धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

शरद पूर्णिमा

शरद पूर्णिमा को कोज़ोगार पूर्णिमा व्रत, रास पूर्णिमा भी कहते हैं । कुछ क्षेत्रों में इसको कौमुदी पूर्णिमा भी कहा जाता है । इस दिन भगवान विष्णु और चंद्रमा का पूज़न किया ज़ाता है । व्रत कथा भी की जाती है । इस दिन चंद्रमा अपनी १६ कलाओं से परिपूर्ण रहता है । धर्म ग्रंथों […]

भजन/भावगीत

माँ के चरणों में भक्त का विनम्र निवेदन

माँ के चरणों में भक्त का विनम्र निवेदन होंठों पे माँ बस तेरा ही नाम है , तुझे इक पल तो आना पड़ेगा , ग़म किसको सुनाऊँ मैं मइया , अब तुझको तो सुनना पड़ेगा । मेरा तेरे सिवा कौन है माँ , तेरी दासी ने तुझको पुकारा , रूठ जाना न मुझसे तू मइया […]

लघुकथा

तर्पण

नवीन गुप्ता जी हर साल कनागतों में आने वाली अमावस्या को बहुत बड़ा भंडारा रखते । आज़ भी उन्होंने भंडारा रक्खा हुआ था । पूरे शहर से ग़रीबों की लाईन लगी थी । वे सबको खाने के साथ कपड़े और उनकी ज़रूरत का सारा सामान दे रहे थे । सब बहुत ख़ुश नज़र आ रहे […]

कविता

गाँधीं जयंती पर कविता

सत्य और अहिंसा का दूसरा नाम था बापू …….. शरीर से दुबले – पतले लेकिन आत्मा के महान थे बापू , शरीर पर सिर्फ़ धोती धारण करते पर दिल के धनी थे बापू , अपनी बात पर अडग ,अहिंसा के पुजारी थे बापू , इन्हीं सब गुणों से भरपूर थे बापू ।। भारत का गौरव […]

लघुकथा

दिशा भ्रम

अपनेआप और अपनों से प्रेम चन्द्रप्राल जी को दिल का दौरा पड़ता है और वो गिर जाते हैं ! थोड़ी देर बाद वो अपने आपको एक ऐसे स्थान पर पाते हैं जहाँ सब कुछ मौन है । वो सबसे पूछते हैं कि आप सब मौन क्यों हैं ? कोई ज़वाब नहीं आता ! फिर धीरे […]

भाषा-साहित्य लेख

बढ़ाएँ अपना एक क़दम हिंदी की ओर……

हिंदी दिवस पर कुछ शब्द…… बढ़ाएँ अपना एक क़दम हिंदी की ओर……… भारतेंदु हरिश्चंद्र जी की दो पंक्तियाँ मुझे बहुत प्रभावित करती हैं …. “ निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल । बिन निज भाषा ज्ञान के , मिटत न हित को शूल ।।” अर्थात जिस देश की भाषा प्रगति पर हो वही […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

उत्सव के रंग त्योहारों के संग

भारत के हर प्रांत में त्योहारों का अपना महत्व है और सब ऐसे मनायें जाते हैं जैसे कोई उत्सव हो रहा हो। सभी अपने – अपने तरीक़े से इन त्योहारों को मनाते हैं। अच्छा है कुछ परंम्पराएँ अभी भी जीवित हैं हमारे बुज़ुर्गों के माध्यम से। जिन्हें हमारी पीढ़ी बख़ूबी निभा रही है परन्तु आगे […]

कविता

देखो ऐसे हैं हमारे चमत्कारी कान्हां……

देखो ऐसे हैं हमारे चमत्कारी कान्हां…….. कान्हा ने लिया जन्म जेल में, खुल गये सारे बंद द्वार, टूट गईं बेड़ियाँ वासुदेव ,देवकी की, सो गये सब द्वारपाल ।। टोकरी में डाल ले चले तब, करना था समुंदर पार, झमाझम बारिश में भी , बन गया बड़ा सा द्वार ।। शेषनाग ने दिया ओट बारिश से, […]

गीत/नवगीत

अटल जी को श्रद्धांजली

किसने खोया किसने पाया धरा पर थी ग़म की लहर, स्वर्ग पर थी ख़ुशी की लहर। भारत ने खोया अनमोल रत्न, स्वर्ग ने पाया अनमोल रत्न ।। किसने खोया किसने पाया…… ना जाने कहाँ छिप गया भारत का लाल ? पुकारती धरा ,नदियाँ ,वृक्ष अनेक। तुम जैसा लाल ना पाएँगें दोबारा, दौड़ी ग़म की लहर […]

कविता

आज़ादी

कर लो नमन उनको, जिन्होंने दिलाई आज़ादी हमको। क्या वाक़ई हम आज़ाद हुए हैं? या अपने ही अपनो को मार रहे हैं। बँट गया भारत माँ का कलेज़ा, तर-बितर छितरा हुआ सा।। कर लो नमन उनको … सब वोट लेने का है फ़ंडा , चाहे फिर आरक्षण ही क्यों ना हो। रो रही आत्मा शहीदों […]