इतिहास

कलकत्ता, तेरी जिन गलियों से वो मुसाफिर गुजरा था, उनकी मिट्टी से तिलक लगाने जरूर आऊंगा

कोलकाता को मैं हमेशा कलकत्ता ही बोलता हूं। अभी तक मैंने यह शहर सिर्फ अखबार, टीवी, तस्वीरों और इंटरनेट के जरिए ही देखा है, कभी जाने का मौका नहीं मिला। कलकत्ता से सिर्फ बंगाल का ही नहीं बल्कि पूरे हिंदुस्तान का बहुत गहरा रिश्ता है। कभी इसी शहर की स्याही कागज पर उतर कर गीतांजलि […]

इतिहास

मरूधर रो मीत

राजस्थान पत्रिका के संस्थापक श्रद्धेय श्री कर्पूरचंद्र कुलिश जी ऐसी शख्सियत हैं जिन्हें मैं जिंदगी का असली हीरो मानता हूं। एक साधारण परिवार और ग्रामीण पृष्ठभूमि से जयपुर आया युवक अपनी मेहनत से 7 मार्च, 1956 को राजस्थान पत्रिका जैसा दीपक जलाकर एक दिन कुलिशजी जैसा विराट व्यक्तित्व बन जाता है।आज मैंने राजस्थान पत्रिका और […]

सामाजिक

उड़ने से पहले कटी काका की पतंग

मकर संक्रांति मेरे पसंदीदा त्यौहारों में से एक है। इस दिन मैं नहाने की छुट्टी करता हूं और पूरा दिन छत पर बिताता हूं। तब मैं पूरे परिवार का पहला व्यक्ति होता हूं जो सबसे पहले दिन की शुरुआत करता है। वह दिन ढेर सारे पतंगों और ‘वो काटा, वो मारा’ के शोर में बीतता […]

कहानी

मेरे पहले मनीऑर्डर की कहानी

यह बहुत पुरानी बात नहीं है जब मैं 24 साल का एक नौजवान था। मेरे पास नेचुरोपैथी अस्पताल से पास किए कोर्स का प्रमाण पत्र, किताबों से मुंह तक भरा खाकी रंग का एक थैला, आधी भरी गुल्लक और दो आंखों में अनगिनत सपने थे। मैं जब बहुत छोटा था तब से ही सुंदर और […]

अन्य लेख

माँ को सिखाया कम्प्यूटर पर कार्य करना

इस वक्त मेरे हाथ में एक बहुत पुरानी कॉपी है जिसमें एक बच्चे ने अपनी बेहद खराब हैंडराइटिंग में कुछ अक्षर लिखने की कोशिश की है। शायद उसे ‘क’ अक्षर लिखने में कोई परेशानी नहीं है लेकिन ‘क्ष’ और ‘ज्ञ’ उसे बहुत भयानक लगते थे। अगर उसका बस चलता तो वह फौरन इन दोनों अक्षरों […]

अन्य लेख

गाँव का गुरुकुल

अगर मुझसे पूछा जाए कि अमृत और स्याही में से तुम क्या लेना पसंद करोगे तो मैं हर बार स्याही को ही चुनूंगा, ताकि यह कलम के जरिए उजाले की ताकत बन सके। उजाले से मेरा मतलब दुनिया को अच्छाई से रोशन करने वाली सभी कोशिशों से है। मेरा जन्म राजस्थान के झुंझुनूं जिले के […]