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  • गज़ल

    गज़ल

    छपी जब रोज़ इतराज़े रहेंगी कहाँ तक क़ैद आवाजें रहेंगी. वतन के वास्ते सब सोचते हैं, अजी क्या सिर्फ़ ये बातें रहेंगी सिसकती आस दब आहें रहेंगी गिरे आँसू बन बरसातें रहेंगी नज़र में असल सौगातें...

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    गज़ल

    गज़ल 1212 -1122 -1212-22 तमाम उम्र हम सज़ा में गुनहगार रहे, तमाम उम्र उठाये हैं नाज़ पत्थर के. कभी किसी के अरमा हुये झलक मंजर ले लिहाज़ बन उड़ाये हैं वाज़ अंदर के. हर धड़कते पत्थर...

  • गज़ल

    गज़ल

    सभल के अगर दास्त्ताने रहेंगीकहाँ तक क़ैद आवाज़ें रहेंगी.चमन जो होखिले राहें रहेंगीअभी कुछदिन ये सौग़ातें रहेंगीसैर मेंहो कसरतें लगन ले जोमिलेंगे क्षणमुलाक़ातें रहेंगीज़हन में असर तेरी याद रहेंगीज़ुबां पर और क्या चाहें रहेंगीसफ़र मेंबीत जाना...

  • लघुकथा – सुखी परिवार

    लघुकथा – सुखी परिवार

    एक घर में चार बेटे बहुएँ ,उनकेबच्चे सभी चारों अपने अपने घर के कोनों में रहते थे| घरके बड़े मुखिया राम लाल जी सबके पिता मध्य में अबकी देख –रेख में जीवन बीता रहे थे| घर...

  • गज़ल

    गज़ल

    चुप रहों हम दखल न करते हैंहम मुहब्बत की बात करते हैंशायराना अदब से मात करते हैंजब मुहब्बत की बात करते हैंखोंफ ऐसा दिल पे छाया हैंवक्त समझ कर कहीं निकलते हैंबेगुनाही भले ही हो साबितजख्म...

  • गज़ल

    गज़ल

    दिखी खिलाफत चाहें नहीं बदलते हम हुजूम देख के रस्ता नहीं बदलते हम वफ़ा ख़ुलूस मुहब्बत से नापते क़द को हुजूम देख के रस्ता नहीं बदलते हम. लुभा सकी न कभी दौलतें जमाने की, चले ईमान...

  • लघुकथा –सपना

    लघुकथा –सपना

    रमेश की पत्नी का बेटे के विवाह के कुछ दिनों बाद ही निधन हो गया| पत्नि के बिना घर रमेश को सुना लगता और खाने को आता| बहू मधु और बेटे आलोक ने पूरा समपर्ण दिखाया,...

  • गीतिका

    गीतिका

    गीतिका आये न लोभ हमको , चाहे कठिन समय हो जो भी मिला खुशी है , श्रम से हमें कमाना जो प्रेम मानते रिश्ते वास्ता निभाना हो दूर दोष कोशिश वादा रहा बनाना . बरसात हो...

  • गज़ल

    गज़ल

    मायूस न हो ग़र मिले नाकामियां कभी ऎसा हे कि सब खा़ब्ब मुसल्सल नहीं होते। माँ-बाप मुहब्बत में यही चाहें कि बच्चे, पल भर को भी निगाह से ओझल नहीं होते| मुश्किल कोई भी हो यहां...

  • गज़ल

    गज़ल

    हम ढली हुई लहरों में दिखे दखल आरज़ू क्या किसी सफ़ीने को आरज़ू-ए-साहिल है जिंदगी खड़ी देखे शामिल अगर मुश्किल नाव खोजता पाया अहम ओहदा ले शातुर है हो रही उदासी मुख जख्म लिये आहत हैं...