Author :

  • कविता – आज़ाद हिंदुस्तान

    कविता – आज़ाद हिंदुस्तान

    हम स्वाधीनता दिवस की खुशियाँ मनाने निकले हैं। तिरंगे के खातिर हम अपनी जान लुटाने निकले हैं।। सरहद पर सैनिक हमारे रोज रोज ही शहीद होते हैं। हम भारत माँ की रक्षा में हथियार लेकर  निकले...

  • सैनिक

    सैनिक

    सीमा पर प्रहरी बनकर। भारत माँ की रक्षा करते।। शीत ताप वर्षा भी सहते। मातृभूमि का मान बढ़ाते।। वर्दी में तैनात सदा रहकर। माँ भारती की लाज बचाते।। तिरंगा मन में ये बसाकर। सीना ताने आगे...

  • कविता – बदलते चेहरे

    कविता – बदलते चेहरे

    कितने चेहरे बदलोगे दिन में अलग रात में अलग तुम कितने चेहरे बदलोगे इंसान हो कि गिरगिट हो पल पल चेहरे बदलोगे हर चेहरा कुछ बयां करेगा कुछ अच्छा कुछ बुरा करेगा खुदगर्ज़ी के सारे सबूत...




  • साक्षात्कार

    साक्षात्कार

    साहित्य संगम संस्थान के क्षेत्रीय बोली संवर्धन कार्यक्रम प्रमुख ,मध्यप्रदेश के मीडिया प्रभारी युवा कवि एवम चित्रकार शिवम यादव ने की देश के ख्यातिनाम कवि राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित” से लिया साक्षात्कार शिवम:- पुरोहित जी आपकी साहित्यिक...