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  • ग़ज़ल – सायबान

    ग़ज़ल – सायबान

    ऐ जिंदगी कुछ यूं गुज़र के खुद को और तराश दे है  दर्द  से  भीगी  हुई  कोई  सायबान  तलाश दे। तू रुख ज़माने का समझ के,देख दुनियां की सब़ा सूरत पे सब होते फ़िदा, सीरत को...

  • आस का पंछी

    आस का पंछी

    रहता है सबके मन में, ये आस का पंछी। उड़ता खुले गगन में ये आस का पंछी। जितनी बड़ी तमन्ना, उतनी बड़ी उड़ान, चला है मन मगन में ये आस का पंछी। बातों मैं जोश दिल...

  • मोहब्बत

    मोहब्बत

    दिल  भूलता  नहीं  क्यूं , वो  मोहब्बत  तेरी। रहती  है   साथ साथ वो ,  मासूमियत  तेरी। दिल भूलता नहीं ,,,,,,,,,,,,,, क्यूं  टीसता  है दर्द , अब  भी  कल्बो ज़िगर, रौशन है अब भी  रुह का, वो ...

  • बारिश

    बारिश

    बारिश का मौसम वैसे तो लगता है सबको सुखदाई पर गरीब के दुख को तो वर्षा रानी भी समझ न पाई उसकी छत का टपकना रातों का जागना टपकते पानी के नीचे नन्हें हाथों बर्तन रखना...


  • भीगी राखी

    भीगी राखी

    भीगी राखी, रोया सावन। भईया तुम बिन,सूना आंगन। दिन बीते जैसे युग गुजरे, टूट गये अश्कों के पहरे, आ पहुंचा फिर पर्व सुहावन भईया तुम बिन सूना आंगन। परदेसी तुम हुये मुसाफिर, आ जाओं अब मेंरी...

  • जमाल

    जमाल

    तेरा हाल मिल गया है, हमें अपने हाल से, हो जाता है बयां सब, धड़कन की ताल से। तेरी दूरियां आंखों को, अश्कों से भीगोती हैं, खो जाता है कहीं दिल, यादों के ख्याल से। लहरा ...


  • गज़ल – रज़ा

    गज़ल – रज़ा

    मौसमें गुल की है रज़ा तुम आओ तो सही। दिल जलाने लगी फजा तुम आओ तो सही दिल के ऐवान में सजी है अंजुमन देखो छाए अशआर का मज़ा तुम आओ तो सही फ़िराक के अश्को...

  • दिवाना

    दिवाना

    तेरे बिन लागे ना मन मेरा दीवाना हो गया। ख़्वाहिश में तेरी बावरा मस्ताना हो गया। सुनता नहीं कीसी की कैसे इसे संभालें ऐसी लगन लगी है कुछ भी न देखे भाले चाहत में तेरी दुनियां...