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  • घुटन से संघर्ष की ओर

    घुटन से संघर्ष की ओर

    सरला अब उठ खड़ी हुई थी ये विवाह उसके माता पिता और गर्वित के माता पिता की ख़ुशी से हुआ था लकिन न जाने क्यों गर्वित उससे दुरी बनाये रखता है न जाने उसे स्त्री में...

  • अस्तित्व

    अस्तित्व

    सोनम एक प्रतिभावान छात्रा थी लेकिन रिश्तेदारों के दवाब के चलते उसके बीमार पिता ने उसकी शादी बारहवीं पास करते ही कर दी| सोचा था पिता के घर तो बस पिता की सेवा में ही लगी...


  • अकेलापन

    अकेलापन

    प्रमोद ने माइक्रोवेव में खाना गरम किया और और डाइनिंग टेबल पर बैठ कर खाने लगा | जाने क्या बात थी  कुछ महीनों से उसे अकेलापन खलने लगा था | वह अपने जीवन के बारे में...

  • अपना मन ही अपना कुरुक्षेत्र

    अपना मन ही अपना कुरुक्षेत्र

    आज प्रत्येक व्यक्ति का मन चलता फिरता कुरुक्षेत्र बना हुआ है| जहां पर हमारी निकृष्ट और उत्कृष्ट ,सद्गुण और दुर्गुण ,धर्म और अधर्म दोनों ही प्रकार की प्रुवृत्तियों में निरंतर द्वंद्व चलता रहता है| हमारी आंतरिक...