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  • लोकतंत्र

    लोकतंत्र

      एक न्यूज़ चैनल के एडिटर इन चीफ के मेज पर रखी फोन की घंटी घनघना उठी । एडिटर ने फोन उठाया ,” हेल्लो ! एडिटर नई आवाज स्पीकिंग ! ” ” हेल्लो ! मैं भारतीय...

  • वेशभूषा

    वेशभूषा

      किशन बेहद गरीब युवक था । धन संपत्ति के नाम पर उसके पास थोड़ी सी उपजाऊ जमीन थी और एक गाय थी । खेती किसानी में मन नहीं लगता था । अपनी ही परती पड़ी...

  • संघर्ष अभी बाकी है

    संघर्ष अभी बाकी है

    रामपुर गाँव में आज उत्सव का माहौल था । सभी ग्रामवासियों के चेहरे खिले हुए थे और दिलों में नई उमंग और उम्मीद ने दस्तक दे दी थी । होती भी क्यों नहीं ? रामू लोहार...

  • सच्चा सुख

    सच्चा सुख

      तीन मित्रों में बहस चल रही थी । विषय था सच्चा सुख क्या होता है ? उनमें से एक राम ने कहा ,” भैया ! मैं तो कहूँ ! अपनी सारी जिम्मेदारी पूरी हो जावे...


  • दोराहा

    दोराहा

      ” अरे भागवान ! सुनती हो ! बहू के पिताजी का फोन आया था । कह रहे थे कल आएंगे । बहू की बिदाई करनी होगी । ” रामलाल ने ऊंची आवाज में अपनी पत्नी...

  • कंजूसी

    कंजूसी

    रामलाल ने जैसे ही घर में प्रवेश किया हॉल में चल रहे दोनों पंखों को चलते और झूमर में लगी तेज लाइट को को जलते देखकर चिल्ला उठे ,” कमला ! अरे ! कहाँ हो कमला...

  • बाँझ

    बाँझ

    अपने झोंपड़े के सामने बैठी परबतिया की नजर जैसे ही सामने से आ रही कमली पर पड़ी , वह चौंक गई थी उसकी गोद में एक छह महीने के नवजात बच्चे को देखकर ! अभी दो...

  • मालिक

    मालिक

      भूतपूर्व मंत्री रामप्रसाद जी से एक घोटाले को लेकर पूछताछ चल रही थी । जांच टीम के मुख्य अधिकारी शर्मा जी ने उन्हें चेताया ,” सर ! आपके खिलाफ हमारे पास पुख्ता सबूत हैं कि...