कविता

ये प्रेम नहीं कोई खेल प्रिये

ये प्रेम नहीं कोई खेल प्रिये, यह तो मर्यांदित बन्धन हैं। तुम हृदय में कुंठा मत पालों , मैं तुलसी जैंसी पावन हूॅ॑।। वृंदावन की मिट्टी हूॅॅ॑ हर जन्म तुम्हें ही पुॅ॑जूगीं। तौलों मत मुझको अरबी डॉलर से मैं तो तेरे ही रूह में बसती हूॅ॑ ।। राधा का सा प्रेम लिए माॅ॑ सबरी सी […]

भाषा-साहित्य

वर्तमान कवि की कविता और दशा

“कविता समय के धड़कनों को प्रस्तुत करती हैं यहीं उनकी जीवंतता भी होती हैं । समय से संवाद की अनुभूतियां अभिव्यक्त होकर कुछ पाने का हर्ष करती हैं, तो कुछ खोने का विषाद भी ।” डॉ बारेलाल जैन जी के इस कथन पर प्रकाश डाले तो ऐसा लगता हैं कि मीडिया का कोई पत्रकार अपनी […]

कविता

मजदूर का जीवन

मेहनत की दौड़ लगाते हम हैं पत्थर को तरासते हम हैं कुदरत के कहर को झेलते हम हैं फुटपाथों पर सोते हम हैं ओस की बूंदों के जैसें रोज धरा पर गिरते हम हैं आंखें नीची करके,आंखों में अश्रु को लेके दहशत में जीवन जीते हम हैं यौवन के दहसी भेड़ियों में प्रतिदिन शोषित होते […]

राजनीति

ग़रीबी और शहरी गरीबी क्या हैं 

ग़रीबी वह हैं जिसमें व्यक्ति के दैनिक जीवन निर्वाह के लिए बुनियादी जरूरतों की पूरा न कर पाने वाली स्थिति उत्पन्न होती है यह गरीबी किसी भी गांव के भूमिहीन श्रमिकों मजदूरों की शहरों में भीड़ भरी झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले लोगों की भी हो सकती हैं और उनकी भी को काम की तलाश […]

राजनीति

महाशक्ति के रूप में उभरता भारत

यदि  कोरोना वायरस के रहस्यमय रूप से प्रकट होने, और समस्त विश्व से इसकी जानकारी छिपाने फिर प्रचार– प्रसार के बाद चीन में उद्योग से लेकर जनजीवन तक सामान्य होने का विश्लेषण करें ! तो पता चलता हैं कि 31 दिसम्बर को ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आगाह किया कि उनके हुबई सूबे के वुहान […]

स्वास्थ्य

कोरोना वायरस

चीन के वुहान शहर से उत्पन्न होने वाला नोबेल कोरोना वायरस इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी मुकुट के आकार में कांटे के जैंसा दिखाई देता हैं  इसे लातिनी भाषा में कोरोना कहा जाता हैं जिसका हिंदी अर्थ होता हैं– मुकुट। कोरोना वायरस से पब्लिक हेल्थ के लिए इमरजेंसी का मुद्दा भी बना हुआ हैं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने […]

कविता

रात भर

तारों के नीचे बैठीं ,सपने सजाती रात भर । ओंस की आगोश में, मदहोश रही रात भर ।। ढूंढ़ती हूॅ॑ खुद को ,खुद की आवाज में । आॅ॑खों में सुरमई, ख्वाब लिए रात भर ।। जिस्म की लम्स में, शव सी पड़ी । कोई तो मखमली सी, आवाज दें ।। सन्नाटें के शोर में,हवाओं ने […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

होली पर्व

होली का पर्व फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन खेला जाने वाला एक प्रसिद्ध त्योंहार हैं । मान्यता हैं कि हिरण्यकश्यप के पुत्र प्रह्लाद को उनकी बुआ होलिका ने उन्हें पथ भ्रष्ट करने के लिए दंड हेतु आग में लेकर बैठ गई थी । जिससे कि प्रहलाद की मृत्यु हो जाए किन्तु होलिका स्वयं जलकर […]

राजनीति

पाकिस्तान में ननकाना साहिब पर हमला क्यूँ?

ननकाना साहब पाकिस्तान के प्रांत में स्थित एक शहर हैं जिसका वर्तमान नाम सिख धर्म के गुरु! गुरु नानक देव जी के नाम पर पड़ा जिसका पुराना नाम हैं ‘राय– भोई– दी तलवड़ी’ था यह लाहौर से 80 किलोमीटर दक्षिण –पश्चिम में स्थित हैं इसे महाराजा रणजीत सिंह ने गुरु नानक देवजी के जन्म स्थान […]

कविता

नसीब अपना अपना

“नसीब अपना हो या अपनों का कभी एक सा नहीं होता कभी किसी कि ख्वाइशें पूरी होती हैं तो कभी बस जरूरतें किसी के हसरतों में बच्चों की किलकारियाॅ॑ होती हैं तो किसी के आॅ॑खों में बच्चों के लिए अश्रु वह अश्रु दुःख,सुख के नहीं बल्कि बच्चों के दो जून की रोटी के लिए होते […]