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  • मेरा दोस्त

    मेरा दोस्त

    मय्यत सजी थी उसकी सब लोग रो रहे थे अश्कों से अपनी उसके कफ़न को धो रहे थे वह दोस्त था मेरा हमवतन हमनिवाला दिल रो रहा था मेरा लब मुस्काये जा रहे थे मुस्कान देख...

  • मैं वेश्या हूँ

    मैं वेश्या हूँ

    हाँ ! तुमने ठीक कहा ! मैं वैश्या हूँ । लेकिन क्या कभी तुमने यह भी सोचा है कि हम लड़कियाँ वेश्या क्यों बनती हैं ? नहीं न ! और तुम मर्द जात ये सोचोगे भी...

  • बेकार की चीज

    बेकार की चीज

    रामू एक किसान था । अब वृद्ध हो चला था सो उसके तीनों बेटे ही अब खेती बारी का काम देखते थे । खेती के अलावा उसके घर पर कई भैंसें गायें और बैल भी थे...

  • ख़ुशी का अनुभव

    ख़ुशी का अनुभव

    स्कूल में भोजन के लिए मध्यान्ह अवकाश का समय था । अन्य सभी बच्चों की तरह दीपू भी अपनी टिफिन लेकर भोजन करने बैठा था । टिफिन खोलते ही उसकी नजर स्कूल ग्राउंड के बाहर बैठी...


  • झाँसा

    झाँसा

    बिरजू आज मजदुरी करके रोज से कुछ पहले ही घर की ओर लौट रहा था । बाजार से बाहर निकला ही था कि श्यामू ने उसे आवाज लगायी ” बिरजू ! अरे सुन तो ! आज...

  • बातूनी कछुवा

    बातूनी कछुवा

    एक जंगल के एक ताल में कछुआ एक रहा करता था कुछ बगुले थे मित्र बने वह मन की बात किया करता था पड़ा भयंकर सूखा एक बार ताल तलैये सूख गए ताल की मछली मरीं...

  • गाँधी जी के बन्दर

    गाँधी जी के बन्दर

    एक दिन मैं जा पहुंचा गाँधी की कुटिया के अन्दर चरखा ‘ चश्मा लाठी के संग बैठे तीन थे बन्दर एक बन्दर का हाथ मुंह पर दूजा कान दबाये तिजा हाथों से आँखें कर बंद हमें...

  • मोहताजी

    मोहताजी

    मोहनलाल अभी चंद रोज पहले ही सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे । शहर  के पॉश इलाके में उनका एक आलिशान बंगला था । इसके अलावा चौराहे पर उनकी दो दुकानें भी थीं जिन्हें उन्होंने किराये...