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  • “कूलर”

    “कूलर”

    ठण्डी-ठण्डी हवा खिलाये। इसी लिए कूलर कहलाये।। जब जाड़ा कम हो जाता है। होली का मौसम आता है।। फिर चलतीं हैं गर्म हवाएँ। यही हवाएँ लू कहलायें।। तब यह बक्सा बड़े काम का। सुख देता है...




  • “गिलहरी”

    “गिलहरी”

    बैठ मजे से मेरी छत पर, दाना-दुनका खाती हो! उछल-कूद करती रहती हो, सबके मन को भाती हो!! तुमको पास बुलाने को, मैं मूँगफली दिखलाता हूँ, कट्टो-कट्टो कहकर तुमको, जब आवाज लगाता हूँ, कुट-कुट करती हुई...