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  • गीत

    गीत

    ये चूड़ियाँ वाला इस उम्र में कड़ी मेहनत करता है तीज़-त्योहारों में बहू-बेटियों के खुशी पल भरता है| बेटे तो पढ़ा-लिखा गृहस्थी में खो गये लगता है ये बेचारा पेट की खातिर राह बैठ निकलता है|...


  • गज़ल

    गज़ल

    मापनी:- 1222 1222 1222 1222 बनी आदत सभी सहना,रही  चाहत निभाना है कभी रोये न गम पाये कसक लेकर सुनाना है. न पग पीछे चले हसरत लिये सा ही निशाना है जिसे आता है दिल देना...

  • लघुकथा -नया बोध

    लघुकथा -नया बोध

    झमाझम बारिश हो रही थी और बादल गरज रहे थे। पल भर में आपे से बाहर मनु तेज़ ट्रक चलाता खोया सा अपनी किस्मत को कोस रहा था| मनु रुआसे सा बोला ,’अब तो इस जीवन...

  • गीत

    गीत

    होली में सब गले मिलेंगे सारे शिकवे दूर हटेंगे।1 दहन होलिका का तो होगा। और साथ में द्वेष जलेंगे।2 भांग और ठंडाई होगी। रंग भंग के सभी रंगेंगे।3 छक कर जब पी लें ठंडाई भांग नशे...

  • गज़ल

    गज़ल

    देख कर जो हमें चुप-चाप गुज़र जाता है कभी उस शख़्स को हम ख्याल किया करते थे . अब ज़िंदगी सुकून से महरूम हुई  जाती  है निगाहे  करते मासूम दिखा जरा करते थे. चुपी देकर धमका...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    बह्र 1222 1222 1222 1222 हँसाने के लिए सबको हजारों दुख उठाती है यही औरत जमींपर एक जन्नत भी बनाती है मुझे जीवन के सब दिन आज तक उसने दिखाए हैं, बिताये साल बिन उसके मेरे खाबों...

  • कविता

    कविता

    बर्षो से लिखती ज़ा रही हूँ कभी रुकती फिर चलती यही क्रम बनता फिर पारी मानो खुशी भरी सी क्यारी. तन्हा कर देते हैं बिखरे पेज़ सम्भालू ,टैग में लायूं करीने समेट रही हूँ, सहेज़ में...

  • गज़ल

    गज़ल

    आज रिश्ता बनी निकटता है बहुत आपसी मिल रहें घनिष्टता है बहुत. दिल कहीं भी असल चैन पाता नहीं साथ तेरा सदा मन लुभाता है बहुत. बिन तेरे बीतते पल जुदाई में अब जान जीवन बना...

  • गज़ल

    गज़ल

    छपी जब रोज़ इतराज़े रहेंगी कहाँ तक क़ैद आवाजें रहेंगी. वतन के वास्ते सब सोचते हैं, अजी क्या सिर्फ़ ये बातें रहेंगी सिसकती आस दब आहें रहेंगी गिरे आँसू बन बरसातें रहेंगी नज़र में असल सौगातें...