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  • बहाना होती है

    बहाना होती है

    आँगन की रौनक बहाना होती है, भाई के जीवन की गहना होती है। नेह के धागों पर रंग दुआओं के, ले बाँधें कलाई जो बहाना होती है।। —प्रदीप कुमार तिवारी— परिचय - प्रदीप कुमार तिवारी नाम...


  • विनम्र श्रद्धांजलि

    विनम्र श्रद्धांजलि

    लड़ता रहा मौत से प्रतिपल, किंचित ना भयभीत हुआ। सत्ता और विपक्ष भी जिसका, निष्ठा से मनमीत हुआ। देह त्याग कर चला स्वर्ग में, इन्द्रासन अब डोला है। देख प्रतिष्ठा अटल की शचिपति, मन ही मन...

  • अटल जी अमर हैं

    अटल जी अमर हैं

    समय का पहिया चलेगा जब तक, अटल अटल था अटल रहेगा। छोड़ दिया देह मगर अब, जीवन दर्शन अटल रहेगा। काल के कपाल पर जो , लिखता मिटाता रहा। जन-जन में अटल रहा वह, जन-जन में...



  • सत्ता चरित्र

    सत्ता चरित्र

    सत्ता चरित्र है बड़ा विचित्र सत्ता चरित्र, उजले चेहरे धुंधले होते हम आम सुधी जन, लाख जतन कर सच्चाई को समझ ना पाते हाँथ रगड़ते फिर पछताते हमने क्या कर डाला ये भी निकला मतवाला मत...



  • पनघट

    पनघट

    घूम रहा है समय का पहिया, सब कुछ बदला जाए रे, घर पर सबके नल लगा कोई पनघट अब ना आए रे। बचपन और जवानी पहले पनघट चल कर आती थी, प्रेम डगरिया पनघट वाली अब...