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  • लघु कथा-ध्यान

    लघु कथा-ध्यान

    “अरे सुमन,तुम अपने बच्चों के प्रति कैसी लापरवाह हो;अभी कितने छोटे हैं और तुम उनपर ध्यान ही नहीं रख रही हो।मैं कब से देख रहा हूँ कि तुम्हारा लड़का उस उबड़-खाबड़ जमीन पर दो बार गिर...





  • स्वयं का होना

    स्वयं का होना

    स्वयं का होना पर्याप्त नहीं है क्यों हैं किसके लिए हैं इसमें नैराश्य का भाव है अकेलेपन का अहसास है, अपने उपयोगी होने पर सवाल है अपने अस्तित्व पर प्रश्नचिन्ह है स्वयं का कुछ होना सकून...