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  • अधूरा प्यार

    अधूरा प्यार

    अधूरा प्यार…. श्रुति बहुत ही खुशमिजाज लड़की थी, हर पल को बखूबी जीने वाली, इस तरह मानो कल आएगा ही नही जो है बस अभी है ! वह खुशमिजाज तो थी ही साथ ही साथ पढ़ने-लिखने...

  • पढ़े-लिखे नादाँ…..

    पढ़े-लिखे नादाँ…..

    पढ़-पढ़ पोथी गुणीजन कहला रहें हैं विद्वान् । प्रेम को न समझ सके तो काहे कहला रहे हैं महान।। पढ़-पढ़ पोथी गुणीजन कहला रहे हैं विद्वान् । इंसानियत ही न समझ सके फिर काहे के हैं...

  • सावन की बरसात …

    सावन की बरसात …

    बारिश की बूंदे मोती सी चमक रही हरे-हरे पतों पर कली-कली खिल रही सब कुछ धुला-धुला सा धीमी-धीमी सी पवन चिड़ियों की चहक कोयल की कूक अंबवा की महक जामुन का स्वाद सावन के गीत झूलों...

  • गुस्ताख दिल …

    गुस्ताख दिल …

    ऐ दिल सीख ले ज़माने में हालात के हिसाब से ढलना कि तेरे शौक और फरमाइशें मेरे तो बस के नहीं हैं । जो तुझे चाहे उसकी तुझे कदर नहीं दौड़ता है बेसबब उन गलियों में...



  • राखी स्पेशल …

    राखी स्पेशल …

    हर आहट बहना चौंक जाए भैया न आए   राखी में पिरो ढ़ेर शुभकामना भेजी विदेश   बहना दूर बाट देखें अखियाँ भाई उदास   नयन कोर सज रहे हैं  मोती कलाई सूनी   दुआएँ मेरी...

  • कविता

    कविता

    यूँ तो तुम बहुत अच्छी हो मन की सुन्दर हो व्यवहार की भी बहुत अच्छी हो सबसे मिलनसार हो बस मुझसे ही बेरुखी पाली है तुमने जाने क्यूँ इतनी सरहदें बनाकर रखी हैं तुमने तेरे-मेरे दरमियान...