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  • स्त्री ही दोषी क्यो पुस्तक का लोकार्पण

    स्त्री ही दोषी क्यो पुस्तक का लोकार्पण

    उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार के शिक्षाशास्त्र विभाग में अध्ययनरत छात्राध्यापिका “दीपा दिवाकर” द्वारा रचित वर्तमान समाज में स्त्रियों के परिस्थिति को दर्शाती हुई “स्त्री ही दोषी क्यों” नामक पुस्तक का लोकार्पण आज विश्वविद्यालय में सम्पन्न हुआ।।...



  • भक्ति में शक्ति

    भक्ति में शक्ति

    भक्ति में शक्ति मिले जिन्दगी में पुरस्कार तेरे, दिवाकर सितारे कलमकार तेरे मुसाफिर सभी जिंदगी की खुशी के, सदा देखते है चमत्कार तेरे। सभी है यहाँ यार दो तीन पल के , सदा सुख मिला ईश...

  • जीवन चक्र

    जीवन चक्र

    मुसाफिर चलो आज रब देखने को मिलेगा नहीं वक्त फिर सोचने को। अरे देख लो सब गए रंक राजा भजो राम को पल नही खेलने को। गया बाल पन खेलने कूदने में युवा पन गया बीत...



  • कुम्भ पर दोहे

    कुम्भ पर दोहे

    सुधा गिरा जब कुम्भ से, माया पुरी प्रयाग। उज्जैन नासिक तब से, है पावन भू भाग ॥ सागर से निकला सुधा , ये मंथन का सार। सुधा कैसे पान करे, सभी किये विचार॥ गंगा यमुना शारदा,...