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  • कविता : जीने का मज़ा

    कविता : जीने का मज़ा

    यूँ हर मोड़ को जीने का मजा तेरे साथ भी लेते तो तेरी बेरुखी के सहारे न खोते ये तो मेरे आंसुओं की शक्ल है इसे कविता न समझिये पूरी होने से पहले बह जाएंगे यूं...

  • कहानी : गीली रज़ाई

    कहानी : गीली रज़ाई

    सर्दी का मौसम ! कानो को सन्न करती सर्द हवाएं !! अति शीतल जल ! एक दुसरे का दामन छोड़ने को डरती पलकें ! पेड़ों कि जड़ों की भाँती ऊष्मा धुंडने को मचलती हाथों की उंगलियाँ...