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  • कविता

    कविता

    मेरे बचपन की बारिश भी बड़ी हो गयी है । ऑफिस की खिड़की से देखा मैंने मौसम की पहली बरसात को । काले बादल पर नाचती बूंदों की बरात को एक बच्चा मुझसे निकल कर भाग...

  • मौसम का आनन्द

    मौसम का आनन्द

      कभी ठन्ड बारिश का, मुझको खौफ दिखा करके। कब तक रोकोगी मईया, आंगन में आने से। माना हम हैं आज सुरक्षित, तेरे आंचल में। पर कब तक रखोगी मईया, ढककर आंचल से। ढका रहा गर...