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  • // अहा ! जीवन..//

    // अहा ! जीवन..//

    हे जीवन ! तुम मन हो ! मानसिक क्रीड़ा हो ! प्राकृतिक नियमों को कभी तिरस्कार करते हो तो कभी स्वीकार कभी स्वीकार करते हो तो कभी तिरस्कार तुम्हारी सोच – समझ में रच पाते हो...

  • // जीवन पथ में…//

    // जीवन पथ में…//

    ये जरूरतें हैं, हमारे बीच में एक दूसरे को मिलती बंधु – बाँधव – मित्र – शत्रु, छल,कपट सभी जीवन में वो चलाती हैं ये जरूरते हैं जो अपना जाल बिछाते भोग लालसता की ओर खींचते...


  • // मैं भी…//

    // मैं भी…//

    मैं मनुष्य हूँ मेरा भी जीवन है मानवता का है विचार मेरा अच्छे समाज की परिकल्पना में आगे बढ़ना मैं अपना धर्म मानकर कदम-कदम बढ़ाता हूँ साहित्य के साथ नये विचारों को लेकर अनंत आकाश में...

  • हम भूले हैं..!

    हम भूले हैं..!

    हम भूले हैंं..! प्रश्न हैं कितने हमारे जीवन में अनादि से.. प्रश्न प्रश्न ही रह रहे हैं निज खोज के अभाव में धार्मिक विचार हैं अनेक पोथी पुराणों से जुड़कर अपने-अपने बढ़प्पन दिखाते इन प्रश्नों का...

  • मैं हूँ कविता

    मैं हूँ कविता

    मैं आज का ही नहीं कल का भी हूँ हजारों सालों से दबाये गये असहाय जनता का स्वर हूँ अक्षरों में प्राण जन मानस का रूप मैं हूँ कविता दीन दुखी गाथा मैं फटे-चीथडों में पला...

  • लडेंगे..लडेंगे…हम लडेंगे

    लडेंगे..लडेंगे…हम लडेंगे

    जो कुछ है इस प्रकृति में वह यहीं के है हम सभी हैं उसका अधिकारी छीननेवालों से डरना क्यों हम लडेंगे…लडेंगे..हम लडेंगे आखरी साँस तक हम लडेंगे नहीं, हम नहीं, उनके चप्पल के नीचे की मिट्टी,दबकर...

  • यह क्या है !

    यह क्या है !

    हे विश्वास ! तुम निर्दय, निर्मम धूर्त हो ! अपने पाँव के नीचे हजारों सालों से मानवता को दबाते-दबाते, अट्टहास का विकराल नृत्य-कृत्य ! धोखेबाजी ! आघात तुम करते हो ! कुटिल नीति के जाल में...

  • बातें तो कई हैं, मगर….!

    बातें तो कई हैं, मगर….!

    साधना के उपाय हैं, मगर साधना नहीं नीति के अमूल्य वचन हैं, तो आचरणा का नहीं शांति की बातें रटते हैं हमेशा गरम खाते रहते। छाता की छाया में श्रम का गीत गान है राष्ट्रीय एकता...

  • यही सच  है

    यही सच है

    नये साल की चहल-पहल उत्साह समय का उन्मेश चहूँ ओर के उल्लास चसके मुझे रिझा नहीं पाता अनायास मेरे अंतरंग में निर्लिप्तता की रसाई अपने आप आ जाती विगत जीवन का ढ़ोर मेरे अंतर्जग में ढोली...