कहानी

गंगा जमुनी तहजीब

सुबह का समय ! एक रेस्तरां का दृश्य जिसमें बेतरतीब बिछी कुछ मेजों पर बैठे कुछ लोग नाश्ता कर रहे हैं । रेस्तरां में प्रवेश करने की जगह पर एक काउंटर है जहाँ रेस्तरां का मालिक बैठकर सब पर अपनी नजर बनाए हुए है । गंदे से कपड़े पहने दो वेटर मेज के सामने की […]

कविता

प्रेम

तुम सामने बैठी हो तो, मैं और क्या देखूँ , नजरों को तुम बिन , और कुछ भी भाता नहीं है  दिल चाहता है प्यार करूँ , तुमको जी भर के  मुश्किल बड़ी ये है कि , प्यार आता नहीं है  जी चाहता है हरदम तू , मुस्काती ही रहे  पल भर को अक्स , […]

लघुकथा

जानवर कौन ?

वह एक पशु चिकित्सक थी ! पशुओं के प्रति प्रेम और करुणा ने उसे पशु चिकित्सक का कैरियर अपनाने के लिए प्रेरित किया था । वह अक्सर राह चलते हुए किसी भी घायल जानवर की मरहम पट्टी और दवाई कर देती थी । इससे मिलनेवाले आत्मिक खुशी की चाह में उसे अपने आर्थिक नुकसान की […]

कविता

इश्क सूफियाना

एक सूफियाना प्रयास —————————– ये इश्क और इश्क की दास्तां भी अजीब है कल तक जो थे अजनबी ,आज दिल के करीब है इश्क की दौलत से जिसे रब ने नवाजा वही तो है अमीर , बाकी दुनिया गरीब है इश्क है खुदा से , जुदा हो न जाना ऐ दिल इश्क ही इबादत और […]

कविता

मेरी रचना

दिलकी गहराई से निकले मेरे अनगढ़ से अल्फाज धडकनों की थाप पे बजते बेतरतीब से साज दोनों मिलकर कुछ यूँ जुगलबंदी कर जाते हैं जाने अनजाने वह तुम्हें जन्म दे जाते हैं नहीं जानता मैं क्या नाम है तुम्हारा कभी गजल किसी ने किसी ने कविता पुकारा दोहा हो ,छंद हो या हो चौपाई चाहे […]

लघुकथा

सस्ती मिठाइयाँ

मोहनलाल की बाजार में मिठाई व नाश्ते की एक दुकान थी । दिवाली में पिछले साल की मंदी को ध्यान में रखकर मोहनलाल ने इस साल सस्ती मिठाइयों का जुगाड़ कर लिया था और उनकी उम्मीद के मुताबिक ही इस साल उनकी मिठाइयों की बिक्री शानदार हुई । लक्ष्मी पूजन की रात्रि में ही उनके […]

कविता

सत्य आज मौन है

सत्य आज मौन है दहाड़ता है झूठ सत्य को कहे तू कौन है झूठ की विकरालता से सत्य आज मौन है .. दूषित हुआ है मन , दूषित विचारों की लहर चली इंसानियत से हो विमुख ,इंसान की डगर चली रावण दिखें गली गली ,पर राम यहाँ कौन है झूठ की विकरालता से सत्य आज […]

लघुकथा

जुर्माना

दिल्ली में द्वारका चौराहे पर तैनात सिपाही विजय सरकार द्वारा लागू जुर्माने की नई राशि वाले प्रावधान को लेकर काफी उत्साहित था कि अभी अभी एक विभागीय आदेश पाकर उसका चेहरा लटक गया । उसके साथ ही चौराहे पर तैनात सिपाही अजय उसकी उदासी की वजह समझ नहीं पा रहा था । तभी उसने देखा […]

इतिहास ब्लॉग/परिचर्चा

बधाई हो बधाई !!!

आज 10 सितम्बर है । हर तारीख इतिहास में एक विशेष महत्व रखती है । 10 सितम्बर के साथ भी ऐसा ही है । 10 सितम्बर को ही प्रसिद्ध स्वतन्त्रता सेनानी और वरिष्ठ भारतीय राजनेता पंडित गोविन्द बल्लभ पन्त जी का भी जन्मदिन है । वे उत्तर प्रदेश राज्य के प्रथम मुख्य मन्त्री और भारत […]

कविता

मेघों की सेना ( कविता )

मेघों की सेना जब धरा तप्त हो जाती है और त्राहि त्राहि मच जाती है उत्तुंग गगन को छूने को धरती की खाक बढ़ जाती है तब शमन अनल का करने को मेघों की सेना आती है रथ पे सवार होकर वायु के प्रेम सुधा बरसाती है जब स्वेद लगे तन से बहने भू जलविहीन […]