इतिहास

असरदार पटेल !

देश के पहले गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्मदिन 31 अक्टूबर को प्रतिवर्ष हम राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाते हैं । देश को एकता में बाँधे रखने के लिए न चाहकर भी ‘डिक्टेटरशिप’ आवश्यक है! पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी ने भारत विभाजन का ज़िम्मेदार सरदार पटेल को बता […]

इतिहास

22 मार्च 1912 को ‘बिहार’ नहीं बना था ?

…..पर 22 मार्च 1912 को ‘बिहार’ नहीं बना था ? बिहार सरकार वर्ष- 2010 से 22 मार्च को ‘बिहार दिवस’ के रूप में मनाते आ रहा है । परंतु 22.03.1912 को बिहार की स्थापना का ज़िक्र सही नहीं है । अगर 12.12.1911 में ब्रिटिश सम्राट के दिल्ली दरबार में बंगाल से बिहार को उड़ीसा के […]

हास्य व्यंग्य

बुरा मान भी लोगे तो क्या उखाड़ लोगे !?

अंतरिक्ष से रंगे सियार को खबर आई है कि इसबार एलियन बंधुओं ने मनिहारी मार्किट, मनसाही हाट और गुलाबबाग मंडी से लेकर कोलकाता बिगमार्किट, दिल्ली चाँदनी चौक तक से बड़ी संख्या में पिचकारी खरीदे हैं, जिनमें उनके कफ़, नेटा, थूक etc से मिले रंग होंगे, जिनकी बौछारें वे भारतवासियों पर छोड़ेंगे ! रंगबाजों के रंगपर्व […]

अन्य लेख

‘टाइम’ और ‘सक्सेस’ मालिक नहीं, सिर्फ़ दास है !

संसारभर के प्रायः मानव-समाज आज सिर्फ़ माया की दानवी विनाशलीला से नहीं, आपितु महामारी से ग्रस्त हो त्रस्त हो रहे हैं । सर्वत्र लूट, मारकाट, हाहाकार, अत्याचार, बलात्कार की घटनाएँ होती ही रहती हैं । ऐसी विषम परिस्थिति में संतसेवी स्वामी का उद्घोष है- ‘जबतक किसी देश का आध्यात्मिक स्तर ऊँचा नहीं होगा, तबतक समाज […]

विज्ञान

आगामी अभाज्य संख्याएँ यानी Prime Numbers जानने के अद्भुत तरीके !

गणित विषय विज्ञान (Science) है, तो कला (Art) भी है। गणित में सबसे जटिल है, अभाज्य संख्याएँ (Prime Numbers) ! जिसे जानने और आगामी अभाज्य संख्याओं को ज्ञात करने के तरीके को यहाँ जानने का प्रयास की जा रही है, यथा- * खुद और ‘1’ के अतिरिक्त वैसी संख्या, जो किसी भी संख्या से विभाजित […]

इतिहास

ताजमहल के निमाता कौन थे, यह यक्षप्रश्न नहीं बननी चाहिए !

विदेशी मुस्लिम आक्रांताओं के भारत में प्रवेश यहाँ की संपत्ति और स्थापत्यों को लूटने के उद्देश्य से ही हुए थे ! वे सब मुगलों के मातृ और पितृ पक्ष के अग्र-वंशज (पूर्वज) थे और वे भी प्रथमतः भारत को लूटने के ख्याल से ही देश के हिन्दू राजाओं (सिर्फ ‘राजपूत’ नहीं, स्थान विशेष लिए ‘अन्य’ […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

‘कतकी पूनो’ से गुरु नानक पूर्णिमा और आगे भी….

सनातन हिन्दू धर्मावलम्बियों के महान तीर्थ ‘गंगा स्नान’ की महत्ता कार्तिक पूर्णिमा के दिवा – रात्रि और भी बढ़ जाती है । आषाढ़ व शरद पूर्णिमा के दिन ‘वेदव्यास’ का जन्म हुआ था और इस पूर्णिमा को कालांतर में ‘गुरु’ पूर्णिमा कहा गया, किन्तु वेदव्यास के जन्म से पहले कार्तिक पूर्णिमा यानी अपनी ‘कतकी पूनो’ […]

इतिहास

महर्षि संतसेवी परमहंस की जन्मशताब्दी

बिहार, झारखंड, पूर्वांचल, प. बंगाल के पश्चिमी क्षेत्र और नेपाल, भूटान, जापान तक फैले संतमत सत्संगियों के आदर्श सद्गुरुदेव ब्रह्मलीन महर्षि मेंहीं परमहंस के उत्तराधिकारी महर्षि संतसेवी जी का जन्म 20 दिसम्बर 1920 को बिहार के मधेपुरा जिला के गम्हरिया में कायस्थकुल में जन्म लिए ‘महावीर लाल’ ही महर्षि मेंहीं के सान्निध्य में ‘संतसेवी’ हो […]

इतिहास

20वीं सदी के बुद्ध थे ‘महर्षि मेंहीं परमहंस’

कोई भी ‘संत’ स्थान, धर्म और काल विशेष से परे होते हैं, बावजूद बिहार, झारखंड आदि राज्यों व नेपाल, जापान आदि देशों में लोकप्रिय संत महर्षि मेंहीं और उनके आध्यात्मिक-प्रवचन से भारत के राष्ट्रपति डॉ. शर्मा, प्रधानमन्त्री श्री वाजपेयी सहित कई राज्यो के राज्यपाल, मुख्यमंत्री , नेपाल के महाराजा सहित अनेक व्यक्ति प्रभावित हुए हैं […]

राजनीति

इंदिरा गांधी की फीकी रही थी जन्मशताब्दी !

कमला कौल की इंदु, शांतिनिकेतन की प्रियदर्शिनी, बापू की मानसपुत्री, जमाहिरलाल की जैविक पुत्री, १९७१ की लौह महिला, आपातकाल की महारानी, १६ वर्ष भारत की प्रधानमंत्री रही जीवित किंवदंती “इंदिरा नेहरू गाँधी” विवाद की भी साम्राज्ञी रही हैं । १९ नवम्बर को न केवल उनकी जन्म – जयंती है, अपितु जन्म – शताब्दी (१९ नवम्बर […]