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  • थरथराहट

    थरथराहट

    जब भी गुजरता हूँ पुल पर से थरथराहट सी होती है देखा है मैंने जितना मैं थरथराता हूँ उतना ही थर्रा जाता है पुल भी उसे भी भरोसा नहीं है अपने रचनाकार पर मुझे भी अब...




  • या फिर

    या फिर

    या फिर बहुत कुछ अव्यक्त सा जरा-जरा अभिव्यक्त सा बहुत कठिन है ये दौर कितनी परीक्षाएँ मौन रह जाना या फिर साहस के साथ लड़ते रहना बहुत कुछ खो देने के बाद भी संघर्ष करते रहना...