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  • पेड़ लगाऊंगा

    पेड़ लगाऊंगा

    नन्हा मैं हूँ नन्हा सा ही पेड़ लगाऊंगा, भरी जवानी में फल जिसके ढेर खाऊंगा। हरी भरी धरती पर बरसेंगें बादल काले काले, बारिस की पानी में कागज की नाव चलाऊंगा।। अपने कुर्ते को टांग खूटी...


  • जी करता है

    जी करता है

    जी करता है दूर गगन में पत्थर एक उछालूँ मैं, आसमान में उसे डूबोकर, फिर से आज निकालूँ मैं। खोया खोया चिंतन में , मन क्यों व्याकुल बैठा है, इस जैसी मासूम शरारत से आनंद उठालूँ...


  • सुन रहा आसमां

    सुन रहा आसमां

    वाचिक स्रग्विणी छंद ============= सुन रही है जमीं, सुन रहा आसमां। प्रेम की बात को, बुन रहा आसमां।। तुम चली हो किधर, आ जरा इस डगर। राह कांटे इधर, चुन रहा आसमां।। ना लडो इस समय,...

  • रात बीती

    रात बीती

    रात बीती अब सवेरा हो रहा। नींद टूटी है अंधेरा खो रहा।। रात के तारे उजाले में छिपे। तू अभी सपनों की चाह सो रहा।। तू रहा सोया तो जाने क्या हो। तू अभी चूका तो...