गीतिका/ग़ज़ल

गजल

सफ़र  में   रहो  तुम ,मुलाकात  होगी, मिलोगे  अगर  तो  बहुत  बात  होगी। हैं  चंदा  ये  तारे   बहारों  की  दुनिया, अगर तुम हो तो फिर हसीं रात होगी। नहीं  मेरे  बस  में  मेरा  मन  है  देखो, मुझे  थाम  लो  तो  ये  सौगात  होगी। तुम्हारे   बिना   मैं   अधूरी  हूँ  साजन, मिलो जो  अगर वस्ल  की  रात होगी। […]

गीतिका/ग़ज़ल

गजल

चलो  आज सुर  को मिलाते  चलो ना, खुशी  का  वही  गीत  गाते  चलो  ना। वतन  के लिए  आज दिन  खास है ये, चलो साथ  खुशियाँ  मनाते  चलो ना। अमर  वीर   सैनिक  हमारे   वतन  के, है वीरों  की   गाथा  सुनाते  चलो  ना। हो मुश़्किल कोई भी मगर राह चलना, यूँ  विश्वास   मन  में  जगाते  चलो ना। […]