विविध संस्मरण

एकसमय फ़िल्मों से संन्यास ले चुके ‘अमिताभ बच्चन’ को मेरे पत्र ने उबारे थे !

भारतीय फिल्मों के महानायक श्रीमान् अमिताभ बच्चन अपने व्यक्तित्वों और कृतित्वों को लेकर हमेशा चर्चा में रहते हैं. डेब्यू फिल्म में सर्वश्रेष्ठ नवोदित अभिनेता और बुढ़ापे में भी सर्वश्रेष्ठ अभिनेता सहित 5वीं बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार प्राप्त करने हो ! बीबीसी से शताब्दी के महानायक घोषित किये जाने हो ! पद्म विभूषण […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

कई रामायण हैं, पर एक ही है ‘हनुमान चालीसा’ !

सनातन धर्म के विद्वान् धर्माचार्यों के अनुसार इतिहास में कई ‘रामायण’ ग्रन्थ का उल्लेख है, शायद 300 से ऊपर ! यथा- वाल्मीकि रामायण, कम्ब रामायण, तमिल रामायण, मॉरिशसी रामायण, रामचरितमानस इत्यादि. …..परंतु सभी रामायणों में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जन्मदिवस ‘चैत्र शुक्ल नवमी’ तिथि उद्धृत है, जिसे हिन्दू धर्मावलंबियों द्वारा ‘राम नवमी’ नाम से प्रतिवर्ष […]

राजनीति लेख विविध

माननीय श्री उद्धव ठाकरे के जीवन में अंक ‘9’ का महत्व !

महाराष्ट्र के 19वें मुख्यमंत्री के रूप में 59 बरस के श्री उद्धव बालासाहब ठाकरे ने शिवाजी पार्क में ‘मराठी’ भाषा में शपथ लिए थे. शपथग्रहण समारोह में निवर्त्तमान मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फड़णवीस, तो श्री उद्धव के चचेरे भाई श्री राज ठाकरे भी शामिल हुए. श्री उद्धव की धर्मपत्नी श्रीमती रश्मि LIC हेतु कार्य भी कर […]

राजनीति

क्या 20 जुलाई 1969 को भारत के राष्ट्रपति के शपथग्रहण संवैधानिक तरीके से नहीं हुए थे ?

20 जुलाई 1969 को मानव ने न केवल चाँद पर पहुँचे, अपितु भारत में इस तिथि क्हुओ त बड़ी घटना हो गई. क्या 20 जुलाई 1969 को भारत में न तो कोई राष्ट्रपति थे, न ही उपराष्ट्रपति? उस दिन भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश मो0 हिदायतुल्लाह जब कार्यकारी राष्ट्रपति बने, तो उनके जूनियर न्यायाधीश जे0 […]

राजनीति

क्या है ‘लॉकडाउन’ ?

पूरी दुनिया में वर्ष 2020 में नए-नए शब्दों का इज़ाद हुए व हो रहे हैं. भारत में ‘जनता कर्फ़्यू’ शब्द के ईजाद के बाद उनका क्रियान्वयन भी हुआ, जो कि 22 मार्च 2020 की रात्रि 9 बजे तक रही. राजस्थान सरकार ने 9 बजे रात्रि के बाद 31 मार्च तक के लिए पूरे राज्य में […]

अन्य संस्मरण

कोरोना डायरी (कोरोना पर पहली डायरी)

दिसम्बर 2019 ●● मनुष्यों में जो रोगाणु और अब तो विषाणु एक-दूसरे-तीसरे-चौथे, फिर अनगिनत लोगों में प्रवेश कर दुनिया को हाहाकारी अवस्था में लाकर पटक दिए हैं, इस व्यथा-कथात्मक भ्रूण भले ही दशक पुरानी है, किंतु आरंभिक केस दिसम्बर 2019 में आयी, वो भी चीन के वुहान शहर से ! पता नहीं, चमगादड़ के जूठे […]

पद्य साहित्य भजन/भावगीत

कोरोना चालीसा

■दोहा : श्रीशुरु  कोरन  रोज  रज, निज  में पकड़ू कपारी; नरनारू  रहबर  मल-मूत्र,  जो  दाई कुफल मारी। बुद्धिहीन  मन   जानकर,  सुमिरन  वुहान-कुमार; बल बुद्धि विदया लेहु मोहिं, काहु वयरस-विकार। ■चौपाई : जय  कोरूमान  विपद  सप्तसागर; जय कोरिस तिहुं परलोक उजागर। ●● मृत्युदूत अतुलनीय बल धामा; वुहानपुत्र    चीनसुत     नामा। ●● अहा ! वीर पराक्रम […]

कविता पद्य साहित्य

एक अप्रासंगिक कवि की नज़र में हिंदुस्तान

दो पैर; दो सिर. साथ दो जोड़ आठ; यानी दस हाथ. शेष प्रांत हैं परिधान; दोनों आँचल लक्षदीप-अंडमान. धोती ढील; चेहरा पिलपिल. गंजे सिर पर चढ़ाकर बोझ पाल; उगे हिमलताओं से झाड़-बाल. रहते उसपर गिद्धदृष्टिलीन; अपाक पाक-चीन. पकाते दाल; बनाते कंगाल. बह रहा बेवक़्त, हिन्द महासागरीय आँसू; तो अरबसागरीय खूं. पत्रिपर्ण अवर्ण; पाकर भी स्वर्ण; […]

कविता पद्य साहित्य

धर्म की मानवीय परिभाषा !

वो दो गरीब परिवार में जन्म लेकर; एक हिन्दू, एक इस्लाम बनकर. एक राम कहलाकर, दूजे रहीम कहाकर. एक पूस की रात, दाँत कटकटाती बात. सप्ताह के दिन सात, कि सूखे पात से कैसे ठंढक काट. फिर भी नहीं आग जली, तो शरीर गलनी थी, गली. पर आठवें दिन बनकर आई आखिरी दिन, कि साँसे […]

भाषा-साहित्य

20वीं सदी के हिंदी उपन्यासकार अनूपलाल मंडल के औपन्यासिक पुरुष-पात्रों में साहस का अभाव है !

कोई पिता के नाम से जाने जाते हैं, कोई दादा-परदादा के जमींदाराना ‘स्टेटस’ से पहचाने जाते हैं, किंतु यह पहचान पार्थिव देह की उपस्थिति तक ही संभव है । यह चरित्रानुसार व्यक्तिगत पहचान है, जिसे हम ‘व्यक्तित्व’ के दायरे में रखते हैं । किसी के स्वच्छ व्यक्तित्व हमें बेहद प्रभावित करता है, ऐसे व्यक्ति की […]