इतिहास

तेरा कीआ मीठा लागे, हरि नाम पदारथ नानक मागे

(गुरु अर्जुन देव जयंती पर विशेष) सिख गुरुओं ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए सदैव अपना बलिदान दिया है अनेक ऐसी मिसालें पेश की हैं जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं । इतिहास के पन्ने जहाँ सिख गुरुओं की शिक्षाओं द्वारा स्वर्णिम अक्षरों से लिखे गये हैं वहीं इन गुरुओं […]

इतिहास

शौर्य के शिखर महाराणा प्रताप और सौन्दर्य की धनी महारानी अजबदे

(महाराणा प्रताप जयंती पर विशेष) एक सच्चे राजपूत, शूरवीर, देशभक्त, योद्धा, मातृभूमि के रखवाले के रूप में महाराणा प्रताप दुनिया में सदैव के लिए अमर हैं लेकिन क्या आप जानते हैं एक योद्धा का कठोर हृदय रखने वाले महाराणा का हृदय अपनी महारानी अजबदे के लिए प्रेम से भरा हुआ था। महाराणा प्रताप केवल एक […]

लेख सामाजिक

ईश्वर के कार्यकर्ता हैं…..समाज सेवक

“परहित सरिस धरम नहीं भाई” दूसरों की भलाई और सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। जो मनुष्य अपनी बुद्धि, शक्ति एवं धन का जितना उपयोग बिना भेदभाव के समाज सेवा के लिए करता है उतना ही वह मनुष्यत्व से देवत्व की ओर बढ़ने लगता है और जहाँ मनुष्य ने अपनी स्वार्थी पृवृत्ति के वशीभूत […]

लेख सामाजिक

हृदय भेदी………शब्द-बाण

संसार में तीन महान शक्तियों का विशेष सामर्थ्य है ये संसार का सृजन, पालन एवं विध्वंस करने वाली महान शक्तियां हैं । स्रष्टि निर्माता ब्रह्मा के ब्रम्हास्त्र का वर्णन पुरानों में आता है, नारायणास्त्र की महिमा भी सर्वविदित है और भगवान् पशुपतिशिव का पाशुपतास्त्र तो इतना प्रबल है कि क्षण मात्र में समूचे ब्रह्माण्ड का […]

लेख सामाजिक

एक बुराई है……..विचार-विकृति

मित्रों! अपने विचारों को विकृत होने से बचाइये । इस समय विचारों की विकृति हमें अवसाद की गहरी खाई में गिरा सकती है। जिसमें से निकलना लगभग असम्भव हो सकता है। विचार-विकृति से बढ़कर हमारा और कोई शत्रु नहीं है। इस शत्रु की चोट इतनी असहनीय और भयावह होती है कि व्यक्तित्व को बुरी तरह […]

लेख स्वास्थ्य

करे कोई, भरे कोई….(मन की उछल-कूद)

ये दिन आलस्य और प्रमाद से भरे हैं। इस समय आवश्यक है कि हम अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। इस समय अनियामितता व असंयम हमारे शरीर को हानि पहुँचा सकता है। पूरी सम्भावना है कि इस समय हमारी ज़रा सी लापरवाही हमारे शरीर को रोगग्रस्त कर दे। विशेषत: जिन लोगों को शुगर, ब्लड प्रेशर, […]

पर्यावरण लेख

अब प्रकृति की रक्षा का संकल्प ले मनुष्य

वृक्षों द्वारा प्राप्त होने वाली निशुल्क स्वच्छ ऑक्सीज़न का मूल्य आज हमने अपने स्वजनों को खोकर जाना है । कोरोना काल में लोगों की मृत्यु का एक बड़ा कारण समय पर ऑक्सीज़न का न मिलना था। वृक्ष मुफ्त में प्राणवायु (ऑक्सीज़न) प्रदान करते हैं। लेकिन हम लोगों ने अपने स्वार्थ में अँधा होकर प्रकृति को […]

लेख सामाजिक स्वास्थ्य

मन की इम्युनिटी भी बढ़ाएं (कोरोना काल विशेष लेख)

(सर्वाधिकार सुरक्षित) इस भयंकर काल खंड में जिसमें की अकाल ही लोग काल-कवलित हो रहे हैं ऐसे में आवश्यकता है कि हम लोग अपने जीवन की रक्षा घर पर रहकर ही करें एवं इस प्रकार जीवन जियें जिससे की हमारे मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य की रक्षा हो सके। मित्रों, इन दिनों शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने […]

कथा साहित्य धर्म-संस्कृति-अध्यात्म लेख सामाजिक

मंथरा के ऋणी….. श्रीराम

‘मंथरा’ ये शब्द सुनते ही हमारे सामने एक अधेड़ उम्र की कुरूप,घृणित किन्तु रामायण की अत्यंत महत्वपूर्ण स्त्री की छवि बन जाती है जिसका नाम था ‘मंथरा’। इस पात्र ने हमारे मन मस्तिष्क पर इतना गहरा प्रभाव छोड़ा है कि आज भी जब हम किसी नकारात्मक स्वभाव वाली महिला को देखते हैं तो केवल ये […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म लेख सामाजिक

प्रार्थी और प्रार्थना (कोरोना काल विशेष लेख)

कहते हैं कि जब दवा और दुआ साथ मिलते हैं तो भीषण रोगों से ग्रसित व्यक्ति भी चमत्कारिक रूप से ठीक होने लगते हैं । यह ऐसी ही दुआओं, प्रार्थनाओं का दौर है जहाँ हमारे अपने या तो काल-कवलित हो चुके हैं या काल की चपेट में हैं । ऐसे समय में हम क्या करें? […]