कहानी

सामजस्य

सीमा,तुम क्या चाहती हो?साफ-साफ कह क्यों नहीं देती?कम से कम हम दोनों चैन से रह तो सकते हैं।कब तक सहन करूँगा तुम्हारी चिक-चिक? हाँ-हाँ, अब तो तुम्हें मेरी हर बात चिक-चिक ही लगेगी।नई सहेली जो मिल गई है, वहीं तुम्हारे लिए सब कुछ हो गई।जब देखों उसी के नाम की रट लगाए रहते हो।गीता ऐसी […]

इतिहास लघुकथा

नया फूल

चेतन,बगीचे में खिले फूलों को देखकर खुशी से चहक उठा।फूलों की सुगन्ध, कोमलता उसके मन में अनगिनत सपने पैदा कर रही थी।एक-एक फूल उसे कोमल बच्चे की तरह लग रहा था।लाल,पीले और सफेद रंग के फूल।वह मन ही मन प्रकृति की इस अदभुत आभा पर मुग्ध हो रहा था। उसे एकाएक दीपा की याद आ […]

लघुकथा

मेरी आई

आज वह विदेश से लौट रहा था।पुष्पा बार-बार अपने धुँधले पड़े चश्में की धूल साफ कर रही थी।वह उम्र के आखिरी पड़ाव पर थी।शुभम के आने की खबर ने उसका मन प्रफुल्लित कर दिया था।पर अगले ही पल उसका मन उदास हो गया।पता नहीं,अब शुभम को अपनी आई याद भी होगी या नहीं।वह सिर्फ उसकी […]

लघुकथा

अपराध बोध

कामना, तुम्हारी रोज-रोज की खटपट से मेरा मन परेशान हो गया है।तुम्हारी लालसाओं का कोई अंत ही नहीं है।क्यों करूँ मैं अपनी चाहते कम?शादी से पहले तो तुम बड़ी बातें करते थे।रानी बना के रखूँगा, तुम्हारी हर इच्छा पूरी करूँगा।मेरी प्रेरणा से ही तुमनें सेल्स-टैक्स में जॉब प्राप्त की है। ठीक है।अब कब तक तुम […]

लघुकथा

परख

चम्पा का विवाह बड़ी धूमधाम से हो गया था।सभी उसकी किस्मत पर हैरानी कर रहे थे।क्या किस्मत पाई है?इतना सुन्दर,पढ़ा-लिखा लड़का मिला है।किस्मत का खेल है सारा।वह भी अपनी किस्मत की लकीरों पर खुश थी। दिनेश,जैसा लड़का उसे पति के रूप में मिला था।उसने कभी सपनों में भी नहीं सोचा था कि उसकी विकलांगता के […]

लघुकथा

अंतरात्मा

संतोष,कोई काम तुम ठीक से नहीं करती हो,मैं तुम्हें समझा-समझा कर थक गई हूँ।आखिर तुम चाहती क्या हो?कब तुम मेरे अनुसार काम करोगी?सुलेखा लगातार बहूँ पर शब्दों के बाण छोड़ रही थीं।पर उसने कभी पलट कर जवाब नहीं दिया। सुलेखा का व्यवहार ऐसा ही था।उसकी बहूँ ने अच्छी तरह भाँप लिया था।प्रतिकार का मतलब था।उन्हें […]

लघुकथा

सहारा

माँ, आज पंचतन्त्र में विलीन हो गई थी।वह एक नई यात्रा पर निकल चुकी थी।उस यात्रा पर हर व्यक्ति अकेले ही तो जाता हैं।माँ भी चली गई थी।हमारा सम्बन्ध तो इस लोक तक ही रहता हैं।जब माँ थी,तो मैं हर छोटो-बड़ी बात के लिए उनके पास बैठ जाता था।उनका स्नेह भरा स्पर्श मेरी हर समस्या […]

लघुकथा

सर्वोत्तम

सर्वोत्तम अमित का मन कल से ही परेशान था।वह अतीत में हुई घटना में इस तरह खो गया था कि उसे समय का ध्यान ही नहीं रहा।पिता जी की आवाज ने उसे झकझोर कर रख दिया था।बेटा, तुम परेशान लग रहे हो।जी,पापा कल सुधीर मिल गया था।ओह,पापा हैरान हो उठे,क्या कह रहा था? पापा, आपको […]

लघुकथा

कथनी और करनी

कथनी और करनी मधु को अपना टीचर बनने का सपना धूमिल होता नजर आ रहा था।वह सारा दिन सपने देखती रहती थीं।वह एक बड़े स्कूल में पढ़ा रही है।उसके चारों ओर विद्यर्थियों का जमावड़ा लगा हुआ है।वह बड़े चाव से उनके अन-सुलझे सवालों के जवाब दे रही है।वह रात में भी यहीं बड़बड़ाती रहती।उसका सारा […]

लेख

योग एक जीवन शैली

योग एक जीवन शैली वर्ष 2014 में भारतीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव दिया।संयुक्त राष्ट्र महासभा को यह प्रस्ताव पसन्द आयाऔर 21 जून 2015 को पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया।श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रस्तावित प्रस्तावऔर यू एन द्वारा किए गए निर्णय की […]