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  • लघुकथा – सिद्धांत

    लघुकथा – सिद्धांत

    रमेश को रेल सफर में एक सज्जन दम्पति मिले साथ में उनकी पत्नि भी थीं। सज्जन की उम्र लगभग करीब 70 साल रही होगी। उनकी पत्नी भी कुछ छोटी ही होंगी। सफर में वृद्धा पत्नी ने...

  • गज़ल

    गज़ल

      बिना शादी  कुँवारा कह दुलारा हो नहीं सकता भले चाहे मगर जुगनू सितारा, हो नही सकता घिरे मुश्किल सहारा बन नज़ारा हो नहीं सकता किसी को मन लुभाये जो किनारा हो नही सकता पिता जो...

  • गज़ल

    गज़ल

    शहर के लोग खुश हैं खातों में पैसा देखकर, गाव के लोग दंग है घर में नसीब रूठा देखकर पैसा की पुकार जरूरतों में बने लाचारी आधार , आईना याद आया बूढ़ों की तसल्ली इशारा देखकर...

  • नई नवेली

    नई नवेली

    माता-पिता ने बेटे राजीव की शादी दसवीं के बाद ही करदी क्योंकि उसकी दोस्ती गलत मित्रों के साथ हो गई थी| माँ ने सोचा, “विवाह हो जायेगा, बेटा अफीम, गांजा अदि का नशा छोड़ देगा, गलत लोगों के साथ उठना बैठना बंद कर...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    क्यूँ तबीअत कहीं ठहरती नहीं; कट तो जाती है पर गुज़रती नहीं। जब कहे असलियत है सुनती नही भटक सा ले यकीन जमती नही। जिंदगी तपन मानके ज़लती पीर आखों से अब छलकती नहीं। तरस आता...


  • गज़ल

    गज़ल

    नफरतों को मिटा पाये मुहब्बत ज़हाँ में ऐसी पहुंचाये मुहब्बत दिखा रोगी बनो साथी दुखी पल कमी अपने भुला पाये मुहब्बत यही पूजा निभाने में किया कुछ असल मतलब पहुंचाये मुहब्बत लगे कतरा भरी मिली सहूलत...

  • लघुकथा – समय का पहिया

    लघुकथा – समय का पहिया

    “बहू मंजरी, मैं जरा देवरानी के घर जा रही हूँ, वो कुछ बीमार सी हैं| अगर लेट हो जाऊं, सब्जी बनाई पड़ी है अपने ससुर जी के लिये फुलके बना देना| उनको समय पर खाना खाने...

  • गज़ल

    गज़ल

    दोस्ती है तो बना इकरार होना चाहिए भूल लेकर ना उठा तकरार होना चाहिए सोच भड़की तो मिटा दूरी असल ले कायदा आस खुशियों जान के संसार होना चाहिए प्यार को बस प्यार सा इजहार होना...

  • गीतिका

    गीतिका

    मापनी- 221 2121 1221 212 घर को नये निर्माण दिखाती हैं नारियाँ हर क्षेत्र में रुझान जगाती हैं नारियाँ। अरमान से बना के पकवान गा रही हर पर्व खुशी से बहलाती हैं नारियाँ। मुश्किल घड़ी लगे...