गीत/नवगीत

नवगीत – चूल्हे में जलती रोती

देख उबलती खिचड़ी मन की हांडी में आज तवे पर जल बैठी फिर से रोटी एक तरफ़ चूल्हे में ये रोती लकड़ी आधी गीली कलमूई आधी सूखी ऊपर से ये लंगड़ा चिमटा दुखदाई और फूंकनी मेरी साँसों की भूखी मन में घूमे कितने हाय हिंडोले ये और समस्या घर की ये छोटी मोटी आज तवे […]

कुण्डली/छंद

दुर्मिल सवैया – फाग बयार

भँवरे कलियाँ तरु झूम उठें जब फाग बयार करे बतियाँ| दिन रैन कहाँ फिर चैन पड़े कतरा- कतरा कटती रतियाँ| कविता, वनिता, सविता, सरिता ढक के मुखड़ा छुपती फिरती| जब रंग अबीर लिए कर में निकले किसना धड़के छतियाँ| नव लाल गुलाल मले मितवा हँसती सखियाँ हँसती नगरी| कजरा लहका गज़रा महका मुख लाल हुआ […]

गीत/नवगीत

सरहद आल्हा /वीर छंद (गीत )

  भड़की ज्वाला खूँ की प्यासी, सरहद भरती है हुंकार| उबल पड़ा फिर लहू हिन्द का ,सुनकर  साँपों की फुफकार|| दुर्गा मात जहाँ की बेटी ,बब्बर शेर जहाँ के लाल| भारत माँ का एक इंच भी ,होने ना दें बाँका बाल||   सोच लिया कैसे तूने फिर ,अपना झंडा देगा गाड़| भारत की बलशाली सेना […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल : इक घाट पे धुले वो सभी पैरहन तमाम

पर्दा जो उठ गया तो हुआ काला धन तमाम चोरों की ख्वाहिशों के जले तन बदन तमाम बरसों से जो महकते रहे भ्रष्ट इत्र से इक घाट पे धुले वो सभी पैरहन तमाम बावक्त असलियत का मुखौटा उतर गया किरदार का वजूद हुआ दफ़अतन तमाम ये बंद खिड़कियाँ जो खुली पस्त हो गई सब झूठ […]

गीत/नवगीत मुक्तक/दोहा

हिंदी प्रेम (दोहा गीत)

  मन के कागद पर लिखो ,प्रिय मेरी तकदीर| हृदय कलम मसि नेह की ,रँगो धवल तस्वीर||   आखर-आखर जोड़ के,लिख दो दिल की प्रीत| छंद-छंद सिंगार का ,प्रणय बद्ध संगीत|| बँधी प्रेम अनुबंध में, सरिता बहे अधीर| हृदय कलम  मसि नेह की ,रँगो धवल तस्वीर||   भीग नेह में हो हरें, पीत विटप के […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल : पुरानी उस सुराही के बचे टुकड़े कहाँ रक्खूँ

फिसलकर नींद से टूटे हुए सपने कहाँ रक्खूँ ज़फ़ा की धूप में सूखे हुए गमले कहाँ रक्खूँ मुक़द्दस बूँद से जिसकी इबादत में वजू करती पुरानी उस सुराही के बचे टुकड़े कहाँ रक्खूँ परिंदे उड़ गए अपनी अलग दुनिया बसाने को बनी मैं ठूँठ अब उस नीड के तिनके कहाँ रक्खूँ भरा है तल्खियों से […]

गीत/नवगीत

पत्थरों की नोक से घायल करें उगता सवेरा (नव गीत)

किश्तियों का तोड़ चप्पू रौंदते पगडंडियों को पत्थरों की नोक से घायल करें उगता सवेरा आग में लिपटे हुए हैं पाखियों के आज डैने करगसों के हाथ में हैं लपलपाती लालटेनें कोठरी में बंद बैठी ख्वाहिशों की आज मन्नत फाड़ कर बुक्का कहीं पे रो रही है देख जन्नत जुगनुओं की अस्थियों को ढो रहा […]

गीत/नवगीत

(रोला गीत) सर्व धर्म-समभाव, कहे आजाद तिरंगा

रोला गीत बैर भाव को त्याग,रखें  बस तन-मन चंगा सर्व धर्म-समभाव, कहे आजाद तिरंगा   बच्चे चलते साथ  ,लिए हाथों में झंडा गपशप में हैं व्यस्त,हँसी का कोई फंडा बचपन है मासूम ,दिलों में निर्मल गंगा सर्व धर्म-समभाव, कहे आजाद तिरंगा   उजले हैं परिधान,भावना दिल में उजली मुख पर है मुस्कान,न कोई कलुषित बदली […]

लघुकथा

राखी लघु कथा

राखी  “भाभी, अगर कल तक मेरी राखी की पोस्ट आप तक नहीं पँहुची तो परसों मैं आपके यहाँ आ रही हूँ  भैया से कह देना ” कह कर रीना ने फोन रख दिया| अगले दिन भाभी ने सुबह ११ बजे ही फोन करके कहा, “रीना राखी पहुँच गई है ” “पर भाभी मैंने तो इस […]

गीत/नवगीत

सावन का कजरी गीत

रिमझिम सावन की फुहार आज मेरा भैय्या आएगा आया तीजो  का त्यौहार साथ मुझे  लेके जाएगा अम्बर पे बादल छाये सखियों ने झूले पाए भाभी ने गायी कजरी बाबा जी घेवर लाए कर लूँ अब मैं तनिक सिंगार आज मेरा भैया आएगा आया तीजो  का त्यौहार साथ मुझे  लेके जाएगा दीवार पे कागा बोले यादों […]