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  • गजल

    गजल

    वो गजल आनलाइन लिखा करते हैं। जाने किस नाजनीं से वफा करते हैं।। कह दो कोई तो जाकर सनम से मेरे। हम तो बस उनके खातिर मरा करते हैंं।। कब पढेंगे वो मेरी गजल क्या पता।...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    उसने दिया हमको ये इल्जाम है। इश्क को हमने किया बदनाम है।। रूठ कर हम जाये किधर किस शहर। हर तरफ सद्दाम ही सद्दाम है। कत्ल करने की अदा भी है जुदा। कत्ल करके लिख दिया...

  • गीतिका

    गीतिका

    वो माँ मौत मांग रही थी आज अपने लिये। चराग की रौशनी में जिसने कपड़े सिये।। अब उसकी आँखों में रौशनी कहां थी। टिमटिमाते थे सिर्फ आँखों के दिये।। हाथों मे कम्पन था उसके तो बेहिसाब।...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    कसक दिल में उठती रहेगी तुम्हारे लिये। आंख भी रोज भरती रहेगी तुम्हारे लिये।। बेरूखी तुम्हारी दर्द मेरा बढ़ाती ही रहेगी। इक आह निकलती रहेगी तुम्हारे लिये।। जिस गली मे चर्चा तुम्हारा होगा सनम। वही पर...

  • गजल

    गजल

    मिला क्या मुहब्बत जताकर हमें। गया मुस्कुराते रूलाकर हमें।। ये दिल मानता कब हमारी सनम। हुआ खुश ये अक्सर जलाकर हमें।। न सुकूं न चैनो अमन है मिला। बदल कर गया इश्क आकर हमें।। करेगा दगा...

  • गजल/ गीतिका

    गजल/ गीतिका

    अब कहां लोग प्यार करतें हैं । इश्क में बस शिकार करतें हैं।। पूरे अरमान करने को वो तो। रूप देखो हजार करतें है।। आँखों में अब नही होता पानी। बातें तो बेशुमार करतें हैं।। चांदनी...

  • गजल

    गजल

    चैन से जी रही थी क्यूं सताने आ गये। दिल में घर अपना क्यूं बनाने आ गये।। मिलता नही करार मुझे पल भर के लिये। बेचैनी फिर मेरी तुम क्यूं बढ़ाने आ गये।। वादा किया जो...

  • गजल

    गजल

    वक्त ये कटता नही इन्तजार का। खत तेरा आता नही इकरार का।। बस ख्यालों में तेरे यूं ही डूबी रहूं। अहसास होता रहे तेरे प्यार का।। तेरे मेरे बीच कोई आने न पाये। न हो फैसला...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    नाकामियों के डर से हम रास्ते बदलते रहे। लोग हमें रोज नये मिले और हमें छलते रहे।। भरोसे का न था कोई हमसफर हमारा यारों। हम हर शै पर अक्सर ऐतबार करते रहे।। मेरी तन्हा सी...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    शम्मा की तरह परवाना जलता रहेगा। ताक मे बैठकर वो आहे भरता रहेगा। नही आमंत्रण है उसे करीब आने का। दूर से देखो दीदार अब करता रहेगा।। जमीं की तिश्नगी पुकारती जोर शोर से। बादल बरसने...