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  • लेख : आज की नारी

    लेख : आज की नारी

    सहधर्मिणी, संस्कारिणी, नारायणी की प्रतीक नारी की महत्ता को शास्त्रों से लेकर साहित्य तक सर्वदा स्वीकारा गया है।”यत्र नार्यस्तु पूजयन्ते , रमन्ते तत्र देवता।” नारी को प्रारंभ से ही कोमलता, सहृदयता,त्याग-समर्पण, क्षमाशीलता,सहनशीलता की प्रतिमूर्ति माना जाता...