हाइकु/सेदोका

पांच हाइकु

१-आधुनिकता नीलामी संबंधों की खुली दुकान। —— २-बुरा करम खुशहाल जीवन मन का भ्रम । —— ३-सुन्दर तन कनक घट विष मलिन मन । ——- ४-स्वारथ वश मुखौटा याराना का कटु सच्चाई । ——- ५-कविता पढ़ी कछु पल्ले न पड़ी जनता हंसी । डॉ रमा द्विवेदी ,हैदराबाद

गीत/नवगीत

आओ मेघा हमरे अंगना -पावस गीत

आओ मेघा हमरे अंगना -पावस गीत आओ मेघा आओ मेघा हमें नहीं तरसाओ तुम आओ मेघा हमरे अंगना नेह-नीर बरसाओ तुम । धरती प्यासी ,नैना प्यासे, प्यासा हर इंसान यहाँ सारस जोड़ा खेत न आवे प्यासा हर किसान यहांँ हर मनुआं की प्यास बुझा दो रुनझुन गीत सुनाओ तुम आओ मेघा हमरे अंगना नेह-नीर बरसाओ […]

मुक्तक/दोहा

श्मशीर थाम लेना -मुक्तक

ओ जवान धड़कनों तुम मेरा पैगाम लेना चाहे हों कितनी मुश्किलें हिम्मत से काम लेना सीता बनो,राधा बनो,चाहे बनो तुम मीरा पर वक्त अगर पड़ जाए तो श्मशीर थाम लेना — डॉ. रमा द्विवेदी

मुक्तक/दोहा

एक ही अहसास में-मुक्तक

पहली नज़र के प्यार में जीवन ये वार देती हैं बस एक ही मुस्कान पे जीवन निसार देती हैं कितनी भोली हैं ये लड़कियां इन्हें मालूम नहीं बस एक ही अहसास में जीवन गुजार देती हैं — डॉ. रमा द्विवेदी