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  • हम फिर मिलेंगे

    हम फिर मिलेंगे

    हम फिर मिलेंगे कहीं न कहीं किसी न किसी रूप में हम फिर मिलेंगे …. गर बनोगे तुम आकाश मैं धरती बन अंतिम छोर तक तुमसे मिलने की करती रहूंगी कोशिश झुकना होगा तुम्हें भी मुझे...

  • शब्द

    शब्द

    शब्द ही तो हैं हमारे मध्य शब्दों में ही है हमारा संसार धुन की लय में बहते हुए शब्द कह जाते हैं कानों में बहुत कुछ कभी प्रेम , कभी तकरार कभी इज़हार , कभी इनकार...

  • उम्मीदें

    उम्मीदें

    2212 2212 2212 बैसाखियों पर चलती उम्मीदें मेरी अब नफरतों पर पलती उम्मीदें मेरी न मिला शजर, न मिली कली कोई कभी बनकर परिंदा उड़ती उम्मीदें मेरी शब रो रही महताब के आगोश में तारों के...

  • सपना

    सपना

    क्यों होता है मेरे मनवा तू बेकल कोई सपना बुन लेना फिर तू इक कल मध्यम पड़ जाए ये सूरज भी तुझसे बादल को अपना तू कर लेना आँचल चाहत की राहें मत समझो तुम आसां...

  • तन्हा दीवानी

    तन्हा दीवानी

    जिंदगी बन कर तेरी मेरी कहानी रह गई, आँखों में बस मेरी अश्कों की रवानी रह गई, रास न आया ज़िंदगी को मेरा आँचल फूलों का काँटे ही दामन में इकलौती निशानी रह गई, हसरतों की...

  • बस तुम

    बस तुम

    जाना चाहते हो तुम तो शौक से चले जाओ मगर सुनो….. लगा देना किवाड़ यादों के दरवाजे को कहीं विस्मृतियों के वन से पवन संग बहकर चली न आये याद कोई जो कर दे परेशां ….....

  • राह

    राह

    क्यों देखती हूँ बेवजह तेरी राह जबकि ख़बर है न आओगे तुम खो चुके हैं अहसास सारे मर गए हैं रिश्ते हमारे फिर भी दिल तलाशता है तुम्हें पता है इन अहसासों को कभी न समझ...

  • अनजाना डर

    अनजाना डर

    अनजाना डर आज बिटिया को बैंकिंग की परीक्षा देने नवी मुंबई जाना था। सुबह-सुबह उठकर तैयार होकर जाने लगी तब अचानक याद आया आज तो लोकल ट्रेनों का मेगा ब्लॉक है आज तो मेगा ब्लॉक है...

  • इक कहानी लिखूं

    इक कहानी लिखूं

    सोचती हूँ इक कहानी लिखूं तेरी और मेरी जुबानी लिखूं लिखूं हाल ऐ दिल अपना या सपनों की रवानी लिखूं अरमानों की लिखूं ग़ज़ल, यां आँखों का बहता पानी लिखूं बनाऊ नए फ़साने फिर से, या...

  • अभिनय

    अभिनय

    कितना जानदार अभिनय ऐसा के कोई समझ न पाये सच है या है कोई नाटक पीड़ा छुपाकर मुस्कुराना स्याह आँखों में काजल सजाना नीले निशान चूड़ियों और साडी में छुपाना आभावों में भी सम्पूर्णता भूखे पेट...