कविता

मेरे स्वप्न का भारत

भारत एक पवित्र भूमि है जहां त्यौहारों की तो होली है॥ रिश्तो में बंधे हर कोइए फिर भी कहीं ना कहीं कोई कमी है ॥   हम ऐसे देश में है जहां एक सिनेमा के लिए॥ लाखों विरोधी उतर आए परंतु एक लड़की के साथ अन्याय हो तब कोई आवाज भी ना उठाएं॥   हम […]

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जिंदगी एक सफर है

जिंदगी एक सफर है     जिंदगी एक सफर है यहां कल की ना कोई खबर है॥ मौजूद हर इंसान यहां पर खुद से बेखबर है यही है जिंदगी॥ २॥   जिंदगी का एक ही मकसद है यहां पैसों की ही खनक है॥ जिसको भी यह मिले बस वही दुनिया में अमर है यही है […]

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कोरोना या करमा

कोरोना या करमा   नर मे वास करें नारायण नारी में नारायणी ,हे मानव॥ स्वयंम को समझ अपने कर्मों को तू बदल॥     चांद ,सूरज, पृथ्वी ,गगन सब अपने कार्य में है मगन॥ नीति देखो रे मनुष्य की जो खो गई जाने किस भवन॥     रोज सवेरे स्नान करे वो तन को रखें […]

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अगले जनम मोहे बिटिया ना बनाए

अगले जनम मोहे बिटिया ना बनाए     बचपन में ही मेरी डोर थी बांधी तब मैं उसे समझ ना पाई॥ पर बाद में पता चला किए यह राह तो मुझे शैतान तक है ले आयी॥   पढ़ाई करने की उम्र में मेरी शादी है रचाई॥ विदा कर मुझे सबके मन को तसल्ली है आयी॥ […]

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हिंदी भाषा

      हिंदी भाषा   हिंदी भारत की पहचान है जिसे बोलता सारा जहान है| राष्ट्र की यह शान है बड़ा ही स्पष्ट इसका ज्ञान है||   वाणी में मिठास है सबके प्रति जज्बात है| दुख भी यह दर्शाती है और संस्कारों में भी महान है||   इसमें पारिशुद्ध प्रेम है ना छल कपट […]

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वृद्ध आश्रम

आंखों में आंसू और हर जगह उजाला से छाया जब वो नन्हा सा बालक इस दुनिया में आया दिन भर का थका भी मैं भागा चला आता क्योंकि सो ना जाए वो मेरा लाडला दुलारा उसके बोल सुनकर मैं खील उठाता दोबारा अभिमान है वो मेरा मेरी आंखों का तारा आज २५ का हो गया […]

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माँ, मैं वापस आ ना पाई

माँ, तेरे आंसू को मैं आज पोंछ ना पाई तेरे दर्द को मैं आज मोल ना पाई ॥ तेरे दुख का क्या अनुमान मैं लगाऊं लोगों की बातों से तुझे बचा ना पाई ॥ इस स्थिति में तू खुद को संभाल ना पाई माँ, मैं वापस आ ना पाई॥ २॥ माँ, पापा ने भी मुझे […]

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कलयुग और रामायण

सतयुग की हम बात सुनावे राजा दशरथ के पुत्र यहां है ॥ राम जिसका है नाम प्रतापी गाये सब मुनिवर उनकी वाणी॥ कलयुग में जो खेल रचा है हर मनुष्य सबसे जुदा है॥ स्वार्थ से  यहां इंसान बना है पीड़ा के दुख में उलझा है॥ राम करे पिता की सेवा माता सीता भी निभाए धर्म॥ […]