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  • रिश्तों की बुनियाद

    रिश्तों की बुनियाद

    “क्या बुराई है उस लडके में, बस तुम्हारे रूतबे के बराबर नही लेकिन अच्छे परिवार से है, . हमारी जाति का नही लेकिन बह भी सभ्य परिवार से है, थोडा ऊंचा नीचा चलता है और अपनी बेटी...

  • दूसरी औरत

    दूसरी औरत

    अजीब नशा था छोटे कुंवर को दूसरी औरत का, आय का एक बहुत बडा हिस्सा उसके एक इशारों पर लुटाया जा रहा था उसके ऊपर, सभी समझा समझा कर हार चुके थे । मायके बालों ने...

  • खलती है बेटियां

    खलती है बेटियां

    बेटी से बनकर बहू जब बांट देती है  परिवार को तब खलती हैं बेटियां आजादी के नाम पर करती है मनमानी लेती है आधुनिकता की आड तब खलती हैं बेटियां भाई के प्यार के बदले जब...

  • लघुकथा – प्रेम का आगोश

    लघुकथा – प्रेम का आगोश

    दिन भर की भागदौड , बच्चों के नखरे ,पति की शिकायतों, सास के उलाहने में ही सारा दिन निकल जाता। इन सबमें उसकी मानसिक हालत कमजोर हो जाती, मन करता सब छोड भाग जाये। रोज की तरह आज...

  • सेम तरीक़ा

    सेम तरीक़ा

    “आपका बच्चा क्लासरूम में पढाई पर ध्यान ही नही देता, मैथ का एक क्वेश्चन सेम तरह से कई बार समझाया पर समझ में ही नही आता इसके…या यूँ कहें कि ध्यान नहीं देता ये।” “जब एक...



  • लघुकथा – अपना अपना डर

    लघुकथा – अपना अपना डर

    आज बेटी हास्टल नही पहुंची, माँ और पापा का दिल किसी अनजान घटना की आशंका से जोरों से धडक रहा था, काल भी नही लग रहा था, स्विच आफ बता रहा था। हास्टल पंहुच कर पता चला दोपहर...

  • कहानी अपनी सी

    कहानी अपनी सी

    एक बडे से परात मे रंग बिरंगे पानी मे अंगूठी डाल कर जिठानी बोली “देखो देवर जी हर हाल में जीतना है… बरना जिंदगी भर जोरू के गुलाम बनकर रहना होगा “ऐसा कहकर अंगूठी पानी मे...