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  • मेरे पिता

    मेरे पिता

    आप मेरा एहसास आप ही मेरी आस हो मेरे सपनों का आप ही आकाश हो मेरा संबल मेरा आधार हो मेरे हर सुख की पहली पहचान हो मेरी थकन में, मेरी आस हो, मेरे हर सपने...

  • मैं तिरंगा हूँ…!

    मैं तिरंगा हूँ…!

    मैं तिरंगा हूँ…!! कल रास्ते में मुझे कोई मिला, वह कल 16 अगस्त – 27 जनवरी कुछ भी हो सकता है। नहाया हुआ था वह धूल में, लतपत मिट्टी से सना हुआ, मैंने पूछा महाशय आप कौन हैं और क्यों...

  • बचपन

    बचपन

    बचपन आज गली के मोड़ पर ठहरी गाड़ी में कुछ बच्चों को देखा, या यूँ कहूँ मैंने एक ठिठुरा – कैद बचपन देखा।। हाथों में न कंचे थे न थे गुल्ली डंडे वे मुझको जान पड़े...

  • आसूँ

    आसूँ

    ये जो आसूं हैं न, बड़े अजीब होते हैं, जब होता है दर्द तब भी रोते हैं। जब होती है ख़ुशी बहुत, ये तब भी बहते हैं, ये जो आसूं हैं न बड़े अजीब होते हैं।...

  • आह्वान अर्जुन का

    आह्वान अर्जुन का

    नाद पंचजन्य की रणभेरी आज फिर आई है, कुरुक्षेत्र के रण से युद्ध पताका लहराई है.. सम्मुख फिर वही आज खड़े दोनों भाई हैं, उठा, उठा अर्जुन गांडीव अपना,करने आलिंगन रणदेवी आई है..   मत सोच कि...

  • बचपन

    बचपन

    बचपन   आज गली के मोड़ पर ठहरी गाड़ी में कुछ बच्चों को देखा, या यूँ कहूँ मैंने एक ठिठुरा – कैद बचपन देखा।। हाथों में न कंचे थे न थे गुल्ली डंडे वे मुझको जान...

  • बॉलीवुड : एक अभिशाप

    बॉलीवुड : एक अभिशाप

    बॉलीवुड : एक अभिशाप   फ़िल्में मेरी पहली पसंद हुआ करती थी. यक़ीनन आपकी भी रही होंगी. एक समय था जब मैं भी शौकिया फिल्मिया हुआ करता था. शाहरुख़ की तरह स्वेटर कांधे पर रखना, सनी की तरह हैंडपंप...