हास्य व्यंग्य

लाॅकडाउन: एक लेखक की व्यथा कथा

देश में लाॅकडाउन है और मैं भी तमाम देशवासियों की तरह घर में रहने को मजबूर हूं। हालांकि लाॅकडाडन घोषित होते समय अन्दर से बहुत खुश था कि विद्यालय बंद हो जाने से इस अवधि में लेखन के शौक के चलते कुछ लिखने-पढ़ने का सार्थक काम हो जायेगा। और तदनुरूप योजना भी बना ली थी […]

इतिहास

क्रांतिकारी अजीमुल्ला खां रचित वह प्रथम राष्ट्रगीत जिसे अंग्रेजों ने जब्त कर लिया था

भारतवर्ष वीरों की भूमि है। वीर रस से पगी इस पावन भूमि का कण-कण साक्षी है कि 1857 के स्वाधीनता समर में अंग्रेजी जुल्म और शोषण के विरुद्ध संपूर्ण देश समाज अपनी पूरी शक्ति और सामथ्र्य के साथ उठ खड़ा हुआ था। राजा, महाराजा, नवाब, साहूकार, सैनिक, किसान और मजदूर भाषा, क्षेत्र, जाति और पंथ- […]

इतिहास

सुभाष चन्द्र बोस: जिनके नाम से अंग्रेजों के हृदय कांपते थे

ब्रिटिश शासन सत्ता की बेड़ियों में जकड़ी भारत माता की मुक्ति के लिए हुए स्वाधीनता समर की बलिवेदी पर अनगिनत वीर सपूतों ने निज जीवन की आहुति दी है। अपने सुवासित जीवन-पुष्पों की माला से भारत माता का कंठ सुशोभित किया है, तो रुधिर से भाल पर अभिषेक भी। उन्हीं जननायकों में से एक महानायक […]

पर्यावरण

घायल धरती करे पुकार

मानव जीवन में अगर कोई सम्बंध सर्वाधिक उदात्त, गरिमामय, पावन और प्रेमपूर्ण है तो वह है मां और पुत्र का सम्बंध। एक मां कभी भी अपनी संतान को भूखा-प्यासा, बेबस और कष्ट का जीवन जीते नहीं देख सकती और ऐसा कोई पुत्र भी नहीं होगा जो मां की कराह सुन व्याकुल और व्यथित न हो। […]

सामाजिक

नव संवत के स्वागत में प्रकृति ने ओढ़े इंद्रधनुषी रंग

चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा अर्थात् वर्ष प्रतिपदा, यह तिथि हिन्दू काल गणनानुसार नव वर्ष के प्रारम्भ का शुभ दिन है। आज 6 अप्रैल को ‘परिधावी’ नामक विक्रम सम्वत 2076 का प्रथम दिवस है। हालांकि भारत वर्ष में विश्व के अन्य देशों की तरह मुख्य रूप से अंग्रेजी ग्रेगेरियन कलैंडर के अनुसार ही कार्यक्रम संपादित होते […]

संस्मरण

मैं, मेरा बचपन और किताबों से दोस्ती

बुंदेलखंड के बांदा जिले के एक पिछडे़ गांव ‘बल्लान’ में 1973 में जन्म हुआ और 1998 में प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में सहायक अध्यापक के रूप में जुड़ना हुआ। एक शिक्षक के रूप में काम करते हुए पूरे बीस साल हो गये हैं। अपनी पढ़ाई, शिक्षक बनने की प्रक्रिया, शिक्षक रूप में अनुभव और इस […]

पर्यावरण

लोकपक्षी गौरैया के अस्तित्व पर मंडराता संकट

आज से एक डेढ़-दो दशक पूर्व तक हमारे घरों में एक नन्ही प्यारी चिड़िया की खूब आवाजाही हुआ करती थी। वह बच्चों की मीत थी तो महिलाओं की चिर सखी भी। उसकी चहचहाहट में संगीत के सुरों की मिठास थी और हवा की ताजगी का सुवासित झोंका भी। नित्यप्रति प्रातः उसके कलरव से लोकजीवन को […]

इतिहास

भारत की प्रथम महिला राज्यपाल सरोजिनी नायडू

भारत भूमि कर्म की पुण्य धरा है। यह साहित्य, शिक्षा, संस्कृति, संगीत, कला, ज्ञान-विज्ञान की जननी है और पोषक भी। यहां जीवन के विविध क्षेत्रों में जहां पुरुषों ने विश्व-गगन में अपनी सामथ्र्य की गौरव पताका फहराई है तो महिलाओं ने भी सफलता के शिखर पर अपने पदचिह्न अंकित किए हैं। सरोजिनी नायडू भारतीय राजनीति […]

विज्ञान

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस: ‘रमन प्रभाव’ की खोज के स्मरण का दिन

28 फरवरी 1928 को चन्द्रशेखर वेंकेट रमन ने लोक सम्मुख अपनी विश्व प्रसिद्ध खोज ‘रमन प्रभाव’ की घोषणा की थी। ‘रमन प्रभाव’ के लिए ही 1930 में सीवी रमन को नोबेल पुरस्कार मिला था। राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् एवं विज्ञान मंत्रालय द्वारा रमन की खोज की समृति तथा विज्ञान से लाभों, युवाओं एवं बच्चों […]

सामाजिक

और रेडियो खुशियां बांटता रहा

(13 फरवरी विश्व रेडियो दिवस पर विशेष) सुनहरी और खट्टी-मिट्ठी स्मृतियों को सहेजे रेडियो अपनी जीवन-यात्रा का शतक पूरा करने को है। पूरी दुनिया में रेडियो ने श्रोता वर्ग से जो सम्मान और प्यार हासिल किया वह अन्य किसी माध्यम को न मिला और न कभी मिल सकेगा। विविध इंद्रधनुषी कार्यक्रमों के द्वारा रेडियो ने […]