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  • धुंध में लिपटी राजधानी

    धुंध में लिपटी राजधानी

    दीपावली के तीन दिनों बाद हमारे देश की राजधानी दिल्ली धुंध के काले आवरण से ढँक चुकी थी।दिल्ली में पिछले कुछ वर्षों से प्रदूषण की दर बढ़ती जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 1600...



  • बारिश लगे सुहानी

    बारिश लगे सुहानी

    पहली बारिश आ गई, लोग मचाते शोर। धरती तपती अब नहीं, लगे सुहानी भोर।। घुमड़ घुमड़ कर आ गए, फिर से बादल रोज। देखो कैसा नाचता , बागों का ये मोर।। पहली बारिश ने दिया, सबको...

  • भगवान परशुराम की वन्दना

    भगवान परशुराम की वन्दना

    ॐ जय ऋषिवर परशुराम,जय ऋषिवर परशुराम। विप्र जाति के रक्षक,सबके लीला धाम।।ॐ जय…. जमदाग्नि नन्दन हो,जग के पालनहार। रेणुका से जन्में,किया शत्रु संहार।।ॐ जय….. महादेव की भक्ति में,सब अर्पण किया। बदले में शिवजी ने,परशु भेंट किया।।ॐ...


  • ढाई आखर प्रेम के

    ढाई आखर प्रेम के

    ढाई अक्षर का शब्द होता प्रेम। कितना पवित्र शब्द होता प्रेम।। समर्पण की परिभाषा बनता। सागर से भी गहरा होता प्रेम।। राधा की तरह मीरां की तरह। असीम व  अनित्य होता प्रेम।। प्रेम से मधुरता आती...


  • नारी का सम्मान करो

    नारी का सम्मान करो

    सुरक्षित हो अब तो नारी इसका पुख्ता काम करो जो भी करे कुकृत्य इनसे तुरन्त सजा उनको करो मुक्त विचरण करे नारी बेख़ौफ़ घूमे फिरे नारी उसके अधिकारों की आओ फिर बात करो हर क्षेत्र में...

  • मन को मन्दिर बना लो

    मन को मन्दिर बना लो

    राम मन्दिर मन को बना लो सब फसाद मिट जाएंगे काम क्रोध मद लोभ ये विकार छोड़ दो मन मन्दिर बन जायेगा आदमी से आदमी जुड़ेगा प्रीत के धागों से बंध जाएगा न जाति न धर्म...