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  • रिश्ते

    रिश्ते

    रिश्ते हमारे सभी महक रहे, गुलाब सम होते हैं साथ जिसके रहते, खूब ही काँटे भी तो होते हैं पहले तो होता था आपस में, रिश्तों में अपनापन, अब तो नहीं है ऐसा, सब रिश्ते पराये...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    तत्पर तो जत्था , सैनिक का सारा है ….. जब भी दुश्मन ने हमको ललकारा है ….. रक्षक बन जाता है , सीमा पर सैनिक ….. वह ही तो सबकी , आँखों का तारा है ….....


  • गीतिका

    गीतिका

    प्यार को भी प्यार से ही प्यार करके देखिए गीतिका यक प्यार से ही आप रचके देखिए आ गये जो चमन में तो, आज बस ही  जाइए बैठ, इसकी रौनकों पर, मनन करके देखिए इस चमन...

  • बाल मज़दूर

    बाल मज़दूर

    पूज्य हैं जो किसी के लिए हैं निरर्थक वे किसी के लिए पर वे ही प्राणी पीड़ित समझ सुख – दुख में हर पल साथ जिये । अभावों से पीड़ित जो झुग्गियों के वासी हैं हम...

  • गीतिका

    गीतिका

    जब से ये श्रृंगार हुए हैं सपने भी साकार हुए हैं खुशियाँ हमको मिलीं डगर तो सब दिन ही त्योहार हुए हैं तुमने जब से चाह लिया है अपने ही गलहार हुए हैं जब से जीवन...




  • तू भी झेलकर देख

    तू भी झेलकर देख

    भूखे की भूख का भी तू ख़्याल कर सिर्फ़ खुद को ही मत मालामाल कर । मालपुओं की पार्टियाँ खूब उड़ाता है दिल को रख कभी ज़मीं पर उतार कर । ज़िंदगी से ज्ञान थोड़ा ले...