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  • मुक्तक – शब्द संचयन

    मुक्तक – शब्द संचयन

    शब्द संचयन मेरा पीड़ादायक होगा, पर सुनो सत्य का ही परिचायक होगा। काव्य जगत का मैं छोटा सा साधक हूँ, पर शब्दों में उर्जा का परिचायक होगा ।। —प्रदीप कुमार तिवारी— परिचय - प्रदीप कुमार तिवारी...

  • मुक्तक – नशेड़ी

    मुक्तक – नशेड़ी

    बन के नशेड़ी इंसान हैवान बन जाते हैं, कभी-कभी तो पीकर भगवान बन जाते हैं। परिवार को गाली देते, सड़कों पर लेटते, अच्छे खासे पद को भी बदनाम कर जाते हैं।। —प्रदीप कुमार तिवारी— परिचय -...


  • #हर_दिन_मेरी_माँ_का_दिन_है

    #हर_दिन_मेरी_माँ_का_दिन_है

    माँ ने अपनी सांसें देकर मुझको पाला है, भ्रूणमात्र को धारण कर जीवन को ढ़ाला है। आँचल के नीचे रखकर पोषण छीर पिलाया, आने वाली विपदा को माँ ने ही टाला है।। #हर_दिन_मेरी_माँ_का_दिन_है —प्रदीप कुमार तिवारी—...