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  • गीत

    गीत

    वीरों ने अपना लहू बहाया तब जाके ये सुबह आई आबो हवा स्वतंत्रता की तब हमने है पाई आजादी की कीमत कोई क्या जानेगा जिसने प्राण गंवाए वो ही पहचानेगा हंसते हंसते कितनों ने अपनी जान...

  • रंग-ए-बसंती

    रंग-ए-बसंती

    घुला मौसम-ए-रंग बसंती बसंती, उसपे हवाओं की ये शोख मस्ती, खुदा की कसम ये हसीं यूं न होती, अगर इसमें शामिल मोहब्बत न होती। रंगे रंग बसंती गुलों के ये चेहरे, ये शब़नम की बूंदों के...



  • ग़ज़ल : क़त्ल

    ग़ज़ल : क़त्ल

    ऐसे किया है कत्ल, के ईमान ले गये। यारों वो जाते जाते, मेंरी जान लें गये। आया न कुछ नज़र, सिवा उनकी अदाओं के, चारो चरफ फैला हुआ, जहान ले गये। देखा जो उनका ताब, तो...

  • तनहाईयों से बातें

    तनहाईयों से बातें

    तनहाईयो में बैठ के, बातें करो कभी। ख़लवत में खुद से भी, मुलाकातें करो कभी। देखो तो कभी गौर से, कितनी हैं खामियां, इनको मिटाने की, करामातें करो कभी। बेख़्वाब आंखो में गुजारी, कितनी शबे ग़म,...

  • यादों के दस्तावेज़

    यादों के दस्तावेज़

    दिल में छुपा के रखते हैं, यादों के दस्तावेज़। पल पल हिसाब रखते हैं, यादों के दस्तावेज़। फैली हुयी तनहाईयों से, तू न हो पशेमां, हरदम यही कहते हैं, यादों के दस्तावेज़। यूं आलमें खामोशियों में,...


  • दहन

    दहन

    मारा था युगों पहले पर कहां मरण होता है सालों साल जलाते पर  कहां दहन होता है अब भी तो देवी का घर घर में पूजन होता है वहीं कीसी कोने में नारी का शोषण होता...