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  • “हँसता गाता बचपन”

    “हँसता गाता बचपन”

    “हँसता गाता बचपन” की भूमिका और शीर्षक गीत — हँसता-खिलता जैसा, इन प्यारे सुमनों का मन है। गुब्बारों सा नाजुक, सारे बच्चों का जीवन है।। नन्हें-मुन्नों के मन को, मत ठेस कभी पहुँचाना। नित्यप्रति कोमल पौधों...


  • “कूलर”

    “कूलर”

    ठण्डी-ठण्डी हवा खिलाये। इसी लिए कूलर कहलाये।। जब जाड़ा कम हो जाता है। होली का मौसम आता है।। फिर चलतीं हैं गर्म हवाएँ। यही हवाएँ लू कहलायें।। तब यह बक्सा बड़े काम का। सुख देता है...