कविता

बाध्यता के बीच

कई-कई जगह पशु-शृंखला भी देखने को मिले, खासकर “बोतु शृंखला” •••• जब गुरु द्रोण नहीं मिले, तब एकलव्य ने खुद के भीतर टैलेंट पैदा करके क्या बुराई की ? क्या खुद की प्रतिभा को बाहर निकालना अपराध है? •••• टैलेंट की यहाँ पहचान कहाँ हो रही है ? सिरफ़…. सुंदर कपड़े, मकान, गुंडई और तमाशा […]

कविता

दिल तो कभी मिला नहीं !

महिलाएँ अपने-अपने ‘वो’ को ‘जान’ कहती हैं, तो ‘वर’ (पति) भी कहती हैं, यानी घुमा -फिराकर उस ‘वो’ को ‘जानवर’ कह ही डालती हैं ! •••• होता है आध्यात्मिक सत्संग और आते हैं उद्घाटन को वैसे ‘नेता’, आध्यात्मिकता से दूर तलक नाता नहीं ! शायद उसने चंदा जो ज्यादा दिए ! •••• टैलेंट की यहाँ […]

भाषा-साहित्य

सजीवन साहित्य

साहित्य से सुसंचालित है समाज ! जिस जाति की सामाजिक अवस्था जैसी होती है, उसका साहित्य भी वैसा ही होता है । जातियों की क्षमता और सजीवता यदि कहीं प्रत्यक्ष देखने को मिल सकती है, तो उनके साहित्य -रूपी आईने ही में मिल सकती है। इस आईने के सामने जाते ही हमें तत्काल मालूम हो […]

सामाजिक

सिर्फ़ वाह-वाह कह हम मुक्त न हो जाएं !

हम अपने बच्चों को डॉक्टर -इंजीनियर बनाते हैं, इंसान नहीं ! तो फिर दूसरे के बच्चों की इंसान बनने की कामना क्यों करते हैं ? सिर्फ़ वाह -वाह कह हम मुक्त न हो जाएं ! कोई किशोर व लोग ऐसा क्यों करते हैं ? ऐसा क्यों लिखते है ? कभी इन बिंदुओं पर आपका ध्यान […]

कविता

अलबेला

बिहार के बड़े ‘शिक्षक संघों’ को बंद कर देना चाहिए, क्योंकि इनमें साहस का अभाव है ! ‘नियोजित प्रारंभिक शिक्षक संघों’ में साहस है ! •••• मैं तो एसएमएस में ही अटक कर रह गया, पर “वो”…. एफबी, व्हाट्सएप को भी ठेंगा दिखा- ‘इंस्टाग्राम’ हो निकल गयी ! •••• ‘बसंत’ का अर्थ ‘अलबेला’ होता है, […]

कविता

नफरत करो तुम मुझसे !

जब नियोजित शिक्षक नियमित वेतनमान और पेंशन की माँग करते, तो सरकार की नजर में अयोग्य हो जाते हैं; पर अभियान के लिए योग्य कैसे हो गए ? •••• तेरे से मिलने की खुशी दर्द बन जाती है, अच्छा है, मुझसे नफ़रत करो तुम ! •••• फीके न पड़े कभी आपकी, ज़िंदगी का रंग; मुस्कराते […]

संस्मरण

श्रद्धेय योगी

मेरे दादा जी (श्रद्धेय योगेश्वर प्रसाद सत्संगी) की पुण्यतिथि पर सादर श्रद्धांजलि…. श्रद्धेय योगेश्वर प्रसाद सत्संगी (योगी) जन्मजात शाकाहारी, आदर्श कर्मयोगी और 1942 अगस्त क्रांति के अमर सेनानी थे। ध्यान और योग के अध्येता सहित जीवनपर्यंत संतमत – सत्संग और बिहार, झारखंड, नेपाल के लोगों के अंतेवासी संत महर्षि मेंहीं के विचारों और शाकाहार के […]

भाषा-साहित्य

श्रद्धेय कवि बच्चन

श्रद्धेय कवि डॉ. हरिवंशराय बच्चन की पुण्यतिथि पर सादर श्रद्धांजलि…. मधुशाला, मधुकलश, निशा-निमंत्रण (कविता-संकलन), क्या भूलूँ क्या याद करूँ (आत्मकथा) इत्यादि अमर रचनाओं के रचनाकार डॉ. हरिवंशराय बच्चन कि पुण्यतिथि (18 जनवरी) पर सादर नमन और भावभीनी श्रद्धाजंलि…. वे दो सदी के महान अभिनेता पद्म विभूषण व दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित श्रीमान अमिताभ […]

संस्मरण

कुछ स्वयं के प्रसंगश:

मेरे परिवार में सभी ‘वर्ल्ड रिकॉर्ड’ धारक हैं, तो कई सदस्य शिक्षक हैं। पिताजी एशिया बुक ऑफ रिकार्ड्स होल्डर हैं, तो माँ और अन्य परिजन लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर हैं। वहीं मैं केंद्र सरकार/राज्य प्रशासन/ जिला प्रशासन की तरफ से Padma Award के लिए nominated रहा हूँ, अब भी हूँ । भारत सरकार के […]

क्षणिका

नीम अंधेरे से शीघ्र बाहर आएंगे

यहाँ तो हाथ भी लोग तकलीफ से मिलाते हैं, दिल क्या मिलाएंगे ? •••• निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में चारों दोषियों को अब पहली फरवरी सुबह 6 बजे फाँसी दी जाएगी ! •••• “मोहनदास करमचंद गाँधी” का जन्म भले ही गुजरात, सौराष्ट्र में हुआ था, किन्तु “महात्मा गाँधी” का जन्म बिहार में हुआ […]