भजन/भावगीत

आशुतोष है,चंद्रमौली है

आशुतोष है,चंद्रमौली है, शिवशंकर कहलाता है, महाकाल बनकर के बैठा, वो उज्जैयनी वाला है। एक हाथ में माला उसके, एक हाथ में भाला है, एक रूप विकराल है तो, एक सुन्दर सौम्य निराला है। गल मुंडों की माल है उसके, सिष चन्द्रमा साजा है, कंठ गरलमय, गंग सिष पर, रूप अघोरी धारा है। भस्म रमाता […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

वृक्षों का आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक महत्व

वृक्षों का आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक दोनों ही दृष्टि से विशेष महत्व है ये जहां विभिन्न त्योहारों तिथियों पर पूजे जाते हैं  वहीं विज्ञान इनके फल, फूल, मूल एवं छाल का प्रयोग कर नित नए अनुसंधान करने में  लगा हुआ है जिनसे की अनेक जानलेवा बीमारियों से हमारी रक्षा हो सके| मानव शरीर में शायद ही […]

कविता

माँ

माँ चंदन है माँ वंदन है, माँ स्नेहावतार है, माँ का प्रेम है पावन सरिता,माँ गंगा की धार है।। माँ के चरण है मथुरा,काशी, माँ ही प्रयागराज है, माँ के प्रेम स्नेह में डूबे, राम,कृष्ण अवतार हैं।। माँ का प्रेम है मधुर चांदनी, माँ सावन मल्हार है, माँ के चरणों में ही अर्पित, यह जीवन […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

यशोधरा का विरह और सिद्धार्थ का बुद्धत्व

सिद्धार्थ ने बोध (ज्ञान) प्राप्त कर लिया और बुद्ध हो गए। संसार में ज्ञान का प्रचार-प्रसार कर लोगों को सुख-शांति का मार्ग दिखाया। संसार उन्हें पूजने लगा और उनके हजारों अनुयायी हो गए । लेकिन इतने ऊंचे ज्ञान और सम्मान को प्राप्त करने वाले बुद्ध यशोधरा के सदैव ऋणी रहेंगे जी हाँ यशोधरा जिनके हृदय […]

अन्य लेख

कविकुल शिरोमणि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर (विशेष लेख)

भारत भूमि पर हर युग, हर काल में महापुरुषों का अवतरण होता रहा है । इन महापुरुषों ने  केवल भारत को अपितु समूचे विश्व को अपने कृतित्व और व्यक्तित्व से अभिसिंचित कर इस विश्व धरा का मान बढ़ाया है और लोगों की सुषुप्त मानसिकता को जागृत किया है । ऐसे महापुरुष जब तक शरीर में […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

देवर्षि नारद जयंती (विशेष लेख)

देवर्षि नारद भगवान के जितने प्रेमी भक्त हैं, भगवान भी नारद जी के उतने ही बड़े भक्त हैं ।लेकिन आज की पीढ़ी नारद जी का जिस तरह से चरित्र-चित्रण करती है, उससे उनकी छवि उपहास के पात्र और चुगलखोर की बन गई है जो अतिनिंदनीय है । आज आवश्यकता है कि देवर्षि नारद का वास्तवित […]

सामाजिक

विद्यार्थी जीवन में संकल्प शक्ति की उपयोगिता एवं महत्व

संकल्प एक ऐसी अद्भुत शक्ति का नाम है, जिसके माध्यम से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करना असंभव नहीं है| जब विद्यार्थी पूरे मनोयोग से किसी कार्य को करने का संकल्प लेता है तो उसके मार्ग में आने वाले कंटक उसकी संकल्प शक्ति के आगे तृणवत् बह जाते हैं | संकल्प का शाब्दिक अर्थ है […]

सामाजिक

आत्महीनता एक अभिशाप….

किसी मनुष्य के सामान्य गुणों कि प्रशंसा कर उसे सम्मान देना तथा उसे और श्रेष्ठ कार्य करने के लिए प्रेरित करना हम सभी मनुष्यों के मनुष्यत्व के विशेष गुणों को दर्शाता है | इसके विपरीत यदि कोई व्यक्ति अपने से पद या उम्र में छोटे व्यक्ति से दुर्व्यवहार करता है उसकी छोटी-छोटी गलतियों के लिए […]

सामाजिक

मजबूर हूँ, मैं मज़दूर हूँ

‘मजदूर’ एक ऐसा शब्द जिसके ज़हन में आते ही दुख, दरिद्रता, भूख, अभाव, अशिक्षा, कष्ट, मजबूरी, शोषण और अभावग्रस्त व्यक्ति का चेहरा हमारे सामने घूमने लगता है। आप जब भी किसी पुल से गुज़रें तो ये ज़रूर सोचें कि ये न जाने किन मज़दूरों के कंधों पर टिका हुआ है, जब आप नदियों के सशक्त […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

विज्ञान और अध्यात्म – कोरोना के विरुद्ध दो अचूक शस्त्र

कोरोना जैसे दानव का हमारे देश ही नहीं अपितु समस्त विश्व पर भीषण आघात अत्यंत दुख:द एवं भयावह है । कुछ ही समय में इस महामारी रूपी दानव ने जिस प्रकार अपना विकराल रूप धारण कर मृत्यु का तांडव किया है, उसे देख कर लगता है कि इस संकट से जुझते हुए सम्पूर्ण रूप से […]