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  • दोहे- अपना देश महान है

    दोहे- अपना देश महान है

    अपना देश महान है,कहते सारे लोग। दुख सुख में साथी सभी, करते सारे भोग।। किसान मेरे देश के, करते हाहाकार। खाद बीज मिलते नहीं, खेत हुये बेकार।। गौरव गाथा कह रहा, अपना ये इतिहास। देश हमारा...

  • कदम बढ़ाता चल

    कदम बढ़ाता चल

    गरल सुधा बन जाता है जब मीरा सी हो भक्ति। अभय हो जाता नर जब हो निष्काम कर्म शक्ति।। अगणित मदन हो न्योछावर शिव चरणों मे तब। मिलती देवों को उनके चरणों मे सच मे अनुरक्ति।।...


  • कविता – मन कैसे हो धवल

    कविता – मन कैसे हो धवल

    हज़ार  वादे झूँठ है एक सच के सामने। जैसे इंसान खड़ा हो आईने के सामने।। बेमतलब के झगड़े होते आमने सामने। रोज विश्वासघाती दिखे  आमने सामने।। शकुनि सी चाल खेलते है लोग सामने। हाथ मलते रहते...

  • गीतिका- अजीब रिवाज

    गीतिका- अजीब रिवाज

    दर्पण भी यूँ झूँठ बोलने लगा। नकली को भी सच बताने लगा।। चेहरा आया सामने जो उसके। देख कर उससे बतियाने लगा।। कितने रूप बनाओगे इंसान। वह दिन और रात गिनाने लगा।। झूँठ फरेब और धोखा...

  • स्वच्छता के दीप जले

    स्वच्छता के दीप जले

    दीप जले सदभाव के  ऐसी ये दीवाली हो। घर घर रोशन हो सारे  ऐसी ये दीवाली हो।। शिक्षा के आलोक में  देश के ननिहाल पले। मिटे अज्ञान अंतर्मन से  ऐसी ये दीवाली हो।। स्वच्छता के दीप...




  • कविता – जन्नत से प्यारा

    कविता – जन्नत से प्यारा

    हिमगिरि का ताज सजाये जो। सबकी पहचान बताये जो।। स्वर्ण सी चमक दिखाये जो। कितना प्यारा लगता है जो।। ऋषि मुनियों की खान है जो। सबके दिलों की जान है जो।। हम सबका स्वाभिमान है जो।...