भाषा-साहित्य

वर्त्तमान परिपेक्ष्य में साहित्यकारों का दायित्व

आज हमारे समाज की स्थिति प्राचीन समाज की स्थिति से बहुत ही भिन्न हो चुकी है क्योंकि हम सब प्राचीन परंपराओं तथा प्राचीन सामाजिक नियमों को भूलते चले जा रहें हैं जिसके परिणामस्वरूप हमारा समाज भी परिवर्तित होता जा रहा है अगर किसी भी समाज में परिवर्तन की दर इसी तरह बढती गयी तब हमारा […]

लेख

बलात्कार तथा शोषण के कारण

हमारा समाज आज बेहद कठिन परिस्थितियों से जूझ रहा है जिसके परिणामस्वरूप आज देश के सभी समुदायों में भयावह की स्थिति बनी हुयी है क्योंकि प्रतिदिन अभी भी महिलाओं तथा बच्चियों का शोषण लगातार जारी है यहाँ तक की ऐसी बच्चियों का शोषण या बलात्कार होता है जिनका ठीक से शारीरिक विकास तक नहीं हो […]

लेख

अगस्त की क्रांति

जब किसी देश या समाज की विचारधारायें अपनी सीमाओं से बाहर आ जायें तथा इन्हीं विचारधाराओं के द्वारा उस देश तथा समाज के विकास में इतना गंभीर प्रभाव पड़े कि उस देश की व्यवस्था अस्त व्यस्त हो जाये अर्थात जब किसी देश की सामाजिक , आर्थिक तथा सांस्कृतिक व्यवस्था या तो अपनी चरम सीमा पार […]

लेख

भारत में बेरोजगारी के बढते कदम

हाल ही में एक सरकारी संस्था (एन एस एस ओ ) जो देश के चुनिंदा 45 शहरों की बेरोजगारी दर का अध्ययन किया है जिसके परिणामस्वरूप देश के सबसे बडे राज्य उत्तर प्रदेश का प्रयागराज जिला बेरोजगारी के क्षेत्र में टाॅप में 8.8 प्रतिशत एवं मेरठ 8.6 प्रतिशत दूसरे पायदान पर हैं इससे पता चलता […]

लेख

पूर्ण बहुमत की सरकार

हाल ही में लोकसभा चुनाव पूरे हो चुके हैं तथा विजयी राजनीतिक पार्टी अपनी सरकार बनाने जा रही है हालांकि यहाँ गौर करने की बात है कि इस लोकसभा चुनाव में जिस राजनीतिक पार्टी को जीत हासिल हुयी है उस पार्टी ने कुल सीटों में से आधे से अधिक लोकसभा सीटों पर अपना कब्जा जमाया […]

सामाजिक

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस

प्रकृति ने दुनिया बनाने के लिये सिर्फ दो वर्गों का चुना महिला और पुरूष , ये दोनो वर्ग दुनिया को अग्रसारित करने के लिये बहुत ही उपयोगी है प्रकृति ने इन दोनो वर्गों को एक दूसरे के समान अधिकार दिये जिन अधिकारों के प्राप्त होने से आज दुनिया इतनी ऊंची उड़ान भर रही है इन […]

राजनीति

आखिर देश में गरीबी कब

प्रत्येक देश में अमीर और गरीब दो वर्ग हमेशा सक्रिय रहते है लोकतंत्र हो या राजतंत्र इनमें कितने भी प्रयास करे , अमीरी तथा गरीबी कभी समाप्त नहीं की सकती क्योंकि यदि माना एक तरफ ग़रीबी समाप्त हो जाये तब सभी लोग अमीर हो जायेंगे तथा कोई भी व्यक्ति मजदूरी करने के लिये तैयार नहीं […]

राजनीति

भारत के प्रधानमंत्री का महत्व

भारत देश दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है यहाँ पर सभी धर्म , सभी भाषाओं की जातियां निवास करती है अंदर सभी को अपने अपने स्वतंत्र अधिकार प्राप्त है क्योकि यहाँ अनेकता में एकता के स्तंभ खड़े हुए हैं हमारे देश में इन सभी वर्गों को एकता के बिना सम्भालना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन […]

कविता

नया वर्ष स्पेशल

कुछ दिन और नहीं कटते अब नये साल के आगमन पर खुशियों के उतप्लावन पल का स्वागत है फूलों के चमन पर खेतों में लहरी हरियारी बगिया में सब्जी की क्यारी सन अठारह गया आज कल अब उन्नीस की आयी बारी ठंडी शीतल चली बयारे उसमें कोहरे की रफ्तारे इस ठंडक की ही सिहरन में […]

कविता

नया वर्ष

नये साल में नयी उमंगें लाया हैं खुशियों की तरंगें तुझको दिल से करूँ प्रणाम नित नूतन सौन्दर्य की शाम सब कोई तुझको ही बुलाये जल्दी से तू क्यूँ न आये कब से लेटर लिख कर रक्खा तू ही तो सबको पहुँचाये तेरे आने से दुख मुरझाया फिर से होगी सुख की छाया फिर से […]