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  • तड़प

    तड़प

    राखी उस रोज भी कॉलेज न जाकर अपने प्रेमी अमर के साथ शहरी आबादी से बहुत दूर उस सुनसान जगह में एक झील के किनारे उसकी आगोश में भविष्य के सुनहरे सपनों में खोई हुई थी...

  • नौकर

    नौकर

    रसोईघर में काम कर रही आया कलावती को सात वर्षीय राजू बड़े ध्यान से देख रहा था । अपनी तरफ राजू को देखते हुए पाकर कलावती ने स्नेह से पूछा ” क्या हुआ राजू बाबा ?...

  • मददगार

    मददगार

    भूख से तड़प तड़प कर मर चुके ‘ कलुआ ‘ के घर गांव के सरपंच साहब पहुंचे । मीडिया कर्मी पहले ही पहुंचे हुए थे । पिता के शव से लिपट कर करुण क्रंदन कर रही...

  • हिस्सा

    हिस्सा

    ” भैया ! अंजलि के लिए हम जो लड़का देख कर आये हैं वह किसी भी तरह अंजलि के काबिल नहीं हैं । मुझे समझ नहीं आ रहा अंजलि इस रिश्ते के लिए कैसे तैयार हो...

  • आधार

    आधार

    रज्जो का पति कल्लू शहर में दिहाड़ी मजदूरी का काम करता था । बहुत दिन हुए उसने शहर से कुछ नहीं भेजा था । जब पिछली बार फोन किया था , निराश लग रहा था ।...

  • मौका

    मौका

    शेठ जमनादास शहर के जानेमाने सर्राफा व्यापारी थे । उन्होंने अपने शोरूम पर तैनात नए दरबान को हटाकर उसकी जगह ‘कम्मो ‘ को काम पर रख लिया था । सुंदर व शालीन भारतीय परिधान में सजी...

  • इंसानियत की देवी

    इंसानियत की देवी

    मुनिया अपनी प्रथम प्रसवपीड़ा झेल पाने में असमर्थ अस्पताल के फर्श पर दोहरी हो गयी थी । रघु अपनी पत्नी की पीड़ा को महसूस कर रुआंसा सा हो गया था लेकिन पैसे के अभाव में वह...


  • अधूरा सौदा

    अधूरा सौदा

    अमर औसत कद काठी का आकर्षक नवयुवक था । एक निजी कंपनी में जूनियर एग्जीक्यूटिव के पद पर तैनात था । उसकी ऑफिस हेड रुबिका मैडम एक अधेड़ आधुनिक महिला थी जो अपने मातहतों से रूखे...

  • वृद्धाश्रम

    वृद्धाश्रम

    उस घर से आये दिन सास बहू के जोर जोर से झगड़ने की आवाजें आती थी । बहू अपनी मां की सीख के मुताबिक सास को घर से बाहर निकलवाने पर आमादा थी । अंततः सास...