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  • विरहण हिया अंगार 

    विरहण हिया अंगार 

    पानी- पानी हो गयी, विरहण हिया अंगार । बसुरी मोहन की बजी. कविता का शृंगार । चार चाँदनी चाँद लखि चतुर चकोर विहार । गज़मुक्ता मणि ओज द्वय नाग नाग मन प्यार । मुंबई मे वर्षा हुई    भीगा नैनीताल ।...

  • सारसी मुक्तक -फसल

    सारसी मुक्तक -फसल

    फसल उगाता वह मर जाता, मँहगाई की मार जहर घोलता राजनीति जब, तन्हाई में प्यार बरस रहा जल झुलस रहा घर, विधना कैसा खेल चढ़ा अषाढ़ विषाद भरा दिल , तरुणाई लाचार — राजकिशोर मिश्र राज...

  • मत्तगयन्द सवैया

    मत्तगयन्द सवैया

    योग भोग भगा मन योग सज़ा तन जीवन ज्योति प्रभाकर धामा। मंत्र महा मनरोग निवारक साधक साधु दिवाकर नामा। पाठक पाठ करे दिन रात विशुद्ध रमा कमलाकर श्यामा । योग सुधा कलिकाल प्रभाव मिटावत भोग सुधाकर...

  • कुंडलिया- ज्ञानी

    कुंडलिया- ज्ञानी

    ज्ञानी ज्ञानिक ढूढ़ता, सतत पंथ ज्यों संत माया मोह विराग में , गुण गति कैसा अंत गुणगति कैसा अंत , पन्थ देखे नित सज्जन माया करे प्रलाप , काम क्रोधी मन दुर्जन जपत संत हरि नाम,...



  • हिंदू ह्रदय योगी

    हिंदू ह्रदय योगी

    लोकतंत्र अँग्रेज़ी शब्द डेमॉक्रेसी हुआ है डेमॉक्रेसी जनतंत्र , लोकतंत्र का शाब्दिक अर्थ का जनता का शासन । अमेरिका के राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने लोकतंत्र को बड़े मार्मिक शब्दों में परिभाषित किया है” लोकतंत्र जनता का,...