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  • मैं प्रीत हूँ 

    मैं प्रीत हूँ 

    मैं प्रीत हूँ स्निग्ध प्रकृति युवा दिलों में धड़कती सदियों से महकती तरुणाई  को सौन्दर्य के रँग देती प्रेम गीतों में रागिनी बन घुली स्वरलहरियाँ बहारों में बहकती फूलों में गमकती फुनगियों पर चिड़िया बन फुदकती...