कविता

थक गई हूँ मैं

बहुत थक गयी हूँ इस युग के शहर,गाँव गलियों में घुमते घुमते … तुम मुझे अपनी जटाओ के जंगल में छुपा लो तो हो जाएगा अन्धेरा चारो दिशाओ में फिर गहरी नींद आयेगी… जब तुम जंगल की करवट बदलोगे तो मैं जाग जाउंगी और उठ कर बच्चो की तरह किलकारी मारूंगी, उछलकूद करूंगी तेरे सीने […]

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रेगिस्तान

सुनो सोना चाहती हूँ बस एक पुरसुकून नींद… कितना थकी हुई हूँ नही लगा सकते तुम अंदाजा… हूँ कितनी सदियों से प्यासी… और तुम कितने जन्मों से रेगिस्तान…!! …रितु शर्मा …

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लम्हे भर का इश्क

  रेजा रेजा बिखरती कतरा कतरा दुःस्वप्नों के भंवर में फंसती बिस्तर की सिलवटों में रेंगते अजगर कटेगी कैसे जिन्दगी कि जब भी तेरे नाम के मनके गिनती हमेशा कम पड़ जाते हैं हिचकियों ने भी तो कर दिये हैं बंद खत पहुंचाने तुम्हें भान भी है कि इतनी दूर मैं याद कर रही हूं […]

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कविता

दर्द,अश्क,जख्म समुद्र पहाड़ और सफीनो को अपने स्याह दामन में छुपाये बैठी हैं बरसों बाद खिज़ा का मिजाज़ और मेरा हाले दिल एक सा हैं हमारा नगमा-ए-रंजोगम और संगीत एक सा हैं छुपा हैं कोई जलजला इस घर की बुनियाद में उफ्फ ..! आरजुओ की कांपती लौ लेकर ए बाती तुम कहा जाओगी …?? ….रितु […]

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कविता : याद

याद की शक्ल कभी पहचानी नहीं होती… किस लम्हे में किसकी याद आये इसका भी कोई गणितीय फ़ॉर्मूला नहीं है… तो फिर क्यूँ मैं तुमसे जुड़ी रहना चाहती हूँ … हिचकियों से, शाम के रंग से, हर्फों से या कि एकदम ही सच कहूँ तो मन से… मेरा मन तुमसे इतने लम्बे अंतराल का बंधन […]

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कविता : दिल कभी दरिया नहीं होते

दिल कभी दरिया नही होते दिल तो मॉस की मुट्ठी ना चप्पू ना कश्ती कोई ना कोई कील किनारे होते नैनो की तो बात करो ना कुआ झील दरिया नही होते बस अच्छी बुरी देखने खातिर फरेब बड़े सुहाने होते छोड़ री पगली खा ना धोखा मुट्ठी मॉस की भर ले महीवाल को देने खातिर […]

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कविता : महज़ एक ख्याल

ये हैं महज़ एक ख्याल पर मैंने रूह से महसूस किया ज़िंदगी खूबसूरत हैं चलो आज कुछ पल ज़िंदगी को मेरी नजर से महसूस करो हाँ ज़िंदगी खूबसूरत हैं पता हैं कैसे … जैसे कि तुम सूरज की तरह उदय हो रहा हो और मैं तेरी सिंदूरी किरणों की तरह फ़ैल रही हूँ और ये […]

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कविता : आया तेरा ही ख्याल

जब भी बैठी कुछ लिखने आया बस तेरा ही ख्याल … “और क्या लिखूं तुझ पर?” फिर वही सवाल … ?? चाहू लिखना कागज़ पर… तो रुक गयी कलम जहाँ आया तेरा नाम सनम सोचा, लिख दें दिल पर… तो बढ़ गयी धड़कन, रूह में हुई हलचल लिखने लगी आसमान पर जो तेरे बारे में, […]