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  • रंगों की कहानी

    रंगों की कहानी

    इक खरगोश था चिट्टा राम यार उसका, कौआ कालीराम ॥ खाना पीना और सो जाना सिवा इसके कोई और न काम ॥ इक दिन कालू कौआराम बोला चिट्टा राम से ॥ मैं काला तू चिट्टा गोरा...

  • अपनी भूख पराई भूख

    अपनी भूख पराई भूख

    सदर बाज़ार में कुछ काम था। काम करते करते काफी समय हो गया । भूख लगी थी सोचा काफी हाउस में बैठ कर कुछ खा लूँ। खाने के बाद एक छोटी पगडण्डी से होता हुआ मैं...







  • आम कैसे खाएं ?

    आम कैसे खाएं ?

    मेहुल सात  वर्ष का प्यारा सा बच्चा था ।  स्कूल में नित नयी शरारतें करता पर किसी को उससे कोई शिकायत नहीं थी क्योंकि उसकी शरारतों से किसी का कोई नुक्सान नहीं  होता था । एक दिन...

  • हमारी असलियत

    हमारी असलियत

    काश्मीर का हाल जानकार  । हम निंदा और कड़ी कर देंगें ॥ इससे अधिक क़ि आस न करना  । वरना हम सत्ता खो देंगें॥ यदि जवान को थप्पड़ पड़ते । वेतन तो हम देते हैं ।...