राजनीति

स्वदेशी सत्ता

विदेशी सत्ता से स्वदेशी सत्ता हस्तांतरण 15 अगस्त 1947 को हुई थी, इस दिन अंग्रेजी सत्ता के कुटीलों ने भारत को इसतरह विभाजित कर डाले कि भारत के 2 विपरीत दिशा में 1 नया देश ‘पाकिस्तान’ हो गया । जो पूर्वी तरफ था, वो पूर्वी पाकिस्तान, जो पश्चिम तरफ था, वो पश्चिम पाकिस्तान। इसतरह से […]

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पुलवामा और उरी के शहीद

कश्मीर के पुलवामा में गत वर्ष 2019 में 14 फरवरी को 44 से अधिक सीआरपीएफ के जवान शहीद हो गए थे, उनकी नृशंस हत्या पाकिस्तान ले आतंकवादियों ने कर दी थी। उनकी तीसरी बरसी पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि। ध्यातव्य है, तीस जनवरी को पूज्य बापू महात्मा गाँधी को और तेईस मार्च को सरदार भगत सिंह […]

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सबसे बड़ी दिक्कत

“मास्क तो एक प्रतीक मात्र है ! दरअसल संसार की सम्पूर्ण मानवजाति प्रकृति को मुँह दिखाने के काबिल ही नहीं हैं ! ××× चीन की चालों का जवाब है दलाई लामा ! तिब्बत को स्वतंत्र कराया जाय और दलाई लामा को मिले भारतरत्न !” एक गम्भीर व्यक्ति (लव इन डार्विन के महत्वपूर्ण पात्र) व मेरे […]

समाचार

डॉ. सदानंद पॉल ने फिर बनाया गणित पहेली ‘केपी10’

                                ■डॉ. सदानंद पॉल ने फिर बनाया गणित पहेली ‘केपी10’ ■बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने ‘इटरनेशनल रिकॉर्ड’ के रूप में किया दर्ज ■पिता कालीप्रसाद पॉल (केपी) के 76वें जन्मदिन पर 10 जनवरी को उन्हें  किए भेंट ●●● अभी 7 जनवरी से […]

आत्मकथा

खुद में ‘रोल मॉडल’ हूँ मैं !

“देश के लिए दौड़े तो किसी ने ना पूछा ! अब बागी बन गए, तो इही नाम जप रहे हैं, पान सिंह, पान सिंह !“ वहीं फिर- “जरूरी नहीं  कि हर बात  मतलब की हो ! या हर बात की  मतलब ही हो !” मैं- सदानंद पॉल। रोल मॉडल की बात जब आती है, तो […]

कविता

देखकर आइये जरा

शहीद उद्धम सिंह, जिसने जलियांवाला बाग हत्याकांड के साजिशकर्त्ता ओ’ड्वायर को खुद मृत्युदंड दिया। ××× ताजमहल मुगलों की देन है, छत्रपति शिवाजी टर्मिनस अंग्रेजों की देन ! तो हमारी क्या? ‘स्टेचू ऑफ यूनिटी’ हमारी है, देखकर आइये ज़रा ! ××× प्रसिद्ध संगीतकार “नौशाद अली” के जन्मदिवस पर सादर नमन, तो कंप्यूटर के पापा चार्ल्स बावेज़ […]

कविता

दिल को सुनिए जरा

जरूरी नहीं कि हर बात मतलब की हो ! या हर बात की मतलब ही हो ! दूध जो एक पेय सहित खाद्य पदार्थ है, यह सजीव प्राणी से निःसृत होती है । प्रश्न है, दूध शाकाहार है या मांसाहार ! हम सब जन्म से नास्तिक हैं ! उम्र ज्यों-ज्यों बढ़ती है, लोग आस्तिकता के […]

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2022 के बहाने

2022 का हार्दिक अभिनंदन, ऐसे में जारी सप्ताह कई महापुरुषों के जन्मदिवस होने के साक्ष्य लिए हैं। तिथि 20 दिसम्बर को संतमत सत्संग के आचार्य रहे महर्षि संतसेवी परमहंस की जयंती रही। वहीं 22 दिसम्बर तारीख को भारत के महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती, जिसे ‘राष्ट्रीय गणित दिवस’ के रूप में मनाया गया। फिर 23 […]

कविता

मस्ती में जिया करो जिंदगी

अक्सर वही दीये हाथों को जलाते हैं; जिसे हम हवा से बचा कर रखते हैं ! सोचता हूँ, दोस्तों पे मुकद्दमा कर दूँ; कि इसी बहाने तारीख पे मुलाकात तो होगी ! ज़िन्दगी तो हमें सा रे ग म सीखा रही थी; एक हम ही हैं, जो ‘सारे गम’ ले लिये ! सफलता का कोई […]

कविता

मेरे पास जबरा नहीं है

‘पूस की रात’ कटे कैसे ? न मेरे पास जबरा है, न तो मुन्नी ! एक ‘कम्बल’ है भी तो बकाए के। जिनके पैसे माँगने सहना भी तो आ गए आज ही ! आज एन्टी-प्रेमचंद जैसे कथाकार की जरूरत है, जो ‘पूस का दिन’ लिखे ! पूस के इन दिनों जो कड़ाके की ठंढ पड़ […]