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  • गज़ल

    गज़ल

    आपका शिकवा पुराना हो गया आज मौसम भी सुहाना हो गया महज खोजें जो खुशी अब ले बढ़े बस सुना गीतों हँसाना हो गया खायशे पाये जो बड़ी कह लब खुले दिल चमन सबको दिखाना हो...

  • लघुकथा – राहत

    लघुकथा – राहत

    माँ बेटी रोशनी को बाजार से सामान खरीदने को साथ ले गई | माँ राशन का सामान लेने लगी ,बेटी किताबे और कापियां देख उल्ट-पलट करने लगी | माँ ने डाटा ,”तू ज़ल्दी कर! तुझे इन...

  • गीतिका

    गीतिका

    जब से साथ लेखन प्रेमियों का पाया, बुद्धिजीवी, साहित्यकारो से सीख पाया रोज नये विषय नये विचार सा व्यबहार, मन लिखने को रहता बहुत उकसाया रचना का मापदंड सही रूप समझकर, तभी तो अपना समझ सही...

  • अस्तित्व

    अस्तित्व

    आँधियों के वेग से दिन रात भागना अपने प्रतिरूप अस्तित्व रिश्ते झाकना. कुछ से तनाव ले कुछ मन बना नाता यूँ ही जीवन लगा हर क्षण चला जाता. हाड़ -मास गात हूँ तूफानों में बढ़ना जानी...

  • गज़ल

    गज़ल

    भरे नीर से नैन हारे कहाँ हैं मिरी आँखों के वो सहारे कहाँ हैं बढ़े साथ पाये पनाहे कहाँ हैं जले नभ सितारे नजारे कहाँ हैं चलो भूल दुनिया निहारे नया सा कहीं आस बढियां पुकारे...

  • तानाशाही सोच

    तानाशाही सोच

    निशा बस चलने के इन्तज़ार में थी कि अचानक प्राईवेट और सरकारी बस वालों में सवारियों और समय को लेकर झगडा हो गया और बात हाथापाई तक पहुँच गई। दोनों मे झगडा सवारियों को अपनी बस...

  • गज़ल

    गज़ल

    नफरत से ना ठान पुचकार चले हैं तौफ़ीक़ से कब कोई सरोकार चले है| मुझसे बतिया फिर हमी से दूरी लाना कैसे करू मनुहार ये तकरार चले हैं| चाहे से मिलता न यहाँ कुछ भी दुलार...

  • लघुकथा – संदेह

    लघुकथा – संदेह

    सेल्समैन राम अवतार ने पेट्रोल पंप से मालिक को फोन पर बताया, “लूटेरे पिस्तोल की नोक पर मुझसे सारा पैसा लूट ले गए हैं| पल में मुझे चारों तरफ से घेर लिया, जो कैश था सब...

  • लघुकथा : खुशी भरा पौधा

    लघुकथा : खुशी भरा पौधा

    रीमा अपने कुत्ते साथ घूमने जा रही थी| रीमा ने देखा कि धडाधड पेड़ काट ढेर लगा हुआ था | ये दृश्य देख मन बहुत दुखी हुआ | रीमा ने बूट सुईट में मोटी तोंद वाले अफसर को पूछा ,”ये आपने सो के करीब पेड़ काट...

  • गज़ल

    गज़ल

    क्या मुहब्बत का मेरी आज असर है कोई हो रहा बोध या खुशियों की लहर है कोई| जो निभाता सबसे हो सबका ही माना आप कहे ये भी अब मान सफर हैं कोई हैं लिया पग पे...