गीतिका/ग़ज़ल

*गीतिका *

मै तेरे करीब आने से पहले ! रोई बहुत मुस्कुराने से पहले !! जलती रही मै शामो-सहर ! आया कहां जल जाने से पहले !! बनकर मै मोम पिघलती रही ! ठंडक कहां मुझको जमाने से पहले !! नही फिक्र थी तुझको मेरी जालिम! तड़पती रही मै गुनगुनाने से पहले !! तुझको तो था बाजार […]

गीतिका/ग़ज़ल

गजल

लौट आओ कि शाम ढल न जाये वक्त है मुकम्मल बदल न जाये काटी है राते हमने करवट बदल कर इन्तजार मे तेरे दम निकल न जाये भूल पाना मुमकिन नही अब तुमको टूटकर कही ये दिल बिखर न जाये वक्त बहुत बेरहम है दिलदार मेरे कैद कर लो कही फिसल न जाये बाद मुद्दत […]

गीतिका/ग़ज़ल

*गीतिका*

तेरे तसब्बुर मे मेरा अक्स बनाये रखना! उम्मीदो के दिये दिल मे जलाये रखना !! जां मेरी कोई छाया हम पर पड़े न भारी! मुझे धड़कनो मे अपनी बसाये रखना !! मौत आने तक यूं ही चलती रहे जिन्दगी! चरागो मे रौशनी अपनी बनाये रखना !! बहुत मुश्किलो से काटा है ये छोटा सा सफर […]

कविता

कविता : गौ हत्या

बेजुबां है ये इनकी आंख से सिर्फ आंसू बहते है ! इनके दर्द की कहानी इनके बहते आंसू कहते है !! कैसे है वो दरिन्दे जो इनकी बलि चढ़ाते है !! इतना संगीन जुर्म फिर भी इन्सान कहलाते है !! चन्द पैसो की खातिर मां की हत्या करते है ! जिसने जीवन दान दिया मार […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

याद जो आयेगी तेरी ! खुद को खफा कर लूंगी ! बात जो आयेगी तेरी ! खुद से बयां कर लूंगी !! कर लूंगी खुद ही फैसला! मैं वादे जफा कर लूंगी !! नहीं तेरी जरूरत हमको ! सपनों से वफा कर लूंगी!! न हो तुझसे साबका मेरा ! तारों पे गुमां कर लूंगी !! […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल – छुप-छुप कर हमें यूं न सताया करो

छुप-छुप कर हमें यूं न सताया करो बात दिल की मेरे जान जाया करो दूर बैठकर तकते हो इस कदर सदके में मेरी नजरें झुकाया करो इकरार करने का अंदाज निराला है भरी महफिल में सहम जाया करो जमाना शातिर है नहीं इसको गुमां बेझिझक मिलने को न आया करो हसीं ख्वाब सजाये हैं पलकों […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल – चेहरे पे तेरे जो नूर आया है

चेहरे पे तेरे जो नूर आया है तुझ पर किसी हसीं का साया है मैकदा देख तेरी आंखों ने भी बदल दिया घर अपना पराया है हसीं शाम जो मिली वफा ढूंढ़ने फिर कोई मरीजे इश्क आया है उदास होंठ हैं जो तेरे अब तलक मुस्कुराहट बेचने कोई खरीदार आया है करवट बदल-बदल बीती हैं […]