कविता

कविता : पत्थर का पत्थर होना    

पत्थर का पत्थर होना दुनिया मे सबसे जिद्दी होना साबित करता है भले ही आप उसके कितने ही टुकड़े कर दो वह अपनी अकड़ नहीं छोड़ता पत्थर ही रहता है… ——— पंकज कुमार साह

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कविता : गांव और शहर  

एक शहर कई गांव हो सकते हैं लेकिन एक गांव शहर नहीं हो सकता गांव में संस्कृत है संस्कृति है शहर सुसज्जित है सज्जनों से, गांव में भूखे नंगे हैं लेकिन कहीं बेहतर हैं शहरी नंगो से…. — पंकज कुमार साह