कविता

बड़े ओहदेदार

लव, सेक्स और धोखा ! नेशनल अवार्डी अभिनेता ‘राजकुमार राव’ की पहली हिंदी फ़िल्म है और मेरे कुछ मित्रों के ज़िन्दगी की भी ! •••••• संकीर्ण सोचवाले व्यक्ति बड़े ओहदे पर पहुंचकर अपने ‘पद’ को नुकसान ही पहुंचाता है? ओहदा पा लेने से कोई व्यक्ति बड़ा नहीं हो जाता ! •••••• यहाँ पति को परमेश्वर […]

भाषा-साहित्य

21 वीं सदी के बेबाक लेखक

जिनसे कई बार मुलाकात हुई है, तो जिनके कई ‘पत्र’ मेरे पास है और जिनकी सम्पादकत्व में ‘हंस’ में कई बार छपा हूँ मैं; उस 21वीं सदी के कबीर व नई कहानी के पिता “राजेन्द्र यादव” की पुण्यतिथि (28 अक्टूबर)  पर सादर नमन और भावभीनी श्रद्धांजलि ! ●●साहित्यकार राजेन्द्र यादव का रचना-संसार:- ■कहानी-संग्रह :- देवताओं […]

भाषा-साहित्य

नमन मनन

व्ही. शांताराम की पुण्यतिथि पर सादर नमन…. “ए मालिक तेरे बंदे हम….. बड़ा कमजोर है आदमी, पर तू है बड़ा कृपालु…. जब जुल्मों का हो सामना, तब तू ही हमें थामना…… नहीं हो बदले का भावना ….” यह गीत ‘श्री बालकवि बैरागी’ की रचना है, किन्तु यह गीत महान निर्देशक व्ही. शांताराम निर्देशित किसी फिल्म […]

इतिहास

क्यों और कैसे ?

पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी ने भारत विभाजन का ज़िम्मेदार सरदार पटेल को बता रहे हैं। ऑनलाइन अखबार ‘मेकिंग इंडिया’ के अनुसार- स्वाभाविक ही समस्त हिन्दुओं को अपने प्रिय सरदार के खिलाफ माननीय हामिद मियां की यह बात बहुत बुरी लगी है और इसीलिए हिन्दुओं के मन में इस बात से मुस्लिमों के लिए कोई […]

विविध

धरती पर की कुछ बातें !

अपने देश में पति को परमेश्वर मानने की अवधारणा है, अगर ‘पति’ आवारा हो, मवाली हो, नशेड़ी हो, चोर हो, पॉकेटमार हो, आपको पीटते हों, फिर भी वो परमेश्वर है, क्यों ? क्योंकि मेरी माँ भी नानी से यह सबक लेकर आई हैं ! दरअसल, परमेश्वर को पति मान लेने की प्रार्थना से ही निकला […]

कविता

उस्तरे की धार

भारत के पोलिंग पार्टियों को 80 वर्ष और इनसे अधिक उम्रवाले तथा दिव्यांग मतदाताओं के ‘मत’ को उनके घर जाकर लेने चाहिए ! •••••• कुछ लोग ऐसे यहाँ जरूर हैं, जो हर मोड़ पर अपना रंग बदलते हैं कि गिरगिट भी शर्मिंदा हो जाय ! •••••• दुश्मन को लगे हुकाहुकी की तित्ति. यहाँ हाथ नहीं […]

अन्य लेख

आडंबर ‘संस्कृति’ को नष्ट करता है !

देश सिर्फ ‘पति’ और ‘पत्नियों’ से ही निर्मित नहीं है । देश में उम्रदराज कुँवारी कन्या भी है, तो कम उम्र की विधवा भी ! आप इनकी स्थितियों को नजरअंदाज़ कर रहे हैं । उम्रदराज़ कुँवारी और कम उम्र की विधवाओं के विवाह कैसे हो पाएगी, इनमें आप सबकी दिलचस्पी नहीं है ? आपको तो […]

बोधकथा

सिम्पलीसिटी

कुछ देर पहले ही बाहर से घर आया हूँ ! बारिश में भींग गया हूँ ! अब तो धूप खिल आई है, प्रकृति हरीभरी और निराली है! ऐसे बहुत सारे लोग हैं, जो सफल और संपन्न होकर भी सिम्पलीसिटी में जीते हैं । यह तो बड़प्पन है । कहने का मकसद है, सम्पन्नता पाकर अगर […]

इतिहास

डॉ. के.आर. नारायणन जन्मशती

पूर्व राष्ट्रपति डॉ. के.आर. नारायणन के जन्मदिवस पर सादर नमन और विनम्र श्रद्धांजलि ! भारत के 10वें, किन्तु SC समुदाय से प्रथम राष्ट्रपति डॉ. कोचेरिल रमन नारायणन का जन्म केरल के एक बेहद गरीब परिवार में 27 अक्टूबर 1920 को हुआ था। वे लन्दन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, दिल्ली स्कूल ऑफ स्कूल आदि के छात्र भी […]

लघुकथा

पुराने नोट

कहीं से कथा ली हूँ कि एक भक्त ने पाँच सौ रुपये का पुराने नोट मंदिर में चढ़ाया। पुजारी भड़क गए- ‘ये नहीं चलेगा।’ ‘भाई, मैंने भगवान को दिया है, तू क्यों भड़क रहा है ?’ भक्त बड़े शांत मन से कहा।