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  • गीतिका

    गीतिका

    आ गया नव वर्ष प्यारे अब तो मुझसे प्यार करतेरी यादों में जिया हूँ मत मुझे बेकरार कर जिंदगी कैसे चलेगी हर तरफ सिसकारियामौत से लड़ना पडेगा इसलिये तकरार कर चैन से मरना नहीं तो जिन्दगी...


  • मजदूर

    मजदूर

    मैं तो इक गरीब हूँ मौत के करीब हूँ मेहनत से पेट भरता ऐसा इक हबीब हूँ पैसे के बिना यहाँ हमें कौन देगा रोटियाँ पर पैसे वालों के यहाँ सब फेकते हैं रोटियाँ एक पहर...




  • पानी की तलाश

    पानी की तलाश

    बूँद बूँदों को तरसता आज का इन्सान । प्यास भी अब बढ रही कैसे बचाये जान। नदियाँ सूखी बाँध सूखे अब सूख रहा मेरा तार। कहाँ से लाऊं इतना पानी कि मिट जाये मेरी प्यास ।...

  • बाल दिवस

    बाल दिवस

    हम हैं नन्हें मुन्ने बच्चे जितने अच्छे उतने सच्चे। घर के अंदर हो या बाहर शैतानी में सबसे अच्छे। गुल्ली डंडा गेंद बैट से दिनभर करते हम व्यायाम। नहीं भूख की चिन्ता रहती क्योकि बाग में...

  • मी टू

    मी टू

    पहले प्यार का करते वादा बाद में करते नाटक है। जाने कहाँ से आया मी टू दिलवालो को घातक है । पहले करते प्रेम प्रतिज्ञा कभी अलग न होंगे हम। मनभावन के सावन में अब प्यास...

  • भारत की गरीबी

    भारत की गरीबी

    इतिहास के लिखित सबूतों से ज्ञात हुआ है कि हमारा देश प्राचीन काल में सोने की चिडिया की तरह था चाहे राम राज्य की बात करें या फिर कृष्ण राज्य की या फिर प्राचीन आर्यों के...