गीत/नवगीत

बेवफा से वफ़ा करते हैं

बेवफा से वफ़ा करते हैं हम न जाने ये क्यों करते हैं बेवफा से वफ़ा करते हैं ….. शमा जलती है तो परवानों का क्या नहीं समझा ये कोई पहेली है क्या जिंदगी दाँव पे क्यों लगाते हैं ये यूँ ही जल जल कर ये मरते हैं बेवफा से वफ़ा करते हैं ….. हुस्न मगरूर […]

लघुकथा

गंदा खून

एक युवा मच्छर खिड़की की फटी हुई जाली से कमरे में घुसने के प्रयास में घायल हो गया । आननफानन उसके साथी मच्छरों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया । ऑपेरशन के लिए उसे खून चढ़ाना होगा यह पता चलते ही एक अन्य युवा मच्छर बोला ,” डॉक्टर साहब ! आप ऑपेरशन की तैयारी कीजिये […]

हाइकु/सेदोका

हाइकु छंद

  शुभ प्रभात खुश रहो हमेशा दिन औ रात पहली बार प्रयास किया मैंने लिखा हाइकु पढ़ना सभी पर ये ना कहना लिखा कायकु 😀 दिल का रिश्ता सबसे अनमोल क्यों बेखबर तेरे लिए ही जागूँ मैं सारी रात तू बेखबर तेरी बेरुखी आँखों में बरसात ठंडी सी रात लौटोगे कब आँसू सूखे नहीं हैं […]

लघुकथा

छोटी लकीर

  छोटी लकीर —————– रामप्रसाद जी को नींद नहीं आ रही थी । अकबर बीरबल के किस्सों वाली किताब में से कुछ किस्से पढ़ने के बाद वह सोच रहे थे ‘ बीरबल कितनी आसानी से बादशाह के सभी सवालों के जवाब दे दिया करता था । खासकर बिना उस लकीर को छुए उसे छोटा बना […]

लघुकथा

धरती मैया

धरती मैया ————– रामदीन के चारों बेटे अर्ध शिक्षित होने की वजह से देश के अलग अलग शहरों में रहते थे और मेहनत मजदूरी करके अपना जीवन यापन करते थे । रामदीन अकेले ही गाँव में रहकर खेतों में पसीना बहाता और कुदरत के कोपभाजन का शिकार होते हुए भी बड़े आराम से अपना गुजर […]

लघुकथा

नेतागिरी

अपने हजारों समर्थकों के साथ वह स्थानीय नेता भगवान श्री गणेश के शरण में जा पहुँचा । कैमरे और उनकी फ़्लैश लाइटें चमकने लगीं । अपने चरणों में झुके नेता को देखकर भगवान विघ्नविनाशक स्मित हास्य के साथ बोले ,” वत्स ! अपनी पार्टी के नेता की गिरफ्तारी से दुःखी होकर उसे छुड़ाने की आस […]

लघुकथा

कहर

कहर ——- कोरोना का कहर चरम पर था । अपनी मँडई के पीछे बने इकलौते कमरे में रामदीन बैठा टीवी पर समाचार देख रहा था । अभी कल ही तो उसे खबर मिली थी कि उसका फौजी बेटा जय जो कि उस समय लद्दाख में सीमा पर तैनात था चीनियों के कायराना हमले में शहीद […]

लघुकथा

सच का सामना

  ” ये क्या दिखा रहे हैं आप अपने चैनल पर ? आपने तो अपने एग्जिट पोल में हमें कहीं का नहीं छोड़ा ! पूरी बहुमत से विरोधियों की सरकार भी बनवा दी ? “ ” मंत्री जी ! चुनाव प्रचार के दौरान हमने पूरी निष्ठा से आपकी रैलियों का जीवंत प्रसारण किया । मैदान […]

लघुकथा

बस ! अब और नहीं …!

” तो क्या सोचा है तुमने गरिमा ? “ ” सोचने की जरूरत मुझे नहीं , तुम्हें है अयान !” ” क्या चाहते हैं मेरे घरवाले ? यही न कि तुम निकाह से पहले इस्लाम कुबूल कर लो ! इसमें बुराई क्या है जो तुम मान नहीं रही हो ? “ ” मैंने प्यार तुमसे […]

लघुकथा

शराब बंदी

सुखिया रोज की तरह शराब के नशे में झूमते हुए अपनी झुग्गी के समीप पहुँचा । व्यग्रता से उसका इंतजार कर रही ललिया ने उसे सहारा दिया और झुग्गी में नीचे बिछे बिछौने पर उसे सुला दिया । कमीज की जेब टटोलकर हाथ में आए सौ सौ के दो नोट अपनी अंटी में खोंसते हुए […]