गीत/नवगीत

बेटियाँ

भारत की आन बान और हैं शान बेटियाँ थी दाँव पर लगी जब देश की प्रतिष्ठा तब साक्षी ने हमारी इतिहास रच दिया फिर सिन्धु ने भी ऐसा कारनामा है किया जीता पदक और देश का सिर ऊँचा है किया इस देश के लिए हैं मरती जिती बेटियाँ भारत की आन बान और हैं शान […]

यात्रा वृत्तान्त

चलो कहीं सैर हो जाये-4

पुर्व कथा सार : हम कुछ मित्र मुंबई से ट्रेन द्वारा जम्मू और फिर बस द्वारा कटरा पहुंचे । बाणगंगा में नहा कर आगे बढे ।बाणगंगा से आगे बढ़ते हुए हम अर्धक्वारी तक आ पहुंचे ।  अब आगे…………………. ___गर्भजून के दर्शन हेतु जिस खिड़की से हमने अपना ग्रुप नंबर प्राप्त किया था उसी खिड़की से […]

सामाजिक

बचपन

वो शब्द जिसका बहुत ही बढ़िया विश्लेषण एक लोकप्रिय फ़िल्मी गीत में किया गया है । गीत के बोल हैं…बचपन हर गम से बेगाना होता है …होता है ..इसीलिए तो खुशियों का खजाना होता है बचपन हर गम से … वाकई बचपन हर गम से बेगाना होता है । अभी कुछ ही दिन पहले मेरा […]

कविता

|| ख़ुदा की अकलमंदी ||

एक बहुत पुरानी कविता हमें कक्षा पांचवीं के हिंदी पाठ्यक्रम में  पढाई गयी थी  जो बहुत ही मजेदार और प्रेरक  लगती है पाठकों के सम्मुख पेश  कर रहा हूँ । दुर्भाग्य से हमें इस रचना के रचयिता का नाम नहीं पता क्योंकि हमें स्कूल में यह बताया ही नहीं गया था और न ही कवि […]

यात्रा वृत्तान्त

चलो कहीं सैर हो जाये-3

कथा सार : हम कुछ मित्र मुंबई से ट्रेन द्वारा जम्मू और फिर बस द्वारा कटरा पहुंचे । बाणगंगा में नहा कर आगे बढे । अब आगे…………. शाम का धुंधलका घिरने लगा था । रास्ते के दोनों किनारे करीने से सजी दुकानें रोशनी से नहा उठी थीं ।  हम लोग एक किनारे से धीरे धीरे […]

गीत/नवगीत

बापू प्यार की पाती छोड़ गए …..

स्वतंत्रता सेनानियों और प्यारे बापू को समर्पित   क्यूँ कश्ती को यूँ मझधार में छोड़ गये …..छोड़ गए… तुम तो गए हंसते हंसते……..2 हमें हाय रुला के चले गए;  क्यूँ …………..   हमने पायी ऐसे आजादी; जन मन में बसे चरखा खादी बापू की इक हांक पे ………2 तुम तो नंगे पैरों दौड़ गए ;    क्यूँ […]

सामाजिक

आजादी के मायने

15 अगस्त ! वो तारीख जिसका इतिहास भारत का बच्चा बच्चा जानता है । क्या हुआ था ? क्यों मनाया जाता है ? सभी जानते है सो उसपर ना जाते हुए हम आज कुछ और ही चर्चा कर लेते हैं । 15 अगस्त को सुबह देश भर में सभी सरकारी इमारतों ; मंत्रालयों ;न्यायालयों ; […]

यात्रा वृत्तान्त

चलो कहीं सैर हो जाये-2

पूर्वकथा सार : हम लोग कुछ मित्र मुंबई से जम्मू माता वैष्णो देवी के दर्शन हेतु ट्रेन से सफ़र करते हुए जम्मू स्टेशन पहुँच चुके हैं । अब आगे … स्टेशन से बाहर निकलते ही बायीं तरफ अमानत घर दिखाई दिया । वैसे तो हम लोग घर से ही काफी कम सामान लेकर आये थे फिर […]

यात्रा वृत्तान्त

चलो कहीं सैर हो जाये-1

रोज एक ही माहौल में रहते हुए कभी-कभी जिंदगी बोझिल सी होने लगती है । ऐसे में अंतर्मन पुकार उठता है……चलो कहीं सैर हो जाये घूमने फिरने के कई फायदे भी हैं ।नया माहौल, नए लोग, नयी जानकारियां हासिल होती हैं । सैर-सपाटे के साथ ही थोड़ा धरम करम भी हो जाये वैसे ही जैसे […]

कथा साहित्य बोधकथा

सोच कर देखो साथ क्या जायेगा ?

सिकंदर  महान  !  यह नाम इतिहास में परिचय का मोहताज नहीं । यूनान का यह बादशाह  कई देशों पर विजय प्राप्त कर उन्हें अपने अधीन करता हुआ भारत की सीमा पंजाब तक आ पहुंचा । यहाँ सतलुज के किनारे सिकंदर और राज़ा पुरु की सेनाओं में घमासान युद्ध हुआ, लेकिन दुर्भाग्यवश राजा पुरु का पराभव हो […]