धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

निद्रा से स्वप्न तक की यात्रा

निद्रा और स्वप्न का ज्ञान बड़ा रोचक है।  हम रोज़ाना सोते हैं, पर हम कभी अपनी निद्रा को नहीं समझ पाते, उसे जान नहीं पाते, यह बड़ी विडंबना की बात है। यह ऐसे ही है जैसे किसी व्यक्ति के पास लाखों करोड़ों रुपये हों पर उसे उन्हें खर्च न करना आता हो और जो बड़ी […]

राजनीति

वैश्विक खाद्य संकट से प्रभावित देश विदेश भुखमरी का शिकार

वर्तमान में विश्व गरीब और अमीर दो भागों में बंटा हुआ है। सच तो यह है कि अमीर देश लगातार अमीर होते जा रहे हैं और गरीबों की गरीबी बढ़ती ही जा रही है। जब तक यह असन्तुलन खत्म नहीं होगा तब तक गरीबी और भुखमरी भी यथावत रहेगी। जरूरत इस बात की है कि […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

अध्यात्म से ही निर्वांण की प्राप्ति

अध्यात्म बड़ा सहज है। फिर भी लोग मन में कई भ्रांतियां पाल लेते हैं कि कहीं आध्यात्मिक होने पर घर छोड़कर संन्यास लेना पड़ जाए, कहीं बैरागी न हो जाऊं, कहीं गृहस्थ धर्म न छोड़ दूं। अध्यात्म तो हमें जीवन जीना सिखाता है। जैसे कोई भी मशीन खरीदने पर उसके साथ एक मैन्युअल बुक आती […]

कविता

आँसू हूँ

मैं हर एक परिस्थिति में आँखों से छलकता हूँ मनुष्य की भावनाओं को मैं बखूबी समझता हूँ मनुष्य की भावनाओं का रूप बदलकर मैं आँखों में झलकता हूँ सामने वाले को समझाने की मैं हर बार नाकाम कोशिश करता हूँ आँसू हूँ जनाब मुझे कोई भी पसंद नहीं करता है हर बार हर कोई मेरा […]

कविता

एक रिश्ते की मौत….

एक रिश्ता जो तारीख से उपजा कैलेंडर पर बड़ा हुआ समय के साथ उम्रदराज़ हुआ एक रिश्ता जो मन की गहराइयों में उमड़ा सपनों में जवान हुआ उम्मीदों में पनपता रहा एक रिश्ता जिसमे न थी समय की बंदिश न दूरियों की परवाह और न ही भविष्य की फिकर एक रिश्ता जो बस प्यार में […]

कविता

स्याह है, रात है

स्याह है, रात है कोई तो बात है अंधेरों को चीरती सन्नाटों को घेरती कैसी आवाज है ? सिसक रहा है कोई सिरहाने पे मेरे कोई तो राज है ? दर्द में कौन है बोल क्यों तू मौन है ? हुआ क्या आज है ? फिर उसने बोला अधरों को खोला ये तो मेरी ही […]