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  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    नाकामियों के डर से हम रास्ते बदलते रहे। लोग हमें रोज नये मिले और हमें छलते रहे।। भरोसे का न था कोई हमसफर हमारा यारों। हम हर शै पर अक्सर ऐतबार करते रहे।। मेरी तन्हा सी...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    शम्मा की तरह परवाना जलता रहेगा। ताक मे बैठकर वो आहे भरता रहेगा। नही आमंत्रण है उसे करीब आने का। दूर से देखो दीदार अब करता रहेगा।। जमीं की तिश्नगी पुकारती जोर शोर से। बादल बरसने...

  • गजल

    गजल

    हमको हमारा गम भी प्यारा है। गम है कि गम दिया तुम्हारा है।। गुमान करने की इम्तहां हो गई। नही अब ये तहजीब गंवारा है।। क्यूं तन्हाई का दर्द सहूं रहबर। हाथ जब हाथ में मेरे...

  • गीतिका

    गीतिका

    निभाया हैं हमने और निभाते रहेंगे तेरी बज्म में हम तो रोज आते रहेंगे खुदा का करम है हम पर सुनो तुम दर पे उसी के ये सर झुकाते रहेंगे मिलते कहां हो तुम हमसे ओ...

  • गीतिका

    गीतिका

    आंसू बिकाऊ हैं इश्क के कीमत लगाओ यारों । बेच दो इसको या फिर इसको बचाओ यारो।। तड़प रहा है सदियों से बेघर होकर यहाँ वहाँ । है निलामी इसकी बज्म मे तुम भी आओ यारो।।...

  • गीतिका/गजल

    गीतिका/गजल

    इश्क तो अब आजमाया जा रहा है। खेल दिलो का दिखाया जा रहा है।। टूटकर बिखरता है बेचारा बार बार। शीशे की माफिक बताया जा रहा है।। खेलने वाले खेल लेते है ये खेल भी। मरकर...

  • गीतिका

    गीतिका

    निगाहों में राज कैसा छुपाये हुये हो। दर्द क्या है जो दिल में दबाये हुये हो।। छोड़ दो कश्ती भंवर मे डूब जाने दो। मझधार में नइया क्यूं फँसाये हुये हो।। हो अंजाम जो भी उसका...



  • गीतिका

    गीतिका

    मोहब्बत का गुजरा जमाना याद आ गया संग तेरे सरेराह मुस्कुराना याद आ गया पढ़ा करते थे किताबें तुम रौब में आकर पन्ने पलटकर मुझे दिखाना याद आ गया हुआ करती थी शीतल चांद की हसीं...