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  • धरती तपती

    धरती तपती

    तप्त तवा-सी धरती तपती। अम्बर से है आग बरसती।। गली-गली जल रही शहर की। कली-कली सूखी उपवन की।। साँय-साँय लू-लपट लगाये। तरु-छाया भी सिमट सुखाये।। पशु-पक्षी सब फिरें तड़पते। इधर उधर छाया को तकते। सूखे पोखर-ताल...