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  • गीतिका

    गीतिका

    अब छोड़ो भी तकरार प्रिये क्यों नोंक झोंक हर बार प्रिये . खुशियों की बारिश में भीगो गम से हो क्यूँ बेज़ार प्रिये .. ये धरती क्या ये अम्बर क्या अपना सारा संसार प्रिये .. औरों...

  • गज़ल

    गज़ल

      मुकम्मल गर हमारी भी दुआ इस बार हो जाये तो मुमकिन है हमारी जिंदगी गुलज़ार हो जाए .. चलो अब तो करें मिल कर मुहब्बत का कोई वादा कहीं ऐसा न हो के आपसी तकरार...

  • गज़ल

    गज़ल

    न जाने क्या हुई हमसे खता है वो क्यूँकर आजतक हमसे खफा है .. भले ही हो गया हमसे जुदा पर ख्यालों में अभी तक रह रहा है .. समझ पाये नहीं जिसको अभी तक हमारी...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    गुल है,गुलशन है,महकती सी डगर है कोई आप हैं साथ या मौसम का असर है कोई प्यार ही धर्म जहाँ प्यार ही दौलत सबकी बोलिये क्या कहीं ऐसा भी नगर है कोई दिल की धड़कन में...

  • बादल 

    बादल 

    आँख मिचौली करते बादल हमको कितना छलते बादल .. कभी उमड़ते कभी घुमड़ते लेकिन नहीं बरसते बादल .. चालीस पर अटका है पारा किन्तु नहीं पिघलते बादल .. सूखे गाँव गली चौबारे पल भर नहीं ठहरते...

  • गीतिका

    गीतिका

    शायद कोई राज़ छिपाया लगता है चेहरे के ऊपर इक चेहरा लगता है प्यार वफ़ा कसमें रस्में वह क्या जानें जिसको जीवन खेल तमाशा लगता है  वक्त के हाथों की हम सब हैं कठपुतली आज यहाँ...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

      सीरत खराब उसकी जबाँ और भी खराब ऊपर से देखिये जी गुमाँ और भी ख़राब .. चलने लगीं हैं आँधियाँ बदलाव की यहाँ मौसम तो है खराब समाँ और भी खराब .. किस्मत भी खेलने...

  • पर्यावरण संरक्षण (गीत)

    पर्यावरण संरक्षण (गीत)

    पर्यावरण संरक्षण (गीत) ——————————————- हरी भरी अपनी वसुधा को आज बनायेंगे आओ मिलकर हम सारे कुछ पेड़ लगायेंगे .. संतुलन है बहुत जरूरी, बीच नीयती के छेडछाड अब नहीं करो, तुम साथ प्रकृति के अपनी धरती...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    तुम्हें साथ अपने सदा चाहती हूँ नहीं कुछ तुम्हारे सिवा चाहती हूँ .. न दौलत जहां की,न कोई अटारी सुकूं जिंदगी में खुदा चाहती हूँ .. भुला कर जहां के सभी आज गम मैं तुम्हें हर...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    दिल में उठी दीवार गिरा क्यों नहीं देते शिकवे गिले हैं जो भी मिटा क्यों नहीं देते .. दुनिया में अगर चैन से जीना है आपको हर गम को अपने दिल से भुला क्यों नहीं देते...