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  • थाली का बैंगन

    थाली का बैंगन

    पता नही एक बात हमारी समझ में क्यों नहीं आ रही है ? क्या मैं अभी समझदार नही हुआ हूं ? या ओ बात मेरी समझ के बाहर है ? लगभग 30 वर्षों से एक तिलिस्म...





  • जहाज उड़ गए

    जहाज उड़ गए

    मेरे भी कई जहाज पानी में चलते थे। चांद और सितारे मेरे आंगन में पलते थे।। मिट्टी के खिलौने वो, कोहिनूर से कम न थे खुशहाल थी वो दुनियां, कहीं भी गम न थे। कागज के...