लघुकथा

अंतर्मन की पुकार

दोनों भक्त मंदिर प्रांगण में खड़े थे. पहला कुछ देर तक मंदिर की भव्यता और मूर्ति की सौम्यता को निहारने के बाद बोला, “इसके निर्माण में मैंने रात-दिन एक कर दिये. पिछले दिनों यह नगाड़ा सेट लाया हूं. बिजली से चलने वाला. अरे भाई, आज के जमाने में बजाने की झंझट कौन करे?” फिर स्विच […]

लघुकथा

वजह

धोखेबाज़ “नवीन अब हमें बड़ा घर ख़रीदना चाहिये क्योंकि इसमें तो चलना भी दूभर हो रहा है।” नीरू चाय का कप देते हुए कहती है। “क्यों? क्या हुआ? अभी तो सब ठीक चल रहा था फिर अचानक ऐसा क्यों कह रही हो? मेरे पास तो सिर्फ़ एक सरकारी नौकरी है जिसमें काम चलाना पड़ता है। […]

कविता

वतन का ख़ून 🇮🇳

मैं हिंदू हूँ या मुस्लिम हूँ, पर भारत की वासी हूँ, बंद करो तकरार मंदिर-मस्जिद का अब प्यारे, गीत वतन में गाती हूँ।। ख़ून बहे चाहे हिंदू का, या मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई का, है वह ख़ून वतन का प्यारे, नहीं किसी सौदाई का।। रखना याद हमेशा यह बात प्यारे, ख़ून अगर बहेगा किसी का, तो […]

स्वास्थ्य

सही भोजन करने से होते हैं फ़ायदे अनेक

नव वर्ष में अपने लोंगों के भोजन में कुछ चीज़ें शामिल करके हम उनका स्वास्थ्य ठीक रख सकते हैं। उसके कुछ उपाय देने की कोशिश कर रही हूँ। जैसे- 1. रात को सोने से पहले पानी में लगभग 20 चने भिगोकर रख दें। सुबह उन्हें चबा-चबाकर खायें। भूनने वाले चने स्वास्थ्य वर्धक व बल वर्धक […]

लघुकथा

शिक्षा का घटता स्तर

रमेश और नरेश कक्षा में आते ही झगड़ा करने लगते। मास्टर जी उनके व्यवहार से बड़ा परेशान हो जाते और दोनों को कक्षा से बाहर निकाल देते। कई दिनों तक यह क्रम लगातार चलता रहा। मास्टर जी बड़ा परेशान क्या करें? एक दिन उन्होने दोनों के हाथ में एक-एक पत्र पकड़ाते हुए कहा कि “अब […]

लघुकथा

नमक का मूल्य

नमक का मूल्य टेलीविज़न पर ख़बर आती है कि एक ही घर के चार लोगों ने आत्महत्या कर ली! बस फिर क्या था रोज़ यही ख़बर और सब आँख गड़ाये सोचते रहते कि आख़िर ऐसा किया क्यों? मीडिया वालों को भी काम मिल गया और लोगों को भी। मीडिया वालों की बातें सुनकर सब अपने […]

स्वास्थ्य

प्रदूषण

प्रदूषण आज प्रदूषण अपने विकराल रूप में पहुँच चुका है। हम जानेंगें कि यह कैसे हमारे जीवन में ज़हर घोल रहा है और फिर जानेंगें कि इसको कैसे कम किया जा सकता है? प्रदूषण के कारण वायु धीमे चलने लगेगी और सर्दी बढ़ने लगेगी। इसके कारण p m 2.5 पार्टिकल ख़तरनाक रूप धारण कर सकते […]

लघुकथा

किस्सा कुर्सी का

रेल में यात्रा करते समय मेरे कान कुछ सुनने के लिये मचल गये। आँखों में आँसू आ गये! ह्रदय पर भी चोट के थपेड़ों ने सोचने पर मजबूर कर दिया था! परन्तु मेरे पास क्या? किसी के पास भी इसका कुछ हल नहीं था। चाह कर भी हम कुछ नहीं कर सकते थे। दो बेरोज़गार […]

कविता

प्रदूषणमुक्त दीवाली

आओ मनायें प्रदूषण मुक्त दीवाली, घर – घर जाकर दें यह संदेश, लेकर हाथ में दिया और बाती , तेल से हों जो लबालब । मरेंगें कीट – पंतगे जिनसे, और होगा वातावरण सुरक्षित, साँस लेने में ना होगी तकलीफ़ , जी सकेंगें सब खुली हवा में साँस लेकर। पटाखों का करो बहिष्कार, करो खिलौने […]