लघुकथा

कोरोना

“अरे रमेश ! वो अपने कालू अंकल नहीं दिखे पिछले कई दिनों से ? तुझे कुछ पता है ?” “कौन कालू अंकल ?” ” अरे वही …जो हरदम शेखी बघारते रहते हैं। मास्क लगानेवालों पर अक्सर हँसा करते हैं। अभी उस दिन तेरे सामने ही तो बोल रहे थे ‘ कोरोना वोरोना कुछ नहीं ,सब […]

लघुकथा

कोरोना

“अरे रमेश ! वो अपने कालू अंकल नहीं दिखे पिछले कई दिनों से ? तुझे कुछ पता है ?”  “कौन कालू अंकल ?” ” अरे वही …जो हरदम शेखी बघारते रहते हैं। मास्क लगानेवालों पर अक्सर हँसा करते हैं। अभी उस दिन तेरे सामने ही तो बोल रहे थे ‘ कोरोना वोरोना कुछ नहीं ,सब […]

लघुकथा

अति सर्वत्र वर्ज्यते !

“मैं तुमसे शादी नहीं कर सकती अमर !” “क्यों ? ..क्यों नहीं कर सकती शादी मुझसे रजनी ? आखिर एक दिन में ऐसा क्या बदल गया जो तुमने इतना बड़ा फैसला कर लिया?” ” यह एक दिन में लिया हुआ फैसला नहीं है अमर ! काफी सोच समझकर मैंने यह फैसला लिया है।” “आखिर ऐसी […]

लघुकथा

जमाखोरी

जमाखोरी ———— जंगल का राजा शेरसिंह भोजन करने के बाद आराम फरमा रहा था कि अचानक चुन चुन चूहे को न जाने क्या सूझी, वह उछलते कूदते शेरसिंह के पेट पर जा पहुँचा और कूदने लगा। उसके कूदने से शेरसिंह को पेट में गुदगुदी सी हुई और वह हँस पड़ा। उसको हँसते देखकर जंगल का […]

लघुकथा

टाइम पास

उसे अकेला देख वह आपे से बाहर किसी मस्त हाथी की तरह चिंघाड़ उठा, ” हरामखोर ! इतनी देर के बाद आ रहा है और फिर भी खाली हाथ ? एक अदद कन्या का इंतजाम करने को ही तो बोला था तुझसे ? वह भी न हो सका तुझसे बदजात ?? कोई चाँद तारे तोड़ […]

लघुकथा

आखिरी वीडियो

  “हाँ हाँ….! जाकर डूब मर ..लेकिन मुझे अपनी शक्ल न दिखाना !” ” देखो..! मैं सच में डूब कर मर जाऊँगी नदी में !” ” तो मना किसने किया है ? जा अभी चली जा …और हाँ मरने से पहले अपना एक वीडियो बनाकर भेज देना ताकि सबको पता चल जाए कि तूने अपनी […]

लघुकथा

बच्चे मन के सच्चे

ट्रेन में एक दंपत्ति अपने छोटे बच्चे के साथ यात्रा कर रहे थे। टीसी ने उनकी टिकटें देखने के बाद बच्चे का टिकट माँगा। माँ ने बताया कि बच्चा अभी पाँच वर्ष का पूरा नहीं हुआ है इसलिए उसका टिकट नहीं लिया। खामोशी से उनकी बातें सुन रहे बच्चे ने बड़े भोलेपन से कहा,” मम्मा! […]

लघुकथा

माँ – सबसे प्यारी

पड़ोस के घर से दस वर्षीय बालक रोहन के जोर जोर से रोने की आवाज सुनकर निशा उसके घर जा पहुँची । बरामदे का दृश्य देखकर वह हतप्रभ रह गई । रोहन की माँ उसे बेतहाशा पिटती जा रही थी और रोहन रोते और हाथ जोड़ते हुए उसकी गोद में समाने की कोशिश कर रहा […]

लघुकथा

अपना अपना सत्संग

लगभग पैंतालीस वर्षीया वह लेखिका विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित अपनी कहानियों व अन्य उपलब्धियों को बड़े मनोयोग से  फेसबुक पोस्ट के जरिये अपने मित्रों से साझा करती थी । आध्यात्म में गहरी रुचि व एकाध देवी देवताओं से साक्षात्कार का दावा भी वह स्वयं अपनी पोस्ट व प्रतिक्रियाओं के द्वारा करती रहती ।   बहुत […]

गीत/नवगीत

बेवफा से वफ़ा करते हैं

बेवफा से वफ़ा करते हैं हम न जाने ये क्यों करते हैं बेवफा से वफ़ा करते हैं ….. शमा जलती है तो परवानों का क्या नहीं समझा ये कोई पहेली है क्या जिंदगी दाँव पे क्यों लगाते हैं ये यूँ ही जल जल कर ये मरते हैं बेवफा से वफ़ा करते हैं ….. हुस्न मगरूर […]