है। ‘हैलो…अरे! बहुत देर से फोन कर रही थी। कहां थी? कैसी है? काफी दिनों से फोन नहीं आया? क्या कारण है?” सीमा लगातार बोलती जा रही थी.. “झाड़ू लगा रही थी।” रीमा ठंडी सांस भरते हुए… “बाई नहीं लगाई? भ‌ई देखो! हमने तो लगा ली हमसे तो यह सब […]

भाषा-साहित्य लेख

भारत में हिंदी भाषा की वर्तमान स्थिति और आगे इसका भविष्य

हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है, यह तो हर व्यक्ति जानता ही होगा! मध्यांतर में इसने अपना अस्तित्व ही खो दिया था। आज फिर से कुछ लोगों के अथक परिश्रम से इसको सर उठाकर चलने का मौक़ा मिला है। हिंदी अगर आगे बढ़ी है और बढ़ रही है तो वो साहित्य व लेखन के माध्यम से। इसको […]

कविता पद्य साहित्य

सदी का सबसे बड़ा अनुष्ठान

सदी का सबसे बड़ा अनुष्ठान,जय श्री राम…जय श्री राम, सदियों बाद यह शुभ घड़ी है आई,कूर्म शिला के ठीक ऊपर रामलला विराजे,अयोध्या में बना इतिहास आज़,करोड़ों रामभक्त हुए गवाह। नवरत्नों से सजे रामलला आज़,पांच शताब्दियों के बाद आया यह शुभ दिन,रामलला के सामने हुए नतमस्तक सब,गौरव का अहसास हुआ जाग्रत आज़। खत्म हुआ अब इंतजार […]

अन्य लेख

कोरोना योद्धाओं के नाम पत्र

कोरोना योद्धाओं के नाम मेरा यह पत्र आदरणीय कोरोना योद्धाओंआपको मेरा सादर नमन हमारा पूरा परिवार व राष्ट्र आप सभी के अदम्य साहस व लगन से कुशलता पूर्वक अपने को सुरक्षित एवं सहज़ महसूस कर रहा है। हम सब आपकी स्वास्थ्य की कामना के लिए निरंतर भगवान से प्रार्थना भी कर रहे हैं ताकि आप […]

कविता

देशप्रेम

हिंद के नौजवानों उठो शान से,अपनी हस्ती मिटा दो वतन के वास्ते…. देशप्रेम का दावा है तुमको अगर, ख़ून देना पड़ेगा चमन के वास्ते,ना मुड़कर कभी देखना पीछे, बस बढ़ते ही जाना वतन के वास्ते।। जहाँ अर्जुन, भगतसिंह जैसे वीर पैदा हुए,वहाँ मरना है तुम्हें नाम के वास्ते,न गँवाओ यूँ व्यर्थ बैठ इस सुनहरे पल […]